फेफड़ों को मजबूत बनाती हैं ये 3 मुद्राएं

कोविड-19 संक्रमण से पूरा देश जंग लड़ रहा है। कोविड से ग्रस्त लोगों में लंग्स इंफेक्शन खूब देखा जा रहा है। ऐसे में हर कोई इस तलाश में है कि कैसे अपने फेफड़ों को मजबूत बनाया जाए कि कोविड के इंफेक्शन से उसे ज्यादा क्षति न पहुंचे। हालांकि, अच्छे और सेहतमंद भोजन और व्यायाम से फेफड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर रूपल सिद्धपुरा ने भी इससे जुड़ा एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है। उन्होंने बताया है कि कैसे केवल हाथों की कुछ मुद्राएं आपके फेफड़ों को स्ट्रॉन्ग बना सकती हैं।
वह कहती हैं, ' यदि आप नियमित रूप से 10 मिनट दिन में दो बार इन मुद्राओं का अभ्यास करते हैं तो शरीर में इम्यूनिटी बढ़ती और फेफड़े मजबूत होते हैं।'

प्राण मुद्रा
कैसे करें प्राण मुद्रा-
- इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले मन को शांत करें और शरीर को ढीला छोड़ दें।
- अब अपने दोनों हाथों को आगे करें और दोनों हाथों की कनिष्ठा एवं अनामिका उंगली को मोड़कर अंगूठे की टिप से मिलाएं।
- बाकी बची दोनों उंगलियों को सीधा रखने का प्रयास करें।
- इस दौरान गहरी सांस लें और 10 मिनट तक इस मुद्रा में ही रहें।
- आप चाहें तो इस मुद्रा के दौरान 'ओम' शब्द का उच्चारण कर सकते हैं।
प्राण मुद्रा के फायदे-
- इस मुद्रा का अभ्यास करने से आपके शरीर की थकान दूर होती है। आपको बता दें कि यह शरीर के प्रथम चक्र (मूलाधार चक्र) को सक्रीय करती है, इससे पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
- यह मुद्रा आपके मानसिक स्वास्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इससे आपको डिप्रेशन, बेचैनी और तनाव आदि की समस्या में राहत मिलती है।
- इस मुद्रा से मूलाधार चक्र सक्रीय होता है, जिससे फेफड़े मजबूत होते हैं, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का भी समाधान होता है और सांस से जुड़ी बीमारी दूर होती है।
लिंग मुद्रा
कैसे करें लिंग मुद्रा-
- इस मुद्रा का अभ्यास करने के लिए आप सबसे पहले अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें।
- इसके बाद अपने सीधे हाथ के अंगूठे से बाएं हाथ के अंगूठे को लॉक करें।
- इस दौरान बाएं हाथ का अंगूठा ऊपर की दिशा में रहेगा।
- इस मुद्रा का अभ्यास आप 15 मिनट तक कर सकते हैं, मगर यदि आपकी तबियत सही नहीं है तो आपको इस मुद्रा का अभ्यास केवल 2 मिनट ही करना चाहिए।
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लिंग मुद्रा के फायदे-
- अगर आपके शरीर में बलगम बन रहा है तो इस मुद्रा के अभ्यास से बलगम (बलगम से छुटकारा पाने नुस्खे) फेफड़ों तक नहीं जाता है।
- इस मुद्रा को करने से मन शांत रहता है और शरीर का एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। अगर आपको सर्दी लग रही है तो इस मुद्रा में बैठ जाने पर आपको राहत मिलेगी। बुखार होने पर भी इस मुद्रा का अभ्यास करने से फायदा होगा।
- अगर आप इस मुद्रा का नियमित अभ्यास करते हैं तो इससे आपका वजन तक कम हो सकता है। यह मुद्रा शरीर में ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करती है।
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व्यान वायु मुद्रा
कैसे करें व्यान वायु मुद्रा-
- इस मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपने दोनों हाथों को आगे बढ़ाएं।
- अब दोनों हाथों की मध्यमा यानी पहली उंगली को मोड़ें और अंगूठे के आगे के भाग से मिलाएं।
- अब आपको अपनी तर्जनी उंगली और अनामिका उंगली की टिप को अंगूठे की टिप से मिलाना है।
- इस दौरान आपको अपन कनिष्ठा उंगली को सीधा रखना है।
- इस मुद्रा का अभ्यास आप 15 से 20 मिनट तक कर सकते हैं।
व्यान वायु मुद्रा के फायदे-
- इसे 'कुबेर मुद्रा' भी कहा जाता है। यह मुद्रा शरीर के अंदर मौजूद वायु को नियंत्रित करती है। इससे शरीर की हर क्रीया सुचारु रूप से चलती रहती है।
- अगर आपको यूरिन से जुड़ी समस्याएं हैं तो इस मुद्रा का अभ्यास करने पर आपको बहुत लाभ होगा।
- हृदय संबंधित रोगों को दूर करने के लिए भी आप इस मुद्रा का अभ्यास कर सकते हैं।
- यह मुद्रा शरीर में कफ नहीं बनने देती है और फेफड़ों को साफ रखने में मददगार होती है।
नोट- इन तीनों ही मुद्राओं का अभ्यास आपको सुबह सो कर उठने के बाद और रात में सोने से पहले नियमित रूप से करना चाहिए।
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