महिलाओं को 35 की उम्र के बाद एक-दो साल के गैप में कुछ हेल्‍थ चेकअप जरूर कराने चाहिए। ये चेकअप बढती उम्र के साथ होने वाली बीमारियों के प्रति महिलाओं पहले ही सचेत कर देते हैं। जिससे सही समय पर इलाज और सावधानियां अपनाकर बीमारियों से बचा जा सकता है।

विशेषज्ञ डॉक्टर के अनुसार, बचपन से युवावस्था तक शरीर एनर्जी से भरपूर होता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह एनर्जी कम होने लगती है और 40 पार होते-होते परेशानियों का सिलसिला बढ़ने लगता है। महिलाओं में स्थितियां थोड़ी ज्यादा जटिल होती हैं। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में हडि्डयां कमजोर होने लगती हैंं। ऐसा इसलिए क्‍योंकि हमारी हड्डियां कैल्शियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन के अलावा कई प्रकार के मिनरल्स से बनी होती है। बढ़ती उम्र के साथ ये पोषक तत्व कम होने लगते हैं, जिससे हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि छोटी-सी चोट भी फ्रैक्चर का कारण बन जाता है। 

डॉक्‍टर माधुरी बुरंडे लाहा सलाहकार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, मदरहूड अस्पताल, खराड़ी का कहना है कि ''महिलाओं में बढती उम्र के साथ बीमारी होने का कारण महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलित होना है। महिलाओं के शरीर में कुछ ऐसे हार्मोंस होते हैं, जो उन्हें इस बीमारी से दूर रखते हैं, लेकिन जब बढ़ती उम्र में इन हार्मोंस का बनना कम होने लगता है तो बीमारी की आशंका भी बढ़ जाती है। इसके अलावा मां बनने के बाद महिलाएं अपने बच्चों को ब्रेस्‍टफीडिंग करवाती हैं, जिससे उनके शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है। इसलिए 40 के उम्र के बाद हर महिलाओं ने गायनी से सलाह लेकर विटामिन दवाओं का सेवन करना चाहिए।'' डॉक्‍टर माधुरी बुरंडे लाहा जी से जानें बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को कौन-कौन से जरूरी टेस्‍ट कराने चाहिए।

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35 की उम्र के बाद महिलओं के लिए जरूरी टेस्‍ट

  1. थायरॉयड टेस्ट
  2. पैप स्मीयर टेस्ट
  3. बोन डेंसिटी टेस्‍ट 
  4. ब्रेस्ट कैंसर टेस्‍ट 
  5. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

थायरॉयड टेस्ट

thyroid test inside

बढती उम्र के साथ हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं में सबसे ज्‍यादा समस्‍या थायरॉयड की देखी जाती है। इसलिए 35 की उम्र के बाद अचानक से वजन बढना, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, तनाव, मन उदास रहना जैसे लक्षण दिखेंं तो महिलाओं को तुरंत थायरॉयड की जांचकरानी चाहिए। इसलिए लिए आपको ब्‍लड टेस्‍ट कराने की जरूरत पड़ती है। 

पैप स्मीयर टेस्ट

pep smear test inside

35 की उम्र के बाद हर महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए बढ़ती उम्र की हर महिला को हर दो साल में एक बार पैप स्मीयर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। ये जांच करवाने से गर्भाशय और कोशिकाओं में सूजन या संक्रमण का पता चलता है जोकि सर्वाइकल कैंसर का लक्षण होता है। इस टेस्ट के लिए गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं से सैंपल निकाला जाता है। समय रहते बीमारी का पता चलने से तुरंत इलाज से जल्दी ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

बोन डेंसिटी टेस्‍ट

bones test inside

जैसा कि हम आपको बता चुके हैंं कि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में हडि्डयां कमजोर होने लगती हैंं और कमजोरी के कारण छोटे-मोटे झटके या चोट लगने पर इनके टूटने की संभावना बढ़ जाती है। फ्रैक्चर ज्यादातर हिप्‍स, कलाई या रीढ़ की हड्डी में होते हैं। इसलिए महिलाओं के लिए बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्‍ट उपलब्ध हैंं। बोन मिनरल डेंसिटी टेस्‍ट हडिड्यों की मजबूती जांचने के लिए किया जाता है। इससे हड्डियों में मौजूद कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है। ऐसे में बोन डेंसिटी टेस्‍ट 35 की उम्र के बाद वाली महिलाओं को जरूर करवाना चाहिए।

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ब्रेस्ट कैंसर

breast cancer test inside

महिलाओं को होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है और बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बहुत ज्‍यादा होता है। भारत की बात करें तो हमारे देश में 25 से 32 प्रतिशत महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही हैं। ऐसे में अगर नियमित रूप से ब्रेस्ट की जांच की जाए तो शुरुआती स्टेज में ही कैंसर का पता लगाया जा सकता है और इसे जानलेवा बनने से रोका जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर टेस्‍ट के लिए मेमोग्राफी की जाती है। 40 के बाद महिलाओं को हर दो साल में मेमोग्राफी कराना चाहिए।

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कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

cholestrol test inside

शरीर की मेटाबॉलिक क्रिया को संतुलित रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल अनिवार्य घटक है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा दिल की समस्याओं का कारण भी बन जाती है। जिससे हार्ट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए साल में एक बार ब्‍लड टेस्‍ट कराना चाहिए। हाई कोलेस्ट्रॉल का आमतौर पर कोई संकेत या लक्षण नहीं दिखता है। आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई है या नहीं और हार्ट रोगों के संभावित खतरों का पता लगाने के लिए कोलेस्ट्रॉल टेस्टकिया जाता है। अगर कोलेस्ट्रोल 130 से ज्यादा हो, तो यह चिंता की बात है।

अगर आपकी उम्र भी 35 से ज्‍यादा है तो हेल्‍दी और फिट रहने के लिए आपको भी यह टेस्‍ट रेगुलर कराने चाहिए। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।

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