चिप्स एक ऐसा स्नैक है जो बहुत ही आसानी से उपलब्ध भी होता है। हमारे टेस्ट के हिसाब से ये बहुत ही अच्छा भी होता है और साथ ही साथ ये बहुत क्रिस्पी होता है। अब किसी सस्ते स्नैक में ये सब कुछ मिले तो भला कोई इसे क्यों न खाए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1 पैकेट चिप्स भी आपके लिए कितना हानिकारक हो सकता है? दरअसल, चिप्स जिसे हमें बिना सोचे समझे खुद भी खाते हैं और बच्चों को भी खाने देते हैं वो बहुत ज्यादा खराब साबित हो सकता है। 

अगर आप रेगुलर चिप्स खाते हैं या फिर आप इन्हें अपनी डाइट में शामिल किए हुए हैं तो या तो कुछ हेल्दी ऑप्शन्स चुनें या फिर इन्हें खाने का तरीका बदल लें। हमने चिप्स को लेकर डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट स्वाति बथवाल से बात की है जिनका मानना है कि चिप्स हेल्दी नहीं होता ये सब जानते हैं, लेकिन ये कितना अनहेल्दी हो सकता है इसके बारे में लोगों को नहीं पता होता है। 

बाज़ार वाले चिप्स में सबसे खराब होती हैं ये चीजें-

स्वाति बथवाल का कहना है कि बाज़ार के चिप्स में एडिबल ऑयल के नाम पर जो भी चीज़ें होती हैं वो सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती हैं। सेहत के लिए इतनी खतरनाक हो सकती हैं कि इनमें कैंसर कारक तत्व भी हो सकते हैं। 

swati bathwal chips

इस प्रोसेस्ड तेल में कई तरह के प्रिजर्वेटिव डाले गए होते हैं। एडिबल ऑयल और वेजिटेबल ऑयल के नाम पर जो भी एजेंट्स डाले जाते हैं उससे कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। 1 पैकेट चिप्स भी आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल पर असर डाल सकता है। 

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बाज़ार के चिप्स में होता है ये खराब इंग्रीडियंट जो दिमाग पर करता है असर-

स्वाति जी का कहना है कि चिप्स में जो दूसरा सबसे खराब इंग्रीडियंट होता है वो है MSG (Monosodium glutamate) इसे भी वेजिटेबल ऑयल के तौर पर ही लिखा जाता है। इस इंग्रीडियंट के कारण ब्रेन सेल्स सिकुड़ जाते हैं। ऐसे में दिमाग एक जगह स्थिर नहीं रहता। जैसे बच्चों में इरिटेशन, ध्यान न लगना आदि समस्याएं होती हैं वो MSG के कारण हो सकती हैं। क्योंकि इसे वेजिटेबल ऑयल की तरह लिखा जाता है इसलिए लोगों को ये समझ नहीं आता कि असल में चिप्स में क्या है। 

chips and its affects

लोअर बेली फैट बढ़ाता है बाज़ार का चिप्स-

चिप्स का एक और जो खराब असर है वो है लोअर बेली फैट का बढ़ना। इसमें बहुत सारी कैलोरी, फैट, ऑयल्स आदि होते हैं जो वजन बढ़ाने का कारक बन सकते हैं। बाज़ार के चिप्स खाने पर ये भूख नहीं मिटाते हैं और कई बार आपको ऐसी फीलिंग होती है कि आपका मन नहीं भरा और इस कारण और ज्यादा चिप्स खा लिए जाते हैं।  

डायबिटीज का कारक हो सकता है- 

दरअसल, इनडायरेक्ट तौर पर ये डायबिटीज का कारक भी हो सकता है। हां, सीधे तौर पर ये नहीं है, लेकिन अगर ज्यादा खाया जाए तो इतने प्रोसेस्ड ऑयल्स के कारण डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। आजकल अडल्ट डायबिटीज ही नहीं बल्कि बच्चों में भी डायबिटीज काफी बढ़ रही है और ये बहुत नुकसानदेह हो सकता है।  

प्रिजर्वेटिव बहुत ही ज्यादा हानिकारक होते हैं- 

स्वाति जी का कहना है कि घर पर बनाया हुआ चिप्स कुछ दिन में खराब हो जाता है, लेकिन बाज़ार में बनाया गया चिप्स 2-3 साल तक खराब नहीं होता तो ऐसी चीज़ फ्रेश कैसे हो सकती है और आपके लिए वो कितनी हानिकारक हो सकती है ये सोचिए।  

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घर पर बनाए हुए चिप्स के लिए रखें ये ध्यान- 

अगर आपको चिप्स बहुत ज्यादा ही पसंद हैं तो आप बाज़ार के चिप्स खाने की जगह घर पर इसे खा सकते हैं, लेकिन ऐसे में चिप्स बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।  

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1. तेल या घी के साथ सावधानी-

घर पर आप कई तरह के चिप्स बना सकती हैं। लेकिन आपको उन्हें रिफाइंड ऑयल की जगह घी या फिर मूंगफली के तेल में तलना चाहिए जिसमें किसी भी तरह का कोई प्रिजर्वेटिव नहीं डाला गया हो। किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव के साथ अगर आप चिप्स खाएंगी तो ये सेहत के लिए नुकसानदेह होगा।  

भले ही इससे चिप्स जल्दी खराब हो जाएंगे, लेकिन इसकी तुलना में बाहर के चिप्स से ज्यादा हेल्दी रहेंगे।  

2. आलू नहीं अन्य चिप्स पर दें ध्यान- 

घर पर आपने देखा होगा कि हमारी दादी-नानी कई तरह के चिप्स बनाती थीं। आलू के चिप्स कहीं न कहीं बेली फैट बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इसके लिए आप चुकंदर के चिप्स, केले के चिप्स आदि स्नैक्स घर पर बनाकर रख सकती हैं जिससे आपकी मंचिंग भी पूरी हो और ये अनहेल्दी फैट न बढ़ाए। 

तो अब आप जान ही गए होंगे कि एक पैकेट चिप्स क्या कर सकता है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।