हार्मोन सभी शारीरिक प्रणालियों को स्वस्थ तरीके से काम करने में सक्षम बनाते हैं - यह फिजिकल और केमिकल प्रणालियां हो सकती हैं। ये शारीरिक प्रणालियों के संदेशवाहक के रूप में कार्य करते हैं और इस प्रकार इसके कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन हार्मोन लेवल्‍स में असंतुलन सभी शारीरिक प्रणालियों के नियमित संचालन में बाधा उत्पन्न करते हैं। महिला की ओवरीज दो आवश्यक हार्मोन्‍स एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होती है। ये हार्मोन्‍स मानव रिप्रोडक्टिव सिस्‍टम के साथ ही फर्टिलिटी और मेंस्ट्रुएशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेनोपॉज के दौरान ओवरीज उम्र और हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के बहुत कम स्तर का उत्पादन करते हैं, जिससे मानव शरीर के सामान्य कामकाज में कई गड़बड़ियां पैदा होती हैं। 

हार्मोनल असंतुलन के लक्षण क्या हैं?

मेनोपॉज के दौरान शरीर में हार्मोन के स्तर में असंतुलन के कारण उत्पन्न होने वाले सबसे आम लक्षण हैं:

  • मूड स्विंग्‍स 
  • याद्दाश्‍त कमजोर होना 
  • चिड़चिड़ापन
  • सिररदर्द
  • डिप्रेशन
  • चिंता
  • मूत्र असंयम
  • हॉट फ्लैशेज 
  • नींद में परेशानी 
  • ब्‍लोटिंग 
  • थकान
  • बालों का झड़ना
  • धड़कन का बढ़ना 
  • एकाग्रता की समस्या
  • ब्‍लड शुगर का असामान्य लेवल 
  • चिड़चिड़ापन
  • वजन बढ़ना
  • नाइट स्वेट्स
  • लो सेक्स ड्राइव
  • आवाज में बदलाव
  • यूरिनरी और वेजाइनल इन्‍फेक्‍शन्‍स के होने के चांस का बढ़ना
  • कोलेस्ट्रॉल के लेवल और अन्य फैट लेवल का बढ़ना 
  • हाई ब्‍लड प्रेशर
hormonal imbalance during menopause inside

हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाली समस्याओं का सामना कैसे करें?

मेनोपॉज के निकट आने पर हार्मोनल असंतुलन सभी महिलाओं में बहुत सारी समस्याओं को जन्म देता है। कुछ तरीके जिनसे आप कोशिश करके उनसे निपट सकती हैं:

  • मूड स्विंग्‍स - एस्ट्रोजन के स्तर में असंतुलन दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित कर सकता है, जो उदास मन और पीएमएस को जन्म देता है। रोजाना कुछ हल्‍की एक्सरसाइज करें, अगर आप ज्‍यादातर अल्‍कोहल और तंबाकू लेते हैं तो इसका सेवन करने से बचें।
  • लो सेक्स ड्राइव - मेनोपॉज के करीब पहुंचने वाली महिलाएं आमतौर पर इस समस्या का सामना करती हैं। नाइट स्‍वेट्स, मूड स्विंग्‍स, चिंता और थकान जैसे अन्य लक्षण भी लो सेक्‍स इच्‍छा के लिए जिम्मेदार हैं। आप अपनी सेक्‍शुअल इच्‍छा को फिर से पाने के लिए डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का विकल्प चुन सकते हैं। 

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  • अनिद्रा - एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर भी अच्छी नींद को बढ़ावा देता है। इन हार्मोन्‍स की कमी से अनिद्रा की समस्‍या हो सकती है। आप सोते समय कंफर्टेबल कपड़े पहनकर, कंफर्टेबल गद्दा और एक ठंडे कमरे में शीट्स लगाकर इससे निपट सकती हैं। आपको अपने कैफीन, अल्‍कोहल और तम्बाकू के सेवन को सीमित करने की भी आवश्यकता है। 
  • सिरदर्द - यह मेनोपॉज महिलाओं द्वारा अनुभव किया जाने वाला एक सामान्य लक्षण है। एक दिन में हैवी और कम भोजन करने की बजाय हल्‍का, छोटी मात्रा में और बार-बार भोजन करने की कोशिश करें। यदि सिरदर्द गंभीर हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करें।
  • वेजाइनल ड्राईनेस- हार्मोन के निम्न स्तर के परिणामस्वरूप वेजाइनल ड्राईनेस होता है जो यूरिन और सेक्स को दर्दनाक बनाता है। डॉक्टर से परामर्श करें और दवा की मदद से समस्या का इलाज करने का प्रयास करें। वेजाइनल एरिया में आर्टिफिशियल और सुगंधित साबुन और अन्य टॉयलेटरीज़ के उपयोग से बचें। 
  • कमजोर हड्डियां- एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के निम्न स्तर के परिणामस्वरूप हड्डियों का नुकसान होता है, जिससे यह फ्रैक्चर के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाती है। थोड़ी एक्‍सरसाइज जरूर करें, जिसमें रेगुलर रनिंग, स्विमिंग और वॉकिंग शामिल हो। कैल्शियम और विटामिन डी सप्‍लीमेंट आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं। 
  • वजन बढ़ना - वजन बढ़ना और इससे होने वाली थायरॉयड की समस्याएं आमतौर पर मेनोपॉजल महिलाओं में देखी जाती हैं। एक हेल्‍दी न्यूट्रिशन प्‍लान तैयार करें और रेगुलर एक्‍सरसाइज, एक्टिविटीज को इसका हिस्‍सा जरूर बनाएं।   

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हार्मोनल असंतुलन एक ऐसी स्‍टेज है जिसका सामना सभी मेनोपॉजल महिलाएं करती हैं। आप इसके कारण उत्पन्न होने वाले लक्षणों और समस्याओं से पूरी तरह बच नहीं सकती हैं। फिर भी आप निश्चित रूप से लाइफस्‍टाइल में कुछ बदलाव लाकर इसकी पहुंच और गंभीरता को सीमित कर सकती हैं।

एक्‍सपर्ट सलाह के लिए डॉक्‍टर नीना पटवर्धन (एमबीबीएस, डीजीओ, एफआईसीओजी) का विशेष धन्‍यवाद। 

Reference:

https://www.onhealth.com/content/1/hormone_imbalance_signs_symptoms

https://hormonehealth.co.uk/blog/10-warning-signs-you-may-have-a-hormonal-imbalance-and-what-to-do-about-it/

https://menopause.northwestern.edu/content/how-hormone-depletion-affects-you