क्या आप ऐसी महिला है जिनका खांसते, छींकते समय या जब आपको वॉशरूम नहीं मिलता है और आपको तत्काल यूरिन करना पड़ता है तो थोड़ा सा यूरिन निकल जाता है? हम समझते हैं कि दूसरों के साथ इस तरह की चर्चा करना कितना शर्मनाक हो सकता है लेकिन हम यह भी मानते हैं कि यदि आप इस समस्‍या से परेशान हैं, तो इससे छुटकारा पाना आपकी जिम्मेदारी है।

आपको प्रोफेशनल हेल्‍प प्रदान करने के लिए, हमने हिमालयन सिद्ध, ग्रैंड मास्टर अक्षर से संपर्क किया, जिन्होंने हमारे साथ कुछ योगासन शेयर किए जो पेल्विक की मसल्‍स को मजबूत करने और यूरिन को नियंत्रित करने में आपकी मदद करते हैं। आसनों के बारे में जानने से पहले, आइए हम आपको इस समस्‍या के पीछे की शारीरिक रचना के बारे में बताते हैं।

यूरिनरी इनकंटीनेंस क्‍या है?

यदि आपका कभी-कभी थोड़ा सा यूरिन निकल जाता है तो इसे यूरिनरी इनकंटीनेंस कहा जाता है। ग्रैंड मास्टर अक्षर का कहना है, "चिकित्सकीय रूप से, यूरिनरी इनकंटीनेंस एक ऐसी समस्‍या के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है जब कोई व्यक्ति यूरिन के अनियंत्रित रिसाव से पीड़ित होता है। यह काफी शर्मनाक स्थिति पैदा करता है और यह उम्र की परवाह किए बिना किसी को भी प्रभावित कर सकता है।

यह एक ऐसी समस्‍या है जिसमें आपका पेल्विक फ्लोर सामान्य से कमजोर होता है। पेल्विक फ्लोर मसल्‍स के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है जो आपके पेल्विक के नीचे स्थित होता है। इसका उद्देश्य आपके सभी पेल्विक अंगों जैसे ब्‍लैडर, बाउल और यूट्रस को सहारा देना है। ये मसल्‍स मुख्य रूप से आपको आपके यूरिन को नियंत्रित करने की क्षमता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होती हैं।

सौभाग्य से, ग्रैंड मास्टर अक्षर ने कहा, "योग में कुछ तकनीकें हैं जो आपके पेल्विक फ्लोर को मजबूत करनेमें मदद कर सकती हैं।" इस आर्टिकल में 4 महत्वपूर्ण आसनों का उल्लेख किया गया है और अच्‍छे रिजल्‍ट पाने के लिए इसे करने के तरीके दिए गए हैं।

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वज्रासन

Vajrasana for urine leakage

जबकि हम सभी जानते हैं कि यह योग आपके डाइजेशन पर काम करता है लेकिन यह ग्रैंड मास्टर अक्षर द्वारा आपकी पेल्विक मसल्‍स को मजबूत करने के लिए अनुशंसित पहला आसन भी है।

विधि

  • इस आसन के लिए सबसे पहले घुटने टेक कर बैठ जाएं।
  • इस बात का ध्‍यान रखें कि आपका पेल्विक पूरी तरह से एड़ियों पर टिका हुआ हो। 
  • अब जब आप घुटने टेक रही हो, तो अपनी एड़ियों को एक दूसरे से अलग कर लें ताकि वे थोड़े अलग हों।
  • हथेलियों को घुटनों पर रखें और यह सुनिश्चित करते हुए आगे देखें कि आपकी पीठ सीधी है।
  • इस मुद्रा में कुछ देर तक रहें।

पादहस्तासन

Padahasthasana for urine leakage

पादहस्तासन संस्‍कृत का शब्‍द है। इसका शाब्दिक अर्थ 'पैरों को हाथों से छूने वाला' आसन है। यह आसन पूरे शरीर को अच्छी स्ट्रेच देता है और दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाने में भी मदद करता है। साथ ही पेल्विक को मजबूत करने में मदद करता है।

विधि

  • इस आसन को समस्थिति में खड़ी होकर शुरू करें (अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा करके खड़ी हो जाएं)।
  • धीरे-धीरे सांस छोड़ें और अपने शरीर के ऊपरी हिस्‍से को हिप्‍स से मोड़ें। 
  • इसे करते समय नाक को अपने घुटनों से छूने की कोशिश करें और अपनी हथेलियों से पैरों के दोनों ओर जमीन को छुएं।
  • शुरुआत में आपको अपने घुटनों को मोड़ना पड़ सकता है, लेकिन अभ्यास के साथ आपके घुटने सीधे होने चाहिए।
  • इस आसन में कुछ देर तक रुकें।

बद्ध कोणासन

Bound Angle Pose for urine leakage

ग्रैंड मास्टर अक्षर का कहना है, "बद्ध कोणासन पेल्विक फ्लोर अंगों में ब्‍लड के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है"। यही कारण है कि इस आसन को करने से आपकी पेल्विक मसल्‍स को अधिक जागरूक होने में मदद मिल सकती है जो बदले में उन्हें मजबूती देता है।

विधि

  • इस आसन को करने के लिए दंडासन से शुरुआत करें। 
  • इस आसन के लिए आपको बस अपने पैरों को आगे की ओर और पीठ को सीधा करके बैठना है।
  • इसके बाद पैरों को एक-एक करके मोड़ें और कोशिश करें कि आपके पैरों के तलवे आपस में टच करें।
  • पैरों को अपने हाथों से पकड़ें और इसे पेल्विक के करीब स्‍ट्रेच करें।
  • हथेलियों को घुटनों पर रखें और धीरे से उन्हें नीचे की ओर धकेलें।
  • अपने पेट से हवा खाली करें। 
  • अब धीरे-धीरे ऊपरी शरीर को आगे की ओर झुकाने की कोशिश करें, जितना हो सके झुकें। 
  • आपका लक्ष्य अपने माथे को फर्श पर रखना है।
  • इस आसन को लंबे समय तक बनाए रखें।

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पश्चिमोत्तानासन

Paschimottanasana for urine leakage

हालांकि, इस आसन का वर्णन करते हुए, ग्रैंड मास्टर अक्षर ने सलाह देते हुए कहा "गर्भवती महिलाओं को पश्चिमोत्तासन का अभ्यास करने से बचना चाहिए। साथ ही अल्सर, अस्थमा और स्लिप डिस्क से परेशान लोगों को भी इस योग को नहीं करना चाहिए।''

विधि

  • पैरों को आगे की ओर फैलाकर फर्श पर बैठकर शुरुआत करें।
  • अपनी पीठ को सीधा और बाजुओं को ऊपर की ओर फैलाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए अपने हिप्‍स को आगे की ओर झुकाएं। 
  • इस स्‍टेज में, आपका लक्ष्य ऊपरी शरीर को अपने निचले शरीर पर रखना होना चाहिए। 
  • हाथों से पैर की उंगलियों को पकड़ें।
  • शुरुआत में अपने पैर की उंगलियों को पकड़ना मुश्किल हो सकता है, इसलिए शुरुआत में पहुंच योग्य किसी भी हिस्से को पकड़ें।

ग्रैंड मास्टर अक्षर ने आश्वासन दिया कि, "ये सारे पोज आपके पेल्विक फ्लोर को मजबूत करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि हम रिजल्‍ट देखना चाहते हैं तो हम प्रत्येक दिन थोड़े समय के लिए इन आसनों का अभ्यास करना चाहिए।

हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख जानकारीपूर्ण लगा होगा। अगर आप इस तरह के और लेख पढ़ना चाहती हैं, तो हर जिंदगी से जुड़ी रहें।