हर साल मार्च के दूसरे बृहस्‍पतिवार को वर्ल्‍ड किडनी डे मनाया जाता है, ताकि लोगों किडनी की बीमारी और उससे संबंधित हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स को कम और किडनी के महत्‍व के बारे में जागरूकता फैलाई जाए। इस साल 14 मार्च को वर्ल्‍ड किडनी डे मनाया जा रहा है।

यूं तो हमारी बॉडी में सभी अंगों का अहम रोल होता है, लेकिन किडनी भी बॉडी की सफाई करने के लिए बेहद जरूरी है। जी हां किडनी बॉडी के ब्‍लड को साफ करके गंदगी को यूरीन के जरिए बाहर निकालती है। साथ ही ब्‍लड की एसिडिटी को कंट्रोल में रखकर हमें बीमारियों से भी बचाती है। साथ ही ये ब्‍लड प्रेशर, सोडियम व पोटैशियम की मात्रा को भी कंट्रोल में रखती है। लेकिन जब हमारी किडनी बॉडी में जमा टॉक्सिन को निकालने में असमर्थ हो जाती है तो उसे किडनी फेल्योर कहा जाता है। इसलिए किडनी को हेल्दी रखना बहुत जरूरी है, ताकि बीमारियां भी दूर रहें।

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किडनी को हेल्‍दी रखना है बेहद जरूरी

एम्स के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉक्‍टर एस.के. अग्रवाल का कहना है कि हर दिन 200 किडनी रोगी ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें 70 प्रतिशत मरीजों के किडनी फेल पाई जाती हैं। उनका डायलिसिस किया जाता है। ट्रांसप्लांट ही इसका परमानेंट सॉल्‍यूशन है। ट्रांसप्लांट वाले मरीजों की संख्या भी काफी है। इस समय एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 8 महीने की वेटिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि किडनी खराब होने पर मरीज को वीक में कम से कम 2 या 3  बार डायलिसिस देना जरूरी है। मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देश में सालाना 6,000 किडनी ट्रांसप्लांट हो रहे हैं। इसलिए लोगों में हेल्‍थ के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।

किडनी के लिए हर्ब

लेकिन अगर आपकी किडनी में प्रॉब्‍लम आ गई है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं क्‍योंकि एक्‍सपर्ट आपके लिए 1 नुस्‍खे लेकर आए है जिनकी हेल्‍प से किडनी की बीमारी को ठीक कर सकती है। आयुर्वेद में पुनर्नवा पौधे के गुणों का अध्ययन कर भारतीय वैज्ञानिकों ने इससे 'नीरी केएफटी' दवा की है। किडनी की क्षतिग्रस्त सेल्‍स फिर से हेल्‍दी हो सकती हैं। साथ ही इंफेक्‍शन की आशंका भी इस दवा से कई गुना कम हो जाती है।

Punarnava benefits for kidney

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

हाल ही में पुस्तिका 'इंडो-अमेरिकन जर्नल ऑफ फॉर्मास्युटिकल रिसर्च' में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, पुनर्नवा में गोखुरू, वरुण, पत्थरपूरा, पाषाणभेद, कमल ककड़ी जैसी हर्ब्‍स को मिलाकर बनाई गई दवा 'नीरी केएफटी' किडनी में क्रिएटिनिन, यूरिया व प्रोटीन को कंट्रोल करती है। क्षतिग्रस्त सेल्‍स को हेल्‍दी करने के अलावा यह हीमोग्लोबिन भी बढ़ाती है।

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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के प्रोफेसर डॉक्‍टर के.एन. द्विवेदी का कहना है कि समय पर बीमारी की पहचान करके किडनी को बचाया जा सकता है। कुछ समय पहले बीएचयू में हुई रिसर्च से पता चला है कि किडनी संबंधी रोगों में नीरी केएफटी कारगार साबित हुई है।

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दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के किडनी विशेषज्ञ डॉक्‍टर मनीष मलिक का कहना है कि देश में लंबे समय से किडनी विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। ऐसे में डॉक्टरों को एलोपैथी के ढांचे से निकलकर आयुर्वेद जैसी वैकल्पिक चिकित्सा को अपनाना चाहिए। आयुर्वेदिक दवा से अगर किसी को फायदा हो रहा है तो डॉक्टरों को उसे भी अपनाना चाहिए।

इसके अलावा आपको किडनी को हेल्‍दी रखने के लिए अपनी लाइफस्‍टाइल और खान-पान की आदतों में भी बदलाव करना होगा। रोजाना एक्‍सरसाइज, पानी पीने की आदत और हेल्‍दी डाइट को अपने रूटीन में शामिल करना होगा। 

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Source: IANS