संस्कृत की एक कहावत के अनुसार, "क्योंकि सांस ही जीवन है और अगर हम सही तरीके से सांस लेगें, तो पृथ्वी पर बहुत दिन जीवित रहेंगे।" इसके अलावा यह भी सुना होगा कि योग जो करती हैं जो नारी नहीं होती है उसका कोई बीमारी। अगर आप लंबे समय तक हेल्‍दी जीवन जीना चाहती हैं तो अपने फिटनेस रूटीन में कुछ योगासन को जरूर शामिल करें। तो बस एक गहरी सांस लें, रिलैक्‍स करें और हम आपको कुछ ऐसे योगासन से रूबरू करा रहे हैं जो आपको आज और हमेशा आपके स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाए रखेंगे। इन योगासन के बारे में हमें इन योगासन के बारे में हमें योग गुरू नेहा जी बता रही हैं। योगा गुरु नेहा, द योग गुरु तथा वुमेन हेल्‍थ रिसर्च फाउंडेशन (ट्रस्‍ट) की संस्‍थापक हैं।

अगर आप रोजाना योगाभ्यास करती हैं तो आपने शायद कुछ लाभों पर ध्यान दिया होगा। योग मन को शांत करने, बेहतर नींद लाने या अधिक एनर्जी देने में मदद करता है। साथ ही रेगुलर इसे करने से वजन कम करने में मदद मिलती है और यह आपकी हेल्‍थ से जुड़ी कई समस्‍याओं को दूर करता है। इसके अलावा यह आपको सौंदर्य से जुड़े फायदे भी देता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि यह जीवन काल पर प्रभाव डालता है और दीर्घायु को प्रभावित करता हैं और लंबे और हेल्‍दी  जीवन को बढ़ावा देते हैं।

मत्स्येन्द्रासन

Matsyendrasana inside

यह आसन किडनी, लिवर, पैनक्रियाज, गॉल ब्‍लैडर और पेट के लिए बहुत ही अच्‍छा है। इसके अलावा यह पेट की चर्बी को खत्‍म करता है। मत्स्येन्द्रासन इन सभी अंगों से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। बीमारियां जैसे डायबिटीज, गैस, एसिडिटी, कब्‍ज, फैटी लिवर आदि में यह बहुत ज्‍यादा फायदेमंद होता है। जिन महिलाओं का गॉल ब्‍लैडर नहीं होता है अगर वह इस आसन को नियमित रूप करती हैं तो उन्‍हें बहुत ज्‍यादा फायदा होता है। इसे करने से हार्निया की शिकायत नहीं होती है, लेकिन हार्निया के मरीज को इसे करने से बचना चाहिए। समस्‍या ठीक होने के बाद इस आसन को किया जा सकता है।

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भू नमन आसन

yoga for long life inside

यह आसन मेरुदंड के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इसे करने के लिए जब हम सांस छोड़ते समय आगे की ओर झुकते हैं तो इसमें सिर को जमीन पर लगाना होता है। लेकिन अगर किसी की बॉडी फ्लेक्सिबल नहीं है तो वह इसे दुपट्टे या योगा बेल्‍ट के सहारे कर सकता है। इसे करने के लिए दोनों पैरों में योगा बेल्‍ट को फंसा लें और फिर बेल्‍ट को पकड़कर आगे की ओर झुकें। इसे करते समय आपकी कमर और गर्दन सीधी रहनी चाहिए। आगे की ओर झुकते हुए नाभि पर दबाव आता है और पेट का सारा प्रेशर चेस्‍ट में आता है। चेस्‍ट की ओर आने का मतलब है कि यह हमारे फेफड़ों की ओर जाता है। इस तरह से यह श्‍वसन तंत्र के लिए बहुत बढ़िया आसन है। 

जिनके फेफड़ों में ब्‍लॉकेज हो जाती है, सांस लेने में तकलीफ होती है या अस्‍थमा की समस्‍या है। इन सभी में यह आसन बहुत अच्‍छा होता है। ब्रोंकाइटिस की समस्‍या में भी यह बहुत फायदेमंद होता है। अगर किसी का सिर पूरी तरह से जमीन पर लग जाता है तो यह आसन हमारे रिप्रोडक्टिव सिस्‍टम के लिए भी बहुत अच्‍छा होता है। ऐसा करने से यह ओवरीज को सही तरीके से प्रेस करता है जिससे हार्मोनल असंतुलन के कारण पीरियड्स में आने वाली समस्‍याओं को ठीक करता है।   

विपरीत करनी आसन

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यह बहुत ही बढि़या आसन है। यह पूरी तरह से सर्वांगासन और शीर्षासन नहीं है बल्कि बीच का आसन है। इसे कोई भी आसानी से कर सकता है। इसे करने के लिए दोनों पैर और आधी कमर को ऊपर की ओर उठाते हैं। जिस तरह से हम चाय को छानते हैं उसी तरह से हमारा ब्‍लड इसे करने से पूरी तरह से छन जाता है। जिस महिलाओं को पैरों में सूजन, वैरिकोज वेन्‍स, पैरों में झनझनाहट, पैरों में से गर्मी निकलना, पैरों का कांपना आदि की समस्‍या होती है, वह इस योग को करने से पूरी तरह से ठीक हो जाती है। साथ ही इसे करने से पूरा ब्‍लड का सर्कुलेशन हार्ट और ब्रेन की ओर होता है। इसलिए हाई बीपी और हृदय रोगी को इस योग को करने से बचना चाहिए। इसके अलावा सभी महिलाएं इस आसन को कर सकती हैं। यह दिल को मजबूत बनाता है, मन और मस्तिष्‍क को शांत करता है। डिप्रेशन और उदासी में यह बहुत ही फायदेमंद आसन है। 

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वीरभद्रासन

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वीरभद्रासन, खड़े होकर करने वाला आसन है इसे कोई भी आसानी से कर सकता है। यहां तक कि इसे प्रेग्‍नेंट महिलाएं भी कर सकती हैं। इसे करने के लिए पैरों को सामांतर रेखा में खोला जाता है। इसे दोनों तरफ से किया जाता है। जब इसे दाई तरफ से किया जाता है तो दायां पंजा बाहर आता है, चेस्‍ट बाहर की ओर आती है और दोनों हाथों को नमस्‍कार मुद्रा में लेकर जाना होता है। जब इसे करते हुए हम अपनी बॉडी को स्‍ट्रेच करते हैं तो यह मेरूदंड के लिए बहुत अच्‍छा होता है। पैरों की मसल्‍स को सुडौल करता है और मजबूती देता है। इसे करते हुए जब आप अपने हाथों को पीछे की ओर लेकर जाते हुए कमर को पीछे की ओर मोड़ते हैं तो चेस्‍ट एकदम बाहर की ओर आती है तो इससे सीना चौड़ा होता है। यह ऊपरी बॉडी की शेप को ठीक करता है। फेफड़ों को पूरी तरह से खोलता है और श्‍वसन तंत्र के लिए अच्‍छा होता है। 

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इस आसन को नियमित रूप से करने से हर किसी के अंदर ऐसी शक्ति और ऊर्जा का संचार होता है जिससे उनके अंदर का डर निकल जाता है। जिन महिलाओं को भीड़ में जाने से डर लगता है यानि जिनको फोबिया की शिकायत होती है। उन्‍हें इस आसन को करने से बहुत लाभ होता है। 

आप भी इन आसन योगासन को करके हेल्‍दी और लंबा जीवन पा सकती हैं। योग से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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