तेजी से बढ़ने वाला हाइपरटेंशन आज मेडिकल और पब्लिक हेल्थ प्रॉब्‍लम बन गई है। बढ़ती उम्र के साथ हाइपरटेंशन लगभग हर किसी को परेशान करने लगता है। लगभग 60-69 वर्ष की आयु में 50 प्रतिशत और 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लगभग 75 प्रतिशत लोगों के बीच यह समस्‍या बढ़ती है। आज लोगों में हाइपरटेंशन एक बहुत ही आम समस्‍या है। यह बिना किसी चेतावनी के होती है इसलिए इसे साइलेंट किलर कहते है।

हाइपरटेंशन जिसे हम ब्लड प्रेशर के नाम से जानते हैं, एक हार्ट से संबंधित बीमारी है। हाइपरटेंशन में हार्ट अटैक, हार्ट की मसल्‍स की मोटाई, कोरोनरी वेसल्‍स डिजीज आदि शामिल है। यह एक गंभीर ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति की मौत हो सकती है। एक सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। जब ब्लड प्रेशर 140/90 या उससे ऊपर हो जाए, तो आप हाइपरटेंशन के शिकार हैं।

आज वर्ल्‍ड हाइपरटेंशन डे के मौके पर एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट्स सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संतोष कुमार डोरा हमें हापरटेंशन से बचने के प्रभावी तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

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कई तरीकों से दिल को प्रभावित कर सकता है हाइपरटेंशन

  • इसके परिणामस्वरूप हार्ट आर्टरी सख्त और मोटी हो सकती है, जिससे उनमें संकुचन हो जाता है और दिल को ब्लड की सप्लाई कम हो जाती है।
  • यह हार्ट अटैक का कारण भी हो सकता है। असल में जिन लोगों में एक्यूट हार्ट अटैक होता हैं, उन्हें अक्सर हाइपरटेंशन रहता है लेकिन वह पहचान और उपचार से बचते हैं।
  • यह हार्ट मसल्स की असामान्य मोटाई का कारण बन सकता है, जिसकी उपस्थिति भविष्य में कार्डियोवैस्कुलर मौत का मजबूत कारण हो सकती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर हार्ट पर अधिक भार डालता है और हार्ट का काम बढ़ता है।

अच्छा खाएं
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ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, हार्ट अटैक के खतरे को कम करने, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और अन्य बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए हेल्दी डाइट बहुत जरूरी होती है। इसलिए फलों, सब्जियों, होल ग्रेन और फाइबर से भरपूर फूड्स, फैट फ्री और लो फैट या 1% डेयरी उत्पादों आदि से भरपूर फूड्स खाने का लक्ष्य रखें। अपने डाइट में संतृप्त और ट्रांस फैट, अतिरिक्त नमक और अतिरिक्त चीनी से बचें। डीएएसएच (हाइपरटेंशन रोकने के लिए डाइट दृष्टिकोण) आहार पैटर्न जिसमें कम सोडियम, हाई पोटेशियम और फल और सब्जियों से भरपूर होता है, सिस्टोलिक के लिए 5.5 मिमी एचजी और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के लिए 3 मिमी एचजी से कम हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए, सिस्टोलिक के लिए 11.4 मिमी एचजी और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के लिए 5.5 है। कम नमक (<1500 मिलीग्राम / दिन) ब्लड प्रेशर में कमी को और अधिक शक्तिशाली बनाता है।

फि‍जिकली एक्टिव रहें

फि‍जिकली एक्टिविटी से ना केवल आपको ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में हेल्प मिलती है, बल्कि आपके वजन, हार्ट को मजबूत करने और स्ट्रेस लेवल को मैनेज करने में भी हेल्प मिलती है। यहां तक कि इंटेंसिव फिजिकल एक्टिविटी, जैसे ब्रिस्क वॉकिंग भी फायदेमंद हो सकती है जब इसे रेगुलर 30 मिनट के लिए या हफ्ते में कम से कम 5 दिनों के लिए किया जाए। सीढ़ी चढ़ना, जॉगिंग, रनिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग, फिटनेस क्लास, डांस क्लास जैसी कुछ ऐसी एक्टिविटी हैं जो आपको फिट रखने में हेल्प कर सकती हैं। अध्ययनों का कहना है कि हफ्ते के अधिकांश दिनों में रोजाना कम से कम 30 मिनट के लिए रेगुलर डायनेमिक फिजिकल एक्सरसाइज से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में 5 से 9 मिमी एचजी में कमी आती है।

हेल्दी वजन को बनाए रखें
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जैसे ही आपकी बॉडी का वजन बढ़ता है, आपका ब्लडप्रेशर भी बढ़ सकता है। वास्तव में, अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है तो आपमें वजन ज्यादा होने के कारण ब्लड प्रेशर के होने की अधिक संभावना हो सकती है। वजन कम करके आप हाई ब्लड प्रेशर के अपने जोखिम को कम कर सकती हैं। यहां तक कि थोड़ा सा वजन कम करने से भी आप हाई ब्लड प्रेशर को रोकने और इलाज में बड़ा अंतर डाल सकती है। मोटे हाइपरटेंसिव रोगियों में किए गए अध्ययनों में 1 किलो बॉडी के वजन में कमी दिखाई देती है जिसके परिणामस्वरूप क्रमश: 1.2 और 1.0 मिमीएचजी द्वारा सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दबाव में कमी आती है।

 

अल्कोहल से बचें

बहुत अधिक शराब पीने से अनहेल्दी लेवल तक ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। एक दिन में एक बार बैठकर तीन से ज्यादा ड्रिंक्स लेने से आपको ब्लड प्रेशर अस्था़यी रूप से बढ़ सकता है, लेकिन बार-बार पीने से लंबे समय तक बढ़ सकता है। अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है तो शराब पीने से बचें या संयम तरीके से ही शराब लें।

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तम्बाकू को ना कहें
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हालांकि स्मोकिंग को हाई ब्लड प्रेशर का कारण साबित नहीं किया गया है, लेकिन हर एक सिगरेट जो आप पीती हैं अस्थायी रूप से आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं। आपके समग्र हेल्थ के लिए और हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए, तंबाकू के सभी रूपों के साथ-साथ सेकेंडहैंड स्मोकिंग से बचें। अध्ययन से पता चला है कि स्मोकिंग छोड़ने से सिसलिस ब्लड प्रेशर में 3.5 मिमी एचजी और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में 1.9 मिमी एचजी तक कमी आती है।
हाइपरटेंशन से बचना चाहती हैं तो आज से ही इन तरीकों को अपनाना शुरू कर दें। 

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