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हार्मोन को बैलेंस करने के लिए महिलाएं अपनाएं ये नेचुरल हेल्‍थ टूल किट

अगर आप हार्मोन को बैलेंस करने के उपायों की खोज कर रही हैं तो एक्‍सपर्ट के बताए नेचुरल हेल्‍थ टूल किट को अपनाएं। 
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hormonal health tool kit

हार्मोन का हमारे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ये केमिकल मैसेंजर आपकी भूख, वजन और मूड को नियंत्रित करने के साथ-साथ अन्य चीजों में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

आमतौर पर, आपके एंडोक्राइन ग्‍लैंड्स आपके शरीर में विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक प्रत्येक हार्मोन की सटीक मात्रा का उत्पादन करते हैं।

हालांकि, आज की तेज़-तर्रार आधुनिक लाइफस्‍टाइल के साथ हार्मोनल असंतुलन आम हो गया है। इसके अलावा, कुछ हार्मोन उम्र के साथ कम हो जाते हैं और कुछ महिलाओं को दूसरों की तुलना में अधिक नाटकीय कमी का अनुभव होता है।

लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि पौष्टिक आहार और अन्य लाइफस्‍टाइल बदलाव से हार्मोनल हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है और इससे आपको बेस्‍ट महसूस होगा। इस आर्टिकल के माध्‍यम से हम आपको हार्मोन को बैलेंस करने वाले नेचुरल हेल्‍थ टूल किट के बारे में बता रहे हैं। इस बारे में हमें आयुर्वेदिक डॉक्‍टर जीतू रामचंद्रन जी के इंस्‍टाग्राम को देखने के बाद पता चला।

एक्‍सपर्ट की राय

उन्‍होंने कैप्‍शन में लिखा, 'अधिकांश समय आपकी लाइफस्‍टाइल में एक छोटा सा कदम वह अद्भुत परिणाम लाता है जिसका आप बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तो अगर आप हार्मोन के असंतुलन से परेशान हैं, तो इस तरह के कुछ छोटे बदलाव करें। यह आपकी समस्याओं का स्थायी समाधान है। हानिकारक दुष्प्रभावों के कारण हम आजीवन हार्मोनल गोलियों पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। कभी न करने से देरी बेहतर, आसान शुरुआत करें। इससे हमेशा प्रगति होती है।'

हर्बल टी पिएं

हर्बल टी हेल्‍दी ड्रिंक्‍स में से एक है। मेटाबॉलिज्‍म बढ़ाने वाली कैफीन के अलावा, इसमें एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट होता है जिसे एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (ईजीसीजी) के रूप में जाना जाता है, जिसे कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। शोध से पता चलता है कि हर्बल टी का सेवन हेल्‍दी लोगों और मोटापे और डायबिटीज जैसी इंसुलिन-रेसिस्टेंट स्थितियों दोनों में इंसुलिन सेंसिटिविटी और कम इंसुलिन के लेवल को बढ़ा सकता है।

हर्बल टी को वैज्ञानिक रूप से न्यूरोट्रांसमीटर के लेवल को बढ़ाने में मदद करता है। इसमें अमीनो एसिड L-Theanine होता है, जो सेरोटोनिन और डोपामाइन  के लेवल को बढ़ाता है, जबकि एंडोक्राइन तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को भी कम करता है।

इसे जरूर पढ़ें:हार्मोन्‍स को इन नेचुरल तरीके से बैलेंस करें, हेल्‍थ के साथ बाल और त्‍वचा को सुंदर बनाएं

डीप ब्रीदिंग मेडिटेशन

meditation for hormonal balance

यह मेडिटेशन मुख्य रूप से एक रिलैक्‍सेशन है, जिसमें आपके हार्मोनल सिस्टम और आपके शरीर के भीतर एनर्जी को संतुलित करने के लिए श्वास और विज़ुअलाइज़ेशन तकनीकों को शामिल किया गया है। वयस्क महिलाओं के लिए, मेडिटेशन सचेत और अचेतन दोनों लेवल पर काम करता है और यह पूरी तरह से सुरक्षित है। 

मेडिटेशन शुरुआती लोगों के लिए एकदम सही है और आपके दिमाग को केंद्रित रखता है। एक शांत जगह ढूंढें और हेडफ़ोन लगाएं और देखें कि मेडिटेशन के बाद आप कैसा महसूस करती हैं।

उदवर्तन/पाउडर मसाज

उदवर्तन पूरे शरीर पर की जाने वाली शक्तिवर्धक मसाज एक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें हर्बल पाउडर का इस्‍तेमाल किया जाता है। इस पद्धति से हार्मोन को बैलेंस करने के साथ ही डायबटिक न्यूरोपैथी, त्वचा की देखभाल, साइटिका और अपच की समस्‍या से राहत पाई जा सकती है। इस मसाज से त्वचा की सफाई और पोषण के अलावा एक्‍सट्रा मसल्‍स और ब्‍लड फ्लो दुरुस्त होता है। 

उदवर्तन में पाउडर को पूरे शरीर पर डेड स्किन सेल्‍स को हटाने के लिए 30-45 मिनट के लिए लगाया जाता है। मसाज के बाद पाउडर साफ करने के लिए स्‍नान दिया जाता है। उदवर्तन हमेशा पंचकर्म एक्‍सपर्ट की देखरेख में ही करना चाहिए।

ड्राई ब्रशिंग

dry brushing for hormonal balance

ड्राई ब्रशिंग शरीर को नेचुरल तरीके से खुद को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करती है। माना जाता है कि ड्राई स्किन ब्रशिंग लिम्फेटिक सिस्‍टम को उत्तेजित करती है और लिम्फेटिक लिक्विड्स को साथ ले जाती है। लिम्फेटिक सिस्‍टम हमारे शरीर की इम्‍यून सिस्‍टम का एक प्रमुख हिस्सा है और यह लिम्फ नोड्स, नलिकाओं और वाहिकाओं से बनी होती है। यह हमारे लिम्फ को पूरे शरीर में ले जाने की अनुमति देता है। टॉक्सिन से फ्री करके यह हमारे शरीर को अधिक प्रभावी ढंग से चलाने की अनुमति देता है और बेहतर दिखने और महसूस करने का एक शानदार तरीका है।

हार्मोन जो एंडोक्राइन सिस्‍टम (पीनियल, हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी, थायरॉयड, पैराथायराइड, थाइमस, एड्रेनल, पैंक्रियाज, ओवरी) छोड़ते हैं, हमारे शरीर में लगभग हर सेल्‍स, अंग और कार्य को प्रभावित करते हैं।

मंत्र जाप

मंत्र से उत्पन्न कंपन हाइपोथैलेमस नामक शरीर ग्‍लैंड को उत्तेजित करता है जो इम्‍यूनिटी और हैप्‍पी हार्मोनसहित शरीर के कई कार्यों को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार है। मंत्र का जाप करने से हार्मोन का उत्पादन सामान्य हो जाता है, जो हमारे मूड और समग्र कल्याण की भावना को संतुलित करता है।

यदि आप ईमानदारी से और लगातार जाप का अभ्यास करती हैं तो यह मन के लिए ट्रैंक्विलाइज़र की तरह काम करता है। आपको रात में अच्छी नींद आती है और आप तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करती हैं।

सोने से 1 घंटे पहले गैजेट्स बंद कर दें

sleep for hormonal balance

नींद कई कारणों से महत्वपूर्ण है। आप जो नहीं जानते होंगी वह यह है कि नींद आपके हार्मोन को प्रभावित करती है, और हार्मोन लेवल आपकी नींद को प्रभावित करता है। नींद शरीर में कई हार्मोन को प्रभावित करती है, जिनमें तनाव या भूख से संबंधित हार्मोन भी शामिल हैं।

सोने का अपर्याप्त समय हार्मोन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आपके हार्मोन को संतुलित रखने के लिए रात की अच्छी नींद जरूरी है।नींद कोर्टिसोल के लेवल को कंट्रोल करती है, जो एंडोक्राइन ग्‍लैंड द्वारा निर्मित एक स्टेरॉयड हार्मोन है। इसे स्ट्रेस हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। कोर्टिसोल शरीर में अन्य हार्मोन को विनियमित करने में मदद करता है।

 

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सनशाइन

सूरज की रोशनी आपके ब्रेन में हार्मोन के स्राव को ट्रिगर करती है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से ब्रेन में सेरोटोनिन नामक हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है। सेरोटोनिन मूड को बढ़ाने और एक व्यक्ति को शांत और फोकस महसूस करने में मदद करता है। 

इसे जरूर पढ़ें:महिलाओं के मेटाबोलिक हार्मोन को पावरफुल बनाती है कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

विटामिन-डी वास्तव में स्वयं एक हार्मोन है और जैसा कि हम जानते हैं, हार्मोन केमिकल मैंसेजर होते हैं जो हमारे सेल्‍स को बताते हैं कि क्या करना है। एक्टिव विटामिन-डी की क्रियाओं का हमारे हार्मोनल संतुलन पर प्रभाव पड़ता है। विटामिन-डी इंसुलिन संवेदनशीलता को नियंत्रित करने, कैल्शियम सहित ब्‍लड में मिनरल्‍स एकाग्रता को नियंत्रित करने और इम्‍यून सिस्टम नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, विटामिन-डी वास्तव में एक हार्मोन है जो आपके अन्य हार्मोन के साथ संचार करता है, जिससे यह हार्मोन संतुलन में मदद करने के लिए विशेष रूप से आवश्यक हो जाता है। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आपको हार्मोनल उतार-चढ़ाव को कम करने और रोकने के लिए पर्याप्त विटामिन डी 2 और डी 3 मिल रहे हैं।

आप भी एक्‍सपर्ट के बताए इन टिप्‍स को अपनाकर हार्मोन्‍स को बैलेंस कर सकती हैं। हेल्‍थ से जुड़े ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।  

Image Credit: Freepik & Shutterstock

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।