Sat Sep 12, 2026 | Updated 01:16 AM IST

Expert Tips: तनाव मुक्त रहने का शक्तिशाली तरीका आप भी जानें

अगर आप तनाव मुक्त रहना चाहती हैं तो इस आर्टिकल में एक्‍सपर्ट का बताया शक्तिशाली तरीका जरूर अपनाएं। 
Updated:- 2021-06-09, 09:46 IST
technique to release stress main

तनाव और चिंता दोनों ही शरीर और दिमाग के लिए बेहद हानिकारक हैं, जो हमें आनंद और तृप्ति की भावना से वंचित रखता है। अगर तनाव कभी भी जीने की स्थिति बन जाता है तो यह शरीर में रोग के रूप में प्रकट होने की क्षमता रखता है। योग एक विश्वव्यापी तकनीक हैं, जिसका लोहा डॉक्टर भी मानते हैं, योग तनाव से संबंधित किसी भी विकार की कुंजी है।

योग में शरीर के लिए आसन, श्वास के लिए प्राणायाम और मन के लिए ध्यान शामिल हैं। यदि हम अपने शरीर, मन और आत्मा पर बेहतर नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं तो इसका उत्तर योग है। जीवन की चुनौतियों और कठिन समय के प्रति हमारी प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए योग एक समाधान है। पद्मासन, जिसे लोटस पोज भी कहते हैं, इस आसन को हम अपने रोज के अभ्यास में शामिल कर सकती हैं।

अगर आप योग में नए हैं तो पद्मासन का अभ्यास करने से पहले, अर्ध पद्मासन का अभ्यास करें। यह दोनों जांघों में से किसी एक पर दाएं या बाएं पैर को रखकर किया जाता है। अर्ध पद्मासन तब तक करती रहें जब तक आप पूर्ण पद्मासन को करने के लिए सहज महसूस न करें। पद्मासन को विशेष रूप से ध्यान आसन के रूप में जाना जाता है। प्रातः सुबह इस आसन का अभ्यास करना चाहिए, लेकिन इसे हम शाम को भी कर सकती हैं। इस बारे में हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी बता रहे हैं।

पद्मासन

Padmasana inside

  • अर्ध पद्मासन में अपने दाहिने पैर को अपनी बाईं जांघ के ऊपर रखकर बैठें।
  • अपना बायां पैर उठाएं और इसे अपनी दाहिनी जांघ पर ऊपर की ओर रखें।
  • अपने पैरों को अपने हिप्‍स के करीब स्‍ट्रेच करें।
  • अपने घुटनों को फर्श पर लगाएं।
  • अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर ऊपर की ओर रखें।
  • कुछ देर आसन में रहें।
  • दूसरे पैर से दोहराएं।

इसे जरूर पढ़ें: लॉक डाउन के समय इन स्टेप्स की मदद से करें स्ट्रेस को दूर

सलाह

  • अगर आपके घुटने या टखने में चोट है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • पद्मासन एक मध्यवर्ती आसन है, कृपया इसे किसी योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में करें।
  • इस आसन में सामान्य रूप से सांस लें और छोड़ें।

भस्त्रिका प्राणायाम

Bhastrika Pranayam inside

  • इसे करने के लिए सुखासन/पद्मासन/वज्रासन या किसी आरामदायक आसन में बैठ जाएं।
  • सांस लें और अपने फेफड़ों में हवा भरें।
  • पूरी तरह से सांस छोड़ें।
  • सांस लेना और छोड़ना 1:1 के अनुपात में किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आप 6 की गिनती तक सांस लेती हैं तो सांस छोड़े भी 6 की गिनती तक।

इसे जरूर पढ़ें:कहीं आपके बढ़ते weight और stress का कारण घर में मौजूद ये चीजें तो नहीं

तनाव हमारे जीवन का एक हिस्सा हैं लेकिन हम निश्चित रूप से इस पर काबू पा सकते हैं। योग और इसके अभ्यास हमें सिखाते हैं कि हम इससे कैसे निपट सकते हैं और इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं। योग, ध्यान और जागरूकता की प्राचीन प्रथाएं हमें रचनात्मक तरीके से तनाव से निपटने का ज्ञान प्रदान करती हैं। योग तकनीकें जैसे- आसन, प्राणायाम और ध्यान का नियमित अभ्यास करें। इससे सुनिश्चित होगा कि हमने हमारे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक कल्याण का ध्यान रखा है। योगाभ्यास से मन, शरीर और आत्मा का अलाइमेंट होता है। यह हमें, हमसे जोड़ता है और हम अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखने के लिए अपने वास्तविक स्वरूप को बेहतर ढंग से समझने लगते हैं।

आप भी यह शक्तिशाली तरीका अपनाकर तनाव मुक्त रह सकती हैं। फिटनेस से जुड़े ऐसी ही और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।