मेनोपॉज नहीं हार्ट अटैक के होते हैं ये लक्षण! 40 प्लस महिलाएं न करें नजरअंदाज वरना बढ़ सकती है मुश्किल

दिल की बीमारियां लोगों को काफी परेशान करती हैं और कई बार ये जानलेवा भी हो सकती हैं, लेकिन फिर भी इनके शुरुआती लक्षणों को अक्सर हम नहीं पहचान पाते हैं। महिलाओं को हार्ट अटैक का अधिक खतरा रहता है। कई बार महिलाएं हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं या इन्हें मेनोपॉज का लक्षण समझकर इग्नोर कर देती हैं। इसकी वजह से ट्रीटमेंट में देर होती है और कई बार जटिलताएं भी बढ़ जाती हैं। हार्ट अटैक के कौन-से लक्षण मेनोपॉज से मिलते हैं और किस तरह महिलाएं इसकी पहचान कर सकती हैं, चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में Dr. Kumar Kenchappa, Consultant - Interventional Cardiologist, Manipal Hospital Hebbal, Bengaluru जानकारी दे रहे हैं।
कई बार एक जैसे नजर आते हैं मेनोपॉज और हार्ट अटैक के लक्षण
मेनोपॉज आमतौर पर 45-55 साल की महिलाओं में होता है। इस समय पर हॉट फ्लैशेज, पल्पीटेशन्स, रात में पसीना आना, कमजोरी महसूस होना और मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतें महिलाओं को परेशान करती हैं। ऐसा इस समय पर होने वाले हार्मोनल इंबैलेंस के कारण होता है। बात अगर हार्ट अटैक की करें, तो पुरुषों में सीने में होने वाला दर्द हार्ट अटैक का मुख्य लक्षण माना जाता है, लेकिन महिलाओं में हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी परेशानियां शुरू होने पर कुछ अलग लक्षण नजर आते हैं।

ये लक्षण इस प्रकार हैं-
- सांस लेने में मुश्किल
- पेट में ऊपरी हिस्से में दर्द
- खाना पचाने में मुश्किल
- रात को पसीना आना
- हॉट फ्लैशेज
- हार्ट पल्पीटेशन्स
- लगातार महसूस होने वाली थकान
ये लक्षण मेनोपॉज के लक्षणों से मिलते हैं और इसलिए महिलाओं को इन्हें पहचानने में मुश्किल होती है।
हार्ट अटैक के लक्षणों की समय पर पहचान है जरूरी
एक्सपर्ट का कहना है कि कई बार महिलाएं हार्ट अटैक के लक्षणों को मेनोपॉज का लक्षण समझ लेती हैं और इसलिए वे इस पर ध्यान नहीं देती हैं और मुश्किल बढ़ जाती है। जैसे कि पसीना आने को हार्ट अटैक का संकेत माना जाता है, लेकिन मेनोपॉज की उम्र में महिलाएं इसे मेनोपॉज में होने वाले हॉट फ्लैशेज से जोड़ लेती हैं। इलाज में देरी कई तरह की दिक्कतों का कारण बन सकती है।
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एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपको ऐसा कोई भी लक्षण महसूस हो, जिसे आप समझ नहीं पा रही हैं या जिसे लेकर आप कंफ्यूज हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ईसीजी या और भी कई साधारण टेस्ट ये बता सकते हैं कि आपको जो बदलाव महसूस हो रहे हैं ले दिल की बीमारी से जुड़े हैं या हार्मोनल इंबैलेंस के कारण हैं।
हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों के लक्षणों की अगर समय पर पहचान कर ली जाए, तो इसका आसानी से इलाज किया जा सकता है। मेनोपॉज एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन दिल की बीमारियों पर समय रहते ध्यान देने की जरूरत है।
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एक्सपर्ट का कहना है कि इन लक्षणों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है। अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें आर्टिकल के ऊपर दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।
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