हिंसा के खिलाफ FightBack


आए दिन न्यूजपेपर में दिखने वाली हेडलाइन्स किसी महिला के लिए जिंदगी की खौफनाक यादें होती हैं। खबरों में दिखने वाले आंकड़े, असल जिंदगी में महिलाओं के नाम होते हैं। बच्ची से लेकर बूढ़ी तक, हर महिला के साथ हुई है कोई ना कोई घटना।
हर महिला ने एब्यूज के रूप में झेली है हार, लेकिन यह नहीं है स्वीकार। आइए मिलकर करते हैं FightBack...
हम क्यों करें FightBack?
आपके शहर में क्राइम
National Crime Records Bureau (NCRB) की 2022 की रिपोर्ट कहती है कि कोलकाता अभी भी सबसे सुरक्षित शहर है। 1 लाख लोगों में 103 केस होते हैं। जब कोलकाता में ऐसा केस हुआ, तो सोचिए बाकी शहरों का हाल...
दिल्ली
- महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहर
- साल भर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले 18596
- महिलाओं के खिलाफ क्राइम रेट 186.9
- क्राइम : यौन उत्पीड़न, बलात्कार, कत्ल, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, शोषण
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स और रीडर्स
बदलाव के लिए एक नया प्लेटफॉर्म
महिलाओं को सुरक्षा के लिए कब तक करना पड़ेगा इंतजार? सुरक्षा कोई मजाक नहीं हक है हमारा, पढ़िए ऐसी महिलाओं की कहानियां जिन्होंने अपने सम्मान के लिए किया Fightback और बदला समाज का नजरिया। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें Herzindagi Fightback पेज पर और बनें इस पहल का हिस्सा। #Fightback
आपका Pledge बहुत महत्वपूर्ण है! इस अभियान के तहत एकत्र की गई सभी Pledge महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के महत्वपूर्ण लोगों तक पहुंचाए जाएंगे, ताकि मिलकर बदलाव लाया जा सके।


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