अमूमन महिलाएं खुद को फिट रखने के लिए अपने खानपान पर विशेष रूप से फोकस करती हैं। खासतौर से, वह अपने वजन को लेकर काफी कॉन्शियस रहती हैं और जब उनका वजन बढ़ने लगता है तो ऐसे में वह तरह-तरह की डाइट लेने लगती हैं। इन्हीं डाइट में से एक है लो कॉर्ब डाइट। जिसे अक्सर वजन कम करने के लिए फॉलो किया जाता है। लो कार्ब डाइट की एक खास बात यह भी होती है कि यह डायबिटीज के लोगों के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि यह इंसुलिन रेसिसटेंस को कम करता है।

जब आप लो कार्ब डाइट पर होते हैं तो ऐसे में आप कुछ खास तरह के फूड्स को अपनी डाइट से बाहर कर देते हैं। इससे आपको बार-बार फूड क्रेविंग नहीं होती है और आप ओवरईटिंग से बच जाती हैं। इस तरह आपको वजन को कम करने व उसे मेंटेन करने में आसानी होती है। हालांकि, कई बार यह देखा जाता है कि लो कार्ब डाइट पर महिलाएं कुछ गलतियां कर बैठती हैं, जिससे उन्हें वह लाभ नहीं मिल पाता, जो वास्तव में मिलना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल के ईएसआईसी अस्पताल की डायटीशियन रितु पुरी आपको कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में बता रही हैं, जिन्हें आपको लो-कार्ब डाइट पर रहते हुए बचना चाहिए-

प्रोटीन इनटेक को डबल कर देना

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यह तो हम सभी जानते हैं कि प्रोटीन एक बहुत ही महत्वपूर्ण मैक्रोन्यूट्रिएंट है और इसे पर्याप्त मात्रा में लिया जाना बेहद आवश्यक है। हालांकि, यह देखा जाता है कि जब लोग लो-कार्ब डाइट पर होते हैं तो अपने प्रोटीन इनटेक को एकदम से डबल कर देते हैं। जबकि वास्तव में आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आप लगातार आवश्यकता से अधिक प्रोटीन का इनटेक करते हैं तो इससे एक समय के बाद प्रोटीन भी ग्लूकोज में बदल जाता है और बॉडी में फैट की तरह स्टोर हो जाता है। इस तरह आप वजन कम करने की जगह वेट गेन करने लगती हैं।

फैट्स से दूरी बनाना

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जो महिलाएं अपने वजन को कम करने के लिए लो-कार्ब डाइट पर होती है तो वह फैट्स से भी दूरी बनाने लग जाती है। उन्हें लगता है कि इससे उनका वेट लॉस प्रोसेस स्पीडअप हो जाएगा। जबकि ऐसा नहीं है। एक बात ध्यान रखें कि आप अपने फैट को पूरी तरह से कट डाउन ना करें। अगर आप लो-कार्ब डाइट में फैट सॉल्यूबल विटामिन व न्यूट्रिएंट्स का सेवन करती हैं, लेकिन आपकी डाइट में फैट ही नहीं है तो इससे विटामिन डाइजेस्ट या अब्जॉर्ब नहीं हो पाते। जिससे आपको कई तरह के न्यूट्रिएशन डेफिशिएंसी भी हो जाती है और लो कार्ब डाइट से भी किसी तरह का फायदा नहीं होता।

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कैलोरी को कट डाउन करना

कुछ महिलाएं ऐसा भी समझती हैं कि अगर वह लो कार्ब डाइट व पर हैं तो उन्हें कैलोरी को भी पूरी तरह से कट डाउन कर देना चाहिए। मसलन, वह पूरा दिन सूप का ही सेवन करती हैं या फिर दिन में केवल दो बार ही मील लेती हैं। जबकि वास्तव में आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। लो कार्ब डाइट का अर्थ होता है, अपनी डाइट से कार्ब्स को कट डाउन करना। लेकिन आपको अपनी शरीर की प्रतिदिन की कैलोरी आवश्यकता को अवश्य पूरा करना चाहिए। कैलोरी के माध्यम से ही आप अपनी प्रतिदिन के कार्यों को पूरा कर पाती है। इसलिए, कार्ब्स करने के लिए आप रोटी, चावल या अन्य ग्रेन पोर्शन को कम कर दीजिए। वहीं, दालें, सलाद, दही, सब्जियां आदि आपको नार्मल ही खानी चाहिए।

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मील्स को स्किप करना

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जब लोग लो कार्ब डाइट पर होते हैं तो अपनी कार्ब्स की मात्रा को कम करने के लिए मील्स को ही स्किप करना शुरू कर देते हैं। मसलन, कभी वह ब्रेकफास्ट नहीं करते तो कभी डिनर को स्किप कर देते हैं। जबकि, यह एक हेल्दी प्रैक्टिस नहीं है। जरूरी है कि आप हर दिन पांच मील अवश्य लें। जिसमें तीन मुख्य मील व दो स्मॉल मील लें। बेहतर होगा कि आप अपनी मील में क्या खा रही हैं, उस पर अधिक फोकस करें, बजाय मील को स्किप करने के। आप मील्स में कॉर्ब्स को कम करने के लिए दाल, दही, सब्जियों व फ्रूट्स आदि का सेवन अधिक करें।

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