हार्मोन्स हमारे शरीर में जीवन की प्रमुख प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। जब हार्मोन्स संतुलित नहीं रहते हैं तो कई तरह की समस्याएं शुरू होने लगती हैं, जैसे- बाल झड़ना, पीरियड लेट से आना, अचानक वजन बढ़ना, मूड स्विंग आदि। हार्मोन्स हमारे शरीर के केमिकल मैसेंजर होते हैं। जब हार्मोन का असंतुलन होता है तो आपके पास एक निश्चित हार्मोन बहुत कम या ज्यादा हो जाते हैं। 

इससे होने वाले छोटे बदलाव आपके पूरे शरीर में गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। जबकि कुछ हार्मोन का स्तर लाइफटाइम बढ़ता-चढ़ता रहता है और यह आपकी बढ़ती उम्र की वजह से हो सकता है। लेकिन अन्य परिवर्तन तब होते हैं जब एंडोक्राइन ग्लैंड निर्धारित मात्रा में ब्लड नहीं पहुंचाते हैं। आपको बता दें कि हार्मोन का संतुलन बनाए रखने के लिए योगासन प्रभावी तरीका माना जाता है। ऐसे में आज हम बताएंगे कुछ ऐसे योगासन जो हार्मोन्स का संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। 

भुजंगासन

Bhujangasana

यह सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से 8वां हैं, इसे कोबरा आसन या सर्प मुद्रा भी कहा जाता है। इस योगासन के लिए प्रैक्टिस खाली पेट ही करनी चाहिए। अगर आपने कुछ खा लिया है तो उसके 5 या फिर 6 घंटे बाद ही यह आसन करें।

भुजंगासन करने का सही तरीका

सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेट जाएं और अपनी दोनों हथेलियों को जाँघों के पास ले जाएं। अब इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और दोनों हथेलियों को फर्श की तरफ करें। अब अपनी हथेलियों पर शरीर का वजन डाल दें। फिर सांस भीतर खींचे और अपने सिर को उठाकर पीठ की तरफ ले जाएं। इस दौरान अपने सिर को पीछे की तरफ खीचें और अपनी छाती को आगे की तरफ निकालें। इसके बाद अपने हिप्स, पैरों और जांघों  से फर्श की तरफ दबाव बढ़ाएं। इस स्थिति में अपने शरीर को करीबन 15 से 20 सेकंड तक रहने दें और सांस की गति सामान्य बनाए रखें। अब इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराएं।

शीर्षासन

Sirsasana

इन दिनों यह आसन लोगों के बीच काफी पॉपुलर है। हार्मोन्स को बैलेंस रखने के अलावा इस आसन को करने से स्किन ग्लो करने लगती है और चेहरे से झुर्रियाँ भी गायब होने लगती है। अगर आपको हार्ट संबंधी बीमारी, आंखों की कमजोरी, कमर दर्द, गर्दन दर्द जैसी समस्याएं हैं तो इस आसन को करने से बचें। 

शीर्षासन करने का सही तरीका

भुजंगासन की तरह ही शीर्षासन को भी खाली पेट करें। इसके लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं और अपने हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें। अब अपने माथे से ऊपर जहां पर बाल होते हैं वहां से दोनों हाथों की उंगुलियों को इंटरलॉक कर लें। अब आगे झुकते हुए अपने सिर को जमीन पर रख लें और दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें। इस दौरान हाथों की उंगलियों को आपस में इंटरलॉक रखें। सांस की गति नॉर्मल रखते हुए हाथों पर जोर डालते हुए शरीर का भार अपने सिर पर लाएं और फिर दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और एकदम सीधे रखें। आप चाहें तो शुरुआत में इसे करने के लिए दीवार या फिर किसी की मदद ले सकती हैं।

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सर्वांगासन

Sarvangasana

ये आसन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन इसके नियमित अभ्यास से हाथ और कंधे, अपर बैक, गर्दन आदि में मजबूती आती है।

इसे करने का तरीका

सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों की मदद से हीप्स, कमर को उठाएं। इस दौरान शरीर का सारा वजन आपके कंधों पर आ जाएगा। अब अपनी पीठ को अपने हाथों से सहारा दें। इसके बाद अपनी कोहनियों को पास में ले जाएं और हाथों को पीठ के साथ रखें। इस बीच अपने कंधों को सहारा देती रहें। इसके बाद अपनी कोहनियों को जमीन पर दबाते हुए और अपने हाथों को कमर पर रखते हुए कमर और पैरों को सीधा रखें। इसके बाद पौरों की उंगलियों को नाक की तरफ से सीधा ले आएं। साथ ही अपनी गर्दन को जमीन पर न दबाएं बल्कि उसे मजबूत रखें। अब अपनी छाती को ठोड़ी से लगा लें। इस पोजीशन में लंबी गहरी सांस लेती रहें और होल्ड करें।

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उष्ट्रासन

Ustrasana

इस आसन को नियमित करने से पेट की चर्बी तेजी से कम होने लगती है। इस आसन को सही तरीके और नियमित रूप से किया जाए तो आपको कुछ ही समय में फर्क नजर आने लगेगा।

उष्ट्रासन करने का सही तरीका

इसे करने के लिए सबसे पहले फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं और अपने हाथ हिप्स पर रख लें। इस दौरान ध्यान रखें कि आपके घुटने और कंधे एक ही लाइन में हों और पैरों के तलवे छत की तरफ रहें। इसके बाद सांस अंदर लें और रीढ़ की निचली हड्डी को आगे की तरफ ले जाएं। ऐसा करने से नाभि पर दबाव महसूस होगा। इसके बाद अपनी कमर को पीछे की तरफ मोड़ें और धीरे से अपनी हथेलियों की पकड़ पैरों पर मजबूत बनाएं। अब अपनी गर्दन को ढीला छोड़ दें और इस पोजीशन को करीबन 30 सेकंड तक होल्ड करें।

पश्चिमोत्तानासन

Paschimottanasana

यह शरीर को स्ट्रेच करने का बेहतर तरीका है। यह हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से राहत पाने के लिए बेहद लाभदायक है। इस आसन को रोजाना खाली पेट करना चाहिए।

पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका

इसे करने के लिए जमीन पर दोनों पैरों को एकदम सीधे फैलाकर बैठ जाएं। अब अपने दोनों पैरों को सीधा रखें। इस दौरान दोनों पैरों के बीच में दूरी नहीं होनी चाहिए। अब अपनी गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी को भी सीधा रखें। अब अपनी दोनों हथेलियों को दोनों घुटनों पर रखें। इसके बाद सिर और धड़ को आगे की तरफ धीरे-धीरे झुकाएं। इस दौरान अपने घुटनों को मोड़े नहीं और अपने हाथों की उंगलियों से पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें। इसके बाद गहरी सांस लें और धीरे से सांस को छोड़ें। इसके बाद अपने सिर और माथे को दोनों घुटनों से छूने की कोशिश करें। फिर अपनी बांहों को झुकाएं और कोहनी से जमीन को छूने की कोशिश करें। अब सांस को पूरी तरह छोड़ दें और इस पोजीशन को कुछ देर तक होल्ड करें। कुछ सेकंड बाद अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएँ।

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