वेजाइना ड्राईनेस को आमतौर पर जेनिटोरिनरी सिंड्रोम, एट्रोफिक वैजिनाइटिस या वेजाइनल एट्रोफी के रूप में जाना जाता है। 51 से 60 वर्ष की आयु की पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में से आधी वेजाइना में ड्राईनेस से परेशान होती हैं।

मेनोपॉज के दौरान आपके शरीर के एस्ट्रोजन के लेवल में सामान्य गिरावट के कारण, वेजानइल टिशू पतले हो जाते हैं और अधिक आसानी से सूजन आ जाती है। अगर आप भी मेनोपॉज के बाद वेजाइना की ड्राईनेस से परेशान हैं, तो एक्‍सपर्ट से जानें कि इस स्थिति से कैसे निपटा जा सकता है। 

मदरहुड हॉस्पिटल्स, इंदौर, मध्य प्रदेश कंसल्‍टेंट ऑब्स्टट्रिशन एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्‍टर आस्था जैन माथुर के अनुसार, "यह समस्या काफी अप्रिय है और वेजाइना को ड्राई, खुजली या जलन महसूस करा सकती है, जो सेक्‍सुअल रिलेशनशीप के दौरान दर्दनाक हो सकती है। आपको सामान्य से अधिक बार यूरिन करने की भी आवश्यकता महसूस हो सकती है या आप लगातार यूरिन ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन (यूटीआई) से पीड़ित हो सकते हैं। जब आप यूरिन करते हैं, तो वेजाइना का ड्राईनेस कुछ असुविधा पैदा कर सकता है।"

vaginal dryness after menopause

मेनोपॉज़ के बाद

मेनोपॉज की औसत आयु 51 वर्ष है और मेनोपॉज के बाद महिलाएं शरीर में परिवर्तन महसूस करती है। ओवरीज स्त्रैण हार्मोन एस्ट्रोजन का उत्पादन बंद कर देती हैं और इसके लेवल गिरने लगते हैं। सेक्‍सुअल एक्टिविटी के दौरान कम लुब्रिकेशन वेजाइना में एस्ट्रोजन की कमीके पहले संकेतों में से एक है।

वल्वा और वेजाइना की त्वचा और सहायक टिशू एस्ट्रोजन के बिना पतले और कम लोचदार हो जाते हैं और वेजाइना ड्राई हो सकती है। सभी पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में से लगभग आधी वेजाइना के ड्राईनेस से पीड़ित होती हैं।

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मेनोपॉज के अलावा, कई नए कारक हैं जो वेजाइना में ड्राईनेस में योगदान करते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • ब्रेस्‍टफीडिंग 
  • कुछ दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट या ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव 
  • कीमोथेरपी
  • हिस्टेरेक्टॉमी
  • भावनात्मक प्रभाव

वेजाइना में ड्राईनेस महिलाओं पर भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा शारीरिक परिवर्तनों को स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है और इस स्थिति से उत्पन्न दर्द और परेशानी से आत्म-सम्मान और सेक्‍सुअल आत्मविश्वास का नुकसान हो सकता है।

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वेजाइनल डिस्चार्ज

कई महिलाएं यह भी देखती हैं कि उनका वेजाइनल डिस्चार्जबदल जाता है। वह पानीदार, फीका पड़ जाता है और थोड़ा बदबूदार हो जाता है और उन्हें असुविधा और जलन हो सकती हैं। ये लक्षण खतरनाक हो सकते हैं, लेकिन ये केवल हार्मोन असंतुलन का परिणाम हैं और बहुत गंभीर नहीं हैं।

लुब्रिकेशन का कम होना 

मेनोपॉज के बाद लुब्रिकेशन की समस्या बढ़ जाती है और वेजाइना के आस-पास की त्वचा के पतले होने से इसके डैमेज होने की संभावना अधिक होती है। सेक्‍सुअल रिलेशनशीप के दौरान इस प्रकार का डैमेज बहुत आम है, खासकर अगर लुब्रिकेशन कमजोर है। यहां तक कि मध्यम संपर्क भी दर्द और पीड़ा का कारण बन सकता है। इसके अलावा दर्दनाक सेक्‍सुअल रिलेशनशीप सेक्‍सुशल इच्छा की कमी का कारण भी बनता है।

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बेचैनी या दर्द

कई स्थितियों में, वेजाइना ड्राईनेस न केवल सेक्‍सुअल रिलेशनशीप के दौरान दर्द का कारण बनती है, बल्कि बैठना, खड़े होना, एक्‍सरसाइज करना, यूरिन करना या काम करना भी मुश्किल बना सकती है। महिला चाहे सेक्‍सुअल रूप से एक्टिव हो या नहीं, वेजाइना में ड्राईनेस उसके दैनिक जीवन पर प्रभाव डाल सकती है। यह किसी के जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

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वेजाइनल ड्राईनेस ट्रीटमेंट

आपका डॉक्टर आपको ऐसी दवाओं का उपयोग करने की सलाह दे सकता है, जिससे मेनोपॉज के जेनिटोरिनरी सिंड्रोम के कारण वेजाइना ड्राईनेस और दर्दनाक सेक्‍सुअल रिलेशनशीप (डिस्पेरेनिया) का इलाज किया जा सके। कुछ मॉइश्चराइज़र, लुब्रिकेंट्स, क्रीम या दवाएं वेजाइना के हेल्‍दी टिशूओं को बनाए रखने में मदद करती हैं और सेक्‍सुअल रिलेशनशीप के दौरान असुविधा या दर्द को कम करती हैं।

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एस्ट्रोजन का लेवल गिरने से वेजाइना की मसल्‍स समय के साथ कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में कीगल एक्‍सरसाइज टाइट मसल्‍स को आराम देने और कमजोर मसल्‍स को मजबूत करने में मदद करती है। यह एक्‍सरसाइज सर्विक्‍स में ब्‍लड फ्लो को बढ़ाने में भी मदद करती है।

अधिक परेशानी के लिए या फिर भी किसी महिला को कठिनाई हो रही हो तो उन्‍हें गायनेकोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए। डॉक्टर उसे वैकल्पिक उपचार विकल्पों पर सलाह दे सकते हैं जो उपलब्ध हो सकते हैं।

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