• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

त्‍वचा और बाल ही नहीं कान, होंठों और जोड़ों में भी रहती है ड्राईनेस, जानें असली कारण

वात एक आयुर्वेदिक दोष है जो हवा की गति को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर में ड्राईनेस और कब्ज से लेकर चिंता तक के लक्षणों में असंतुलन हो सकता है।
author-profile
Published -11 Mar 2022, 18:12 ISTUpdated -11 Mar 2022, 19:27 IST
Next
Article
lips and skin dryness

क्‍या आपको बेचैनी और चिंता महसूस हो रही है?
क्‍या आपमें विचारों की भरमार है?
क्‍या आपको रातों में नींद नहीं आती है?
त्‍वचा पर ही नहीं, कान और होंठों पर भी ड्राईनेस है?
ये 'वात असंतुलन' के स्पष्ट लक्षण हैं।

वात दोष का तात्पर्य शरीर में वायु और अंतरिक्ष तत्वों के असंतुलन से है। वात शरीर में होने वाली एक्टिविटी, नर्वस सिस्‍टम की एक्टिविटी और हमारे शरीर से निष्कासन की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। जब वात दोष पर्याप्त लंबे समय तक असंतुलित हो जाता है, तो पित्त और कफ दोष भी असंतुलित हो जाते हैं। 

जी हां, हमारी प्राकृतिक दुनिया की सारी ऊर्जा आयुर्वेद के अनुसार पांच मूल तत्वों से बनी है - ईथर, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी। ये तत्व वात, पित्त और कफ दोषों को जन्म देते हैं। ये दोष हमें हमारी प्राकृतिक दुनिया के मौलिक श्रृंगार की पहचान करने में मदद करते हैं, इसलिए हम इनका उपयोग मौसम, खाद्य पदार्थों, जड़ी-बूटियों, एक्टिविटी या किसी व्यक्ति के गुणों के संदर्भ में करते हैं।

vata imbalance symptoms

वात दोष के तत्व

वात दोष वायु और ईथर से बना है और क्रिया, परिवहन और गति द्वारा योग्य है। वात को "दोषों का राजा" माना जाता है क्योंकि यह अन्य दो दोषों (पित्त और कफ) को एक्टिव करता है।

इसे भी पढ़ें: बेहतर पाचन शक्ति के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स, रहेंगे बिल्कुल स्वस्थ

मन-शरीर में वात दोष का काम 

यह शरीर में सभी क्रियाओं के लिए जिम्मेदार है, जिसमें शरीर और मन की गति, संवेदी आवेग और मोटर विनियमन, सांस, अपशिष्ट को हटाना, स्‍पीच और हृदय की पंपिंग शामिल है। इसके अलावा, यह वह ऊर्जा है जो हमारी अग्नि या पाचन को प्रज्वलित करती है और पोषक तत्वों के अवशोषण की अनुमति देती है। वात असंतुलन का पता कैसे लगाएं? इस बारे में हमें पोषण विशेषज्ञ और प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक सोनम जी बता रही हैं।

सोनम जी के अनुसार, 'आयुर्वेद के त्रिदोषों के अनुसार हम सभी के पास वात, पित्त और कफ का एक अनूठा कॉम्बिनेशन है, जिसमें एक या दो दोष अधिक प्रमुखता से प्रकट होते हैं।'

वात असंतुलन के लक्षणों में शामिल हैं:

  • त्वचा, बाल, कान, होंठों और जोड़ों में बहुत ज्‍यादा ड्राईनेस
  • आंतरिक रूप से ड्राईनेस
  • सूजन, गैस, कब्ज, डिहाइड्रेशन और वेट लॉस 
  • मूड स्विंग्‍स- बेचैनी, चक्कर आना, मन न लगना और तेज धड़कन 
  • सर्दी-जुकाम
  • खराब सर्कुलेशन, मसल्‍स में ऐंठन, अस्थमा, दर्द और अकड़न

वात असंतुलन का प्रबंधन कैसे करें?

निम्नलिखित आहार और जीवन शैली का कॉम्बिनेशन वात को संतुलन में ला सकता है और मौसमी एलर्जी, सर्दी और फ्लू को रोक सकता है।

मौसमी आहार को अपनाएं

diet for vata imbalance

  • एस्ट्रिजेंट, ड्राई, हल्के, ठंडे, कच्चे और प्रोसेस्‍ड की मात्रा कम करें।
  • मीठा, खट्टा, नमकीन, गर्म, पका हुआ संपूर्ण भोजन बढ़ाएं।
  • कद्दू, शकरकंद, चुकंदर, गाजर और तोरी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, एवोकाडो, खजूर, अंजीर, नींबू, पपीता और अंगूर सभी फायदेमंद सब्जियां और फल हैं।
  • अनाज, फलियां और नट्स के लिए, चावल, दलिया, क्विनोआ, मूंग बींस, बादाम, अखरोट, पेकान, काजू आज़माएं।
  • लाभकारी मसालों में काली मिर्च, इलायची, दालचीनी, जीरा, सौंफ, अदरक, हल्दी और केसर शामिल हैं।

हाइड्रेट

  • 'ड्राई मौसम' के दौरान असंतुलन के लिए अतिरिक्त डिहाड्रेशन की आवश्यकता होती है। लेकिन केवल किसी भी पानी से हाइड्रेट न करें - फ़िल्टर्ड और गर्म पानी वात असंतुलन को सबसे अच्‍छे तरीके से शांत करता है।
  • इसके अलावा, नहाने से 15 मिनट पहले स्वयं अभ्यास या गर्म तेल (तिल या बादाम) से मालिश करके त्वचा को हाइड्रेट करने की सलाह दी जाती है।
  • खाना पकाने में वात-शांत करने वाले तेलों जैसे तिल, बादाम या एवोकाडो तेल का उपयोग शरीर को आंतरिक रूप से हाइड्रेट कर सकता है।

रेगुलर शेड्यूल को अपनाएं

  • नींद की कमी से वात बहुत जल्दी असंतुलित हो जाता है, इसलिए पर्याप्त नींद लेना और सही समय पर रात 10 बजे से 4 बजे के बीच महत्वपूर्ण है।
  • नियमित रूप से दिन में तीन बार भोजन करने से भी वात शांत होता है।

मेडिटेशन करें

meditation tips

  • मेडिटेशन वात को शांत करने में सहायक है क्योंकि इसके लिए इंद्रियों की वापसी, या बाहरी विकर्षणों की आवश्यकता होती है। यदि इस मौसम में मेडिटेशन में प्रवेश करना अधिक चुनौतीपूर्ण है, तो मेडिटेशन से पहले योग आसन या समान रूप से शांत दिनचर्या का अभ्यास करने पर विचार करें, ताकि मन और शरीर कुछ अव्यवस्था से बाहर निकल सकें।
  • मंत्र और जप मन को एकाग्र करने में मदद कर सकते हैं और वात संतुलन के लिए भी विशेष रूप से फायदेमंद हो सकते हैं।

Recommended Video

सही तरीके से एक्‍सरसाइज करें

  • अत्यधिक एक्‍सरसाइज वात को बढ़ा सकती है, इसलिए इस मौसम में इसे ज्यादा जोर न दें।
  • आमतौर पर, एक समय में 45 मिनट से 1 घंटे से अधिक या प्रति दिन दो बार से अधिक एक्‍सरसाइज करने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • अपनी दिनचर्या में संशोधन करके अपने शरीर की ज़रूरतों का सम्मान करें, ऐसे जेंटलर वर्कआउट का चुनाव करें जो मन और शरीर को भी शांत करें, जैसे योग।

यदि आपके पास वात का असंतुलन है, तो यह त्वचा की समस्याओं, हार्मोनल असंतुलन और आंत्र समस्याओं सहित कई समस्याओं का कारण बन सकता है। तंदुरूस्ती के प्रति हमारे समग्र दृष्टिकोण के साथ लक्षणों को प्रबंधित करने और संतुलन बहाल करने का तरीका जानें।

आप भी इन टिप्‍स को आजमाकर वात को बैलेंस कर सकती हैं। लेकिन इन सभी टिप्‍स को आजमाने से पहले एक बार एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर कर लें। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image Credit: Shutterstock & Freepik

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।