भारत की ज्‍यादातर महिलाएं 50 की उम्र तक हार्ट डिजीज से खुद को सुरक्षित मानती है। लेकिन एक रिसर्च के अनुसार, ''भारत में पांच में से तीन महिलाओं में 35 साल की उम्र तक हार्ट डिजीज का खतरा विकसित हो जाता है।'' इतना ही नहीं महिलाओं को यह भी लगता है कि महिलाओं की अपेक्षा हार्ट डिजीज से पुरुष ज्‍यादा प्रभावित होते हैं। लेकिन आजकल की खराब लाइफस्‍टाइल, काम के बढ़ते बोझ और अनहेल्‍दी डाइट के कारण यह समस्‍या किसी को भी हो सकती है। होममेकर्स और वर्किंग वूमेन दोनों को बराबर रूप से प्रभावित करती है।

महिलाओं में हार्ट अटैक

कॉडिओलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के प्रेजिडेंट Dr. Shirish Hiremath के अनुसार, ''हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के लक्षण पुरुषों और महिलाओं में एक जैसे होते हैं, जिनकी अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है और जल्‍द से जल्‍द इसका इलाज किया जाना चाहिए।''

हार्ट अटैक तब होता है जब हार्ट में ऑक्‍सीजन युक्‍त ब्‍लड का फ्लो में अचानक कम हो जाता है, जबकि हार्ट फेलियर क्रोनिक कंडीशन है जिसमें हार्ट की मसल्‍स समय के साथ कमजोर हो जाते हैं और हार्ट की ब्‍लड पंप करने की क्षमता कम हो जाती है।

हार्ट अटैक के लक्षण

डॉक्‍टर शिरीष हिरेमठ हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में बताते हुए यह भी कहते हैं कि ''लक्षणों के तुरंत बाद ध्‍यान देने से हार्ट अटैक का इलाज अच्‍छे से हो सकता है इसलिए यह समय बहुत महत्‍वपूर्ण होता है।'' हार्ट अटैक के आम लक्षणों में शामिल है।

  • अचानक से पसीना आना
  • जी मिचलाना और उल्‍टी
  • पीठ, गर्दन या जबड़े में तेज दर्द
  • चक्‍कर महसूस होना

heart attack ladies  inside 

हार्ट फेलियर के लक्षण

हार्ट अटैक के लक्षण अचानक से दिखते हैं जबकि हार्ट फेलियर के लक्षण कुछ समय पहले से दिखने लग जाते हैं। हार्ट फेलियर के प्रारंभिक चेतावनी लक्षण है:

तेजी से दिल का धड़कना
कभी-कभी दिल तेजी से धड़कना शुरु हो जाता है। ऐसा शरीर के चारों ओर ब्‍लड पंप करने की क्षमता कम होने के कारण होता है।
सांस की तकलीफ
हार्ट फेलियर शरीर में तरल पदार्थों के फेफड़ों में इकट्ठा होने के कारण होता है, जिससे आपको रोजाना की गतिविधियों जैसे चलने और सीढ़ि‍यां चढ़ने में भी सांस की कमी महसूस होती है।
एंकल, पैर और पेट में सूजन
शरीर में जमा तरल पदार्थ के कारण पैर, एंकल या पेट में सूजन आ जाती है। और सूजन के चलते आपको कपड़े और जूते भी टाइट महसूस हो सकते हैं।
अचानक से वजन बढ़ना
हार्ट फेलियर के लक्षण में अचानक से वजन का बढ़ना भी शामिल है। शरीर में मौजूद तरल पदार्थों के बढ़ जाने से आपका वजन एक सप्‍ताह में दो किलोग्राम (लगभग छह पाउंड) तक बढ़ सकता है।
यूरीन का फ्लो  
हार्ट फेलियर की स्थिति में कम मात्रा में ब्‍लड आपके फेफड़ों तक पहुंचता है, जिससे आपको यूरीन कम आता है।
इसमें से किसी भी लक्षण के अनुभव होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए न ही इससे कंफ्यूज होना चाहिए बल्कि तुरंत मेडिकल हेल्‍प लेनी चाहिए। क्‍योंकि समय रहते निदान होने पर हार्ट फेलियर को प्रभावी तरीके से मैनेज किया जा सकता है। जिससे रोगी लंबा और हेल्‍दी जीवन जी सकता है।

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