फ्रैक्चर का डर खत्म! 60 की उम्र में भी 20 जैसी हड्डियां पाने के लिए करें ये योगासन, हड्डियों की डेंसिटी होगी डबल

मजबूत हड्डियां एक्टिव और हेल्दी जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। उम्र बढ़ने के साथ बोन डेंसिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए, ऐसे योगासन करना जरूरी है, जो हड्डियों को हेल्दी रखें। इसके लिए वेट बेयरिंग योगासन सबसे अच्छे और असरदार तरीकों में से एक हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। इस बारे में हमें हिमालयन सिद्ध अक्षर ने जानकारी दी है। वह अक्षर योग केंद्र के संस्थापक, लेखक और कॉलमिस्ट हैं।
एक्सपर्ट का कहना है कि इन आसनों में शरीर का वजन हड्डियों पर हल्का प्रेशर डालता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं और नई हड्डी बनती है। जब मसल्स सिकुड़ती हैं और हड्डियों को खींचती हैं, तब यह हड्डी बनाने वाले सेल्स (Osteoblasts) को एक्टिव करता है। इस नेचुरल प्रोसेस से हड्डियां मजबूत बनती हैं और शरीर में बैलेंस और मजबूती भी बढ़ाती है। वजन सहने वाले योगासन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे माने जाते हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाने में योगासन
इन योगासनों को करने से शरीर के ऐसे हिस्से जैसे रीढ़ की हड्डी, हिप्स, कलाई और पैर की बोन डेंसिटी बढ़ती है, जो टूटने के लिए सबसे सेंसिटिव होते हैं। रेगुलर एक्सरसाइज करने से लचीलापन और पोश्चर भी सुधरता है, जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा कम होता है। योगासन ध्यान और मानसिक शांति भी बढ़ाते हैं। इसे करने से व्यक्ति न सिर्फ योग मैट पर, बल्कि जीवन में भी मजबूत और आत्मविश्वासी बनता है।
वेट बेयरिंग योगासन को करने के लिए धैर्य और ध्यान की जरूरत होती है। इन्हें लगातार करने से स्थिरता और आंतरिक शक्ति आती है। ये आसन याद दिलाते हैं कि निरंतर अभ्यास से शारीरिक और मानसिक शक्ति दोनों बढ़ती है।

वारियर II
- यह आसन पैर, हिप्स और बाजुओं की शक्ति बढ़ाता है।
- गहरी और स्थिर सांसों से संतुलन और सहनशीलता बढ़ती है।
ब्रिज पोज
- पैरों को जमीन पर दबाकर हिप्स को ऊपर उठाने से पीठ के निचले हिस्से, यानी थाइज और हिप्स की मसल्स मजबूत होती हैं।
- यह आसन रीढ़ की हड्डी के लिए भी काफी फायदेमंद है।
चेयर पोज
- यह पोज बिना कुर्सी के बैठने जैसी स्थिति बनाकर किया जाता है।
- यह जांघों और पिंडलियों की हड्डियों पर प्रेशर डालता है, जिससे हड्डियां मजबूत और मसल्स टोंड होती हैं।
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त्रिकोणासन
- यह आसन हिप्स और रीढ़ को मजबूत करता है।
- सिर और पैरों को फैलाकर करने से संतुलन और स्थिरता बढ़ाता है। यह शरीर को स्ट्रेच और बैलेंस करता है।
प्लैंक पोज
- रीढ़, कंधे, हाथ और कलाइयों को मजबूत करता है।
- हाथों और पैरों पर शरीर को टिकाकर करने से ऊपरी शरीर की मसल्स और हड्डियां मजबूत होती हैं।
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वेट बेयरिंग योगासन हड्डियों को मजबूत और बोन डेंसिटी बढ़ाने में असरदार हैं। ये आसन शरीर की नेचुरल शक्ति को एक्टिव करते हैं। इन योगासनों को रोज करने से हड्डियां मजबूत होती हैं, मूड अच्छा होता है और जीवन हेल्दी होता है।
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