ब्रेस्‍ट मिल्‍क में मौजूद सारे पोषक तत्‍व शिशु को बीमारी, एलर्जी और मोटापे से बचाते हैं। यह डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों से भी बचाते हैं। साथ ही यह कान में होने वाले संक्रमण से बचाता है, जो ज्‍यादातर शिशु को बहुत परेशान करता है। इसके अलावा यह आसानी से पच जाता है और शिशु को कब्ज, दस्त या पेट खराब जैसी समस्‍याएं नहीं होती हैं।

ब्रेस्टफीडिंग करने वाले शिशु जैसे-जैसे बड़े होते हैं उनका हेल्‍दी वजन होता है और आईक्यू लेवल अधिक होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्रेस्‍फीडिंग करने वाले शिशुओं का पूरी जिंदगी पेट सही रहता है और उनका इम्‍यून सिस्‍टम बहुत स्‍ट्रॉग होता है, जो उन्हें बड़े होने पर बीमारियों और संक्रमण से दूर रहने में मदद करता है।

ब्रेस्‍टफीडिंग करवाना मां के लिए भी अच्‍छा होता है। ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताओं में टाइप 2 डायबिटीज और ब्रेस्‍ट कैंसर जैसे कुछ कैंसर का जोखिम कम होता है। ब्रेस्‍टफीडिंग प्रेग्‍नेंसी के बाद बढ़े हुए वजन को कम करने में और उनके बच्चों के साथ बंधन को मजबूत करने में मदद करती है।

ब्रेस्‍टफीडिंग पर्यावरण को भी सपोर्ट करता है क्योंकि, यह आपके बच्चे को जहां भी और जब भी जरूरत होती है, उपलब्ध होता है। यह हमेशा सही तापमान पर, साफ और बैक्‍टीरिया से फ्री होता है। साफ करने के लिए बोतलों की आवश्यकता नहीं होती है।

ब्रेस्‍टफीडिंग में कोई अपशिष्ट नहीं होते हैं, इसलिए यह पर्यावरण के लिए अच्छा है। हालांकि, कुछ महिलाएं डिलीवरी के बाद ब्रेस्‍ट मिल्‍क कम होने को लेकर चिंतित होती हैं। लेकिन परेशान न हो क्‍योंकि कुछ फूड्स को डिलीवरी के बाद अपनी डाइट में शामिल करके नेचुरल तरीके से ब्रेस्‍ट मिल्‍क को बढ़ाया जा सकता है। आइए वर्ल्‍ड ब्रेस्‍टफीडिंग वीक के मौके पर इन फूड्स के बारे में  MY22BMI की न्‍यूट्रिशनिस्‍ट और फाउंडर Ms. Preety Tyagi जी से जानें।

expert preety

इसे जरूर पढ़ें: World Breastfeeding Week: ब्रेस्‍ट मिल्‍क को बढ़ाएंगे ये 4 योगासन, रोजाना करें

मेथी के बीज

fenugreek seeds for breast milk inside

मेथी के बीज बहुत सुगंधित होते हैं और उन्हें शक्तिशाली गैलेक्टागोग्स के रूप में माना जाता है। उनमें एस्ट्रोजन जैसे तत्‍व होते हैं, जिन्हें दूध के फ्लो को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह भी माना जाता है कि जो महिलाएं दिन में 2 बार मेथी की चाय पीती हैं, उनमें अन्‍य महिलाओं की तुलना में ब्रेस्‍ट मिल्‍क ज्‍यादा बढ़ता है।

मेथी के बीज में कैल्शियम की मात्रा भी बहुत ज्‍यादा होती है, इसलिए यह ब्रेस्‍टफीडिंग के दौरान आपकी बोन हेल्‍थ के लिएभी अच्‍छा होता है। आप कुछ मात्रा में इसे रात को पानी में भिगोकर सुबह के समय ले सकती हैं।

ओटमील

ओट्स सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढ़ाने के लिए महिलाएं नाश्‍ते में रोज ओट्स खा सकती हैं। ओट्स में फाइबर अधिक मात्रा में होता है और ये एनर्जी से भी भरपूर होता है। ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताएं लंबे समय तक ओट्स पर भरोसा करके ब्रेस्‍ट मिल्‍क को बढ़ा सकती हैं।

साथ ही यह आयरन का बहुत अच्‍छा स्रोत है (आधा कप ड्राई ओट्स में लगभग 2 मिलीग्राम आयरन होता है और प्रतिदिन ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताओं की लगभग 20 प्रतिशत की आवश्यकता को पूरा करता है)।

लहसुन

garlic for breast milk inside

लहसुन और दूध की आपूर्ति के बीच लिंक पाया गया है। लहसुन में ऐसे तत्‍व मौजूद होते हैं, जो ब्रेस्‍ट मिल्‍क को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा लहसुन खाने सेमहिलाओं को कई तरह के कैंसर से भी बचाव मिलता है। लहसुन की कुछ कलियां भूनकर सूप या सब्‍जी में डालकर खा सकती हैं या आप चाहे तो सुबह के समय 1 या 2 कली को ऐसे भी ले सकती हैं।

सौंफ

सौंफ एक अन्य पारंपरिक मिल्‍क बूस्टर है और आमतौर पर ब्रेस्‍ट‍फीडिंग कराने वाली महिलाओं को इसे लेने की सलाह दी जाती है। मेथी की तरह, सौंफ़ के बीज में एस्ट्रोजन जैसे तत्‍व होते हैं, जो दूध की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। आप खाने के ऊपर सौंफ डालकर खा सकती हैं या सौंफ की चाय भी पी सकती हैं।

जीरा

cumin seeds for breast milk inside

जीरा डाइजेशन के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है। ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली महिलाओं में कब्ज, एसिडिटी से राहत देने के साथ सूजन को कम करने में भी मदद करता है। जीरा विटामिन और कैल्शियम से भी भरपूर होता है। इन बीजों का इस्‍तेमाल सलाद में करें या रात भर पानी में भिगोकर रखें और ज्‍यादा फायदे पाने के लिए सुबह के समय इसका पानी पिएं।

Recommended Video

दूध

दूध में फोलिक एसिड, कैल्शियम और हेल्‍दी फैट नेचुरली होता है, जो न केवल दूध उत्पादन में मदद करता है बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि दूध आपके बच्चे के लिए पोषण से भरपूर हो। ब्रेस्‍ट मिल्‍क को बढ़ाने के लिए डिलीवरी के बाद कम से कम दिन में 2 बार 1 गिलास दूध जरूर लें। 

तुलसी

tulsi for breast milk inside

ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताओं द्वारा पीढ़ियों से तुलसी का उपयोग किया जा रहा है। जबकि यह दूध उत्पादन में सहायक है, यह अपने शांत प्रभाव के लिए भी जानी जाती है, साथ ही साथ यह हेल्‍दी बाउल मूवमेंट और भूख को बढ़ावा देने में मदद करती है। आप चाय के रूप में तुलसी ले सकती हैं जो आपको रिलैक्‍स महसूस कराने में मदद करती है। 

इसे जरूर पढ़ें: नई मां इन 8 चीजों की मदद से आसानी से करा सकती है ब्रेस्टफीडिंग

इन फूड्स के अलावा, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, चुकंदर, शकरकंद आदि सब्जियां, दूध की आपूर्ति के लिए अच्छी होती हैं। खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। याद रखें, ब्रेस्‍टफीडिंग मांग और आपूर्ति के तंत्र पर काम करती है। जैसे-जैसे मांग बढ़ती है, उत्पादित दूध की आपूर्ति भी बढ़ जाती है।

इसलिए, अपने बच्चे को अक्सर ब्रेस्‍टफीडिंग कराएं। इसके अलावा ब्रेस्‍ट मिल्‍क को बढ़ाने के लिए अपने बच्चे को देने से पहले अपनी ब्रेस्‍ट की सर्कुलर मोशन में मसाज करें। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image Credit: Freepik.com