ह‍ड्डियों में कमजोरी पहले के समय में बढ़ती उम्र के साथ होती थी लेकिन आजकल की लाइफस्‍टाइल के चलते कम उम्र की महिलाओं की हड्डियों में कमजोरी आने लगी है। लेकिन हड्डियों का मजबूत होना बहुत जरूरी है। अगर आपकी हड्डियां कमजोर हो जाएगी तो इससे आपके डेली रूटीन पर असर पड़ने लगेगा। जी हां चलने, दौड़ने या किसी भी काम को करने में कठिनाई होगी। हालांकि हड्डियों की मजबूती के लिए हेल्‍दी डाइट लेना जरूरी होता है। खासतौर पर कैल्शियम युक्‍त फूड लेना बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन इसके साथ ही कई योगासन भी असरकार होते हैं और जिन्‍हें रेगुलर करने से आपकी हड्डियां मजबूत होने के साथ-साथ आपको और भी कई तरह के हेल्‍थ बेनिफिट्स मिलते हैं। आइए जानें कौन सी है ये एक्‍सरसाइज।

Read more: उन स्पेशल पलों में इंटिमेसी बढ़ाने के लिए करें ये 5 सिंपल योगासन

चक्रासन
exercise for healthy bones inside

इस आसन को करने पर आपकी मुद्रा चक्र के तरह हो जाती है इसलिए इसे चक्रासन कहा जाता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को घुटने से मोड़ें जिससे एड़ी हिप्स को छुए और पंजे जमीन पर हो। अब गहरी सांस लेते हुए कंधे, कमर और पैर को ऊपर की ओर उठाएं। इस प्रक्रिया के दौरान गहरी सांस लें और छोड़ें। फिर हिप्स से लेकर कंधे तक के भाग को जितना हो सके ऊपर उठाने का प्रयास करें। कुछ देर बाद नीचे आ जाएं और अपनी सांसों को नॉर्मल कर लें।

त्रिकोणासन
exercise for healthy bones inside

त्रिकोण' का अर्थ होता है त्रिभुज और आसन का अर्थ योग है। इसका मतलब यह हुआ कि इस आसन में शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है, इसीलिए इसका नाम त्रिकोणासन रखा गया है। इस आसन को करने से आप अपनी हड्डियों को मजबूत रख सकती हैं। इसके अलावा इस योग को करने से कमर दर्द को कम करने और मोटापा कम करने के साथ-साथ डायबिटीज को काबू करने में बड़ी भूमिका निभाता है। इस योग को करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और फिर दोनों हाथों को कंधे की चौड़ाई में सीधा कर लें। अब दाई तरफ झुकते हुए हाथ को अंगुठे तक लाएं और थोड़ी देर उसी अवस्था में रहें। इसी प्रक्रिया को दूसरी तरफ से भी करें। 

वृक्षासन
exercise for healthy bones inside

वृक्षासन दो शब्द मिलकर बना है 'वृक्ष' का अर्थ पेड़ और आसन योग मुद्रा की और दर्शाता है। इस आसन की अंतिम मुद्रा एकदम अटल होती है, जो वृक्ष की आकृति की लगती है, इसीलिए इसे यह नाम दिया गया है। इस योग को करने पेड़ की तरह तनकर खड़े हो जाइए। फिर शरीर का भार अपने पैरों पर डाल दीजिए और दाएं पैर को मोड़िये। दाएं पैर के तलवे को घुटनों के ऊपर ले जाकर बाएं पैर से लगाइये। दोनों हथेलियों को प्रार्थना मुद्रा में लाइये। अपने दाएं पैर के तलवे से बाएं पैर को दबाइए और बाएं पैर के तलवे को जमीन की ओर दबाइए। सांस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाइये। सिर को सीधा रखिए और सामने की ओर देखिये। 20 मिनट तक इस पोजिशन में रुके रहें।

सेतुबंधासन
exercise for healthy bones inside

अपनी मांसपेशियों और अंगों को स्‍ट्रेच करते हुए, इस आसन से शरीर की हड्डियों में मजबूती आती है। नई सेल्‍स का विकास अच्‍छी तरह होता है। इस आसन को सेतु बंधासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर पुल की आकृति बनाता है। सेतुबंधासन एक ऐसा आसन है जो थॉयराइड, कमर दर्द और नर्वस सिस्‍टम सहित शरीर की कई अन्य समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ लें। घुटने और पैर एक सीध में रहें। लेकिन ध्‍यान रखें कि दोनों पैरों के बीच फासला हो। हाथ शरीर से सटे हुए और हथेलियां जमीन पर हो। सांस लेते हुए, धीरे से अपनी पीठ के निचले, मध्य और फिर सबसे ऊपरी हिस्से को जमीन से उठाएं। धीरे से अपने कंधों को अंदर की ओर लें। इस दौरान शरीर के निचले हिस्से को स्थिर रखें। दोनों थाई एक साथ रहें। चाहें तो, इस दौरान आप अपने हाथों के सहारे शरीर के ऊपरी हिस्से को उठा सकते हैं। अपनी कमर को अपने हाथों का सहारा भी दे सकते हैं। आसन को 1 से 2 मिनट बनाएं रखें। सांस छोड़ते हुए आसन से बाहर आ जाएं।

Read more: कृतिका कामरा से जानिए योगा करने के फायदे

भुजंगासन

सूर्य नमस्‍कार करते समय भुजंगासन किया जाता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं और लोअर-बैक सपोर्ट भी अच्‍छा हो जाता है। इसे करने से कलाईयों की हड्डियों में मजबूती आ जाती है और उंगलियां भी गठिया रहित हो जाती हैं। इस आसन को करने के लिए पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं और दोनों हाथों को माथे के नीचे रखें। दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। अब माथे को सामने की ओर उठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समानांतर रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़े। अब शरीर के ऊपरी हिस्से को बाजुओं के सहारे उठाएं। शरीर को स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें। कुछ पल इसी अवस्था में रहने के बाद वापस पेट के बल लेट जाएं।

इन योगासन को रोजाना करने से आप भी अपनी हड्डियों को मजबूत बना पाएंगी।