फिट और एक्टिव रहने के लिए वॉकिंग को हमेशा से ही सबसे अच्‍छी और फायदेमंद एक्सरसाइज माना जाता है। इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि आप इसे कभी भी और कहीं भी बहुत आसानी से कर सकती हैं और इसे हर उम्र की महिला कर सकती है। लेकिन आज हम आपको एक अलग अंदाज में वॉक करने का तरीका बता रहे हैं और इसकी जानकारी हमें बॉलीवुड की फेमस एक्‍ट्रेस भाग्‍यश्री के इंस्‍टाग्राम अकाउंट को देखने के बाद मिली। 

जी हां 'मैंने प्‍यार किया' में सलमान खान की एक्‍ट्रेस भाग्‍यश्री इंस्‍टाग्राम पर एक्विट रहती हैं और हर मंगलवार को अपने फैन्‍स के साथ ब्‍यूटी और हेल्‍थ से जुड़े नुस्‍खे शेयर करती हैं। कुछ दिनों पहले उन्‍होंने उल्‍टे वॉक करने के फायदों के बारे में बताया था। आपको सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा। लेकिन भाग्‍यश्री इसके इतने सारे फायदे बताए हैं कि आप भी जानकर हैरान हो जाएंगी।

भाग्‍यश्री ने बताया उल्‍टा वॉक करने केे फायदेे

 
 
 
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भाग्‍यश्री ने इसके फायदे बताते हुए कैप्‍शन में लिखा, ''आपके मन में यही सवाल आ रहा होगा भला उल्‍टा क्‍यों चलना? जब कोई मुश्किल से आगे चलने के लिए समय निकाल पाता है। तो जवाब आपकी न्यूरोलॉजिकल फिजियोलॉजिकल फिटनेस से अधिक लाभ पाने की आवश्यकता पर है। हम सभी ने बहुत बार पढ़ा है कि आपके शरीर को एक निश्चित एक्‍सरसाइज की आदत हो जाती है, और अवचेतन मन-मूवमेंट को संभाल लेता है। यह केवल तब होता है जब आप कुछ अलग करते हैं, मन को उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खुद को फिर से तैयार करना पड़ता है।''

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आगे उन्‍होंने बताया कि ''यह एक सिद्ध तथ्य है कि एक्‍सरसाइज करने से अल्जाइमर, भूलने की बीमारी और किसी भी ऐसे मानसिक मेटाबॉलिज्‍म में देरी होती है जो उम्र या आनुवंशिक कारकों के साथ आपको हो सकती है। पीछे की ओर चलने से इंद्रियां तेज होती हैं, समन्वय और मानसिक स्पष्टता में सुधार होता है।''

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घुटनों पर कम पड़ता है प्रेशर

walking benefits inside

उल्‍टा वॉक करने से आपके घुटनों पर कम प्रेशर पड़ता है, क्योंकि इसमें घुटने के जोड़ों की गति को कम सीमा की आवश्यकता होती है। इस तरह से घुटने की चोट या कमजोर घुटनों वाले लोगों के लिए यह एक्‍सरसाइज का एक बहुत अच्छा रूप है। कम प्रेशर का मतलब है पीठ के निचले हिस्से में दर्द से राहत और हैमस्ट्रिंग के लचीलेपन में सुधार।

लेकिन इस एक्‍सरसाइज को करते समय किसी का आपके साथ रहना बहुत महत्वपूर्ण है जो आपका मार्गदर्शन कर सकता है और आपकी 'आंखें' बन सकती हैं, ताकि आप किसी भी चीज या किसी से टकरा न जाएं। धीरे-धीरे शुरू करें और फिर धीरे-धीरे स्‍पीड बढ़ाएं। एक्‍सरसाइज का यह रूप कई अप्रयुक्त मसल्‍स को एक्टिव करता है, नियमित रूप से क्वाड और हैमस्ट्रिंग वर्कआउट से ज्‍यादा आपके पैरों को मजबूत करता है।

बढ़ता है एनर्जी लेवल

रेगुलर इस एक्‍सरसाइज को करने से आपका एनर्जी का लेवल बढ़ता है जो आपके मेटाबॉलिज्‍म को मजबूत करता है। हम जानते हैं कि किसी भी रेगुलर एक्‍सरसाइज की तुलना में इसे करने के लिए अधिक चुनौती और फोकस की आवश्यकता होती है और यह आपकी हार्ट रेट को तेज करती है। यह मेटाबॉलिज्‍म को बढ़ावा देने के साथ ही दिल को मजबूत बनाने के लिए उत्कृष्ट है। शरीर की चेतना और बढ़ी हुई जागरूकता से आपको ज्‍यादा फायदा हो सकता है।

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उल्‍टा वॉक करने के 10 फायदे

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  1. मेटाबालिज्‍म में सुधार करता है।
  2. कम प्रयुक्त पैर की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
  3. समन्वय और मानसिक स्पष्टता में सुधार करता है।
  4. घुटनों पर स्‍ट्रेच में कमी आती है।
  5. शरीर की चेतना को बढ़ाता है और इंद्रियों को तेज करता है।
  6. पीठ के निचले हिस्से में दर्द कम हो जाता है।
  7. वजन कम करता है।
  8. ऊर्जा स्तर बढ़ाता है।
  9. नींद में सुधार करता है।
  10. दिल को मजबूत बनाता है।

फिटनेस का नया तरीका, आगे बढ़ने के बाद आप पीछे की ओर चलते हैं। खुद को उर्जावान करें। फिटनेस से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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