लिवर हमारी बॉडी का सबसे अहम अंग है और हमारे डाइजेशन में इसकी अहम भूमिका होती है। यह हमारी बॉडी के लिए कई महत्वपूर्ण काम करता है, जैसे बॉडी में मौजूद टॉक्सिन को बाहर निकालता है। इसलिए लिवर को हेल्‍दी रखने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। आजकल लगभग हर महिला को पेट से सम्बंधित कुछ न कुछ परेशानी लगी रहती है, क्या आप जानती हैं कि यह परेशानी लिवर में गड़बड़ी के कारण अधिक होती हैं। जी हां आजकल की महिलाएं अपनी डाइट पर विशष ध्यान नहीं दे पाती हैं, जिसकी वजह से लिवर खराब हो जाता हैं, या लिवर सम्बंधित अन्य परेशानी जैसे फैटी लिवर, सूजन और लिवर में इंफेक्‍शन आदि हो जाता है।
 
अगर आपका खाना भी ठीक प्रकार से नहीं पच रहा हैं या पेट में किसी प्रकार की परेशानी आ रही हैं तो आपको समझ जाना चाहिए कि ये लिवर की खराबी के लक्षण हैं। और इसे अनदेखा करना आपके घातक साबित हो सकता हैं। ज्यादातर लिवर की खराबी अधिक तेल मसाले वाला भोजन, ज्यादा शराब पीने या बाहर का खाना अधिक खाने के कारण होता हैं।

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लिवर में खराबी के लक्षण

  • लिवर की खराबी के कई लक्षण हो सकते हैं। कुछ आम लक्षण हैं जैसे –
  • मुंह से स्‍मैल आना।
  • आंखों के नीचे काले धब्बे पड़ना। 
  • पेट में हमेशा दर्द रहना।
  • भोजन का सही ढंग से नहीं पचना।
  • त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ना।
  • यूरीन या स्‍टूल का गहरा रंग।
  • लिवर की खराबी के कुछ अन्य भी लक्षण हो सकते हैं, जो टेस्‍ट के बाद ही पता चल पाते हैं।

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अगर में खराबी हो या लिवर पर फैट जमा हो या फिर वह बड़ा हो गया हो तो ऐसे में पानी भी नही हजम होगा, त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ने लगते हैं जिससे “लिवर स्पॉट” भी कहा जाता हैं। अगर हमारा लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा होता हैं, तो जैसे कि हमने आपको बताया कि ऐसे में मुंह से गन्दी बदबू आने लगती हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मुंह में अमोनिया ज्यादा रिसता हैं, आंखों के नीचे धब्बे पड़ने लगते हैं जिस पर आपके खराब हेल्‍थ का असर साफ़ दिखाई देने लगता हैं।

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लिवर को हेल्‍दी रखने के आयुर्वेदिक टिप्‍स

लिवर को हेल्‍दी रखने के लिए स्वामी परमानन्द प्राकृतिक चिकित्सालय के आयुर्वेदिक डॉक्टर सुबोध भटनागर कुछ आयुर्वेदिक टिप्‍स के बारे में बताते हैं जो हमारे लिवर को हेल्दी रखने में हेल्‍प करता हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर सुबोध भटनागर का कहना हैं कि 'लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित बॉडी में मौजूद टॉक्सिन्स करते हैं। इसलिए लिवर का उपचार करने से पहले रोगी का ब्‍लड साफ होना जरूरी है ताकी लिवर पर जमे दूषित दोष नष्ट हो सके और लिवर का भार कम हो सके।' आइए जानें किन टिप्‍स की हेल्‍प से आप ऐसा कर सकती हैं।
  • रात को सोने से पहले दूध में हल्दी मिला कर पीयें क्योंकि हल्दी इम्‍यूनिटी बूस्‍टर होती हैं और यह हेपेटाइटिस बी व सी के कारण होने वाले वायरस को बढ़ने से रोकता हैं। इसके अलावा यह डायबिटीज, फैटी लिवर, इंसुलिन और मोटापे जैसी खतरनाक बीमारियों से भी आपकी हेल्‍प करती है।
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्‍पल साइडर सिरका एवं शहद मिला कर दिन में दो से तीन बार लें। यह बॉडी में मौजूद टॉक्सिन को निकालने में हेल्‍प करता हैं। जिससे आपका लिवर हेल्‍दी रहता है। खाना खाने से पहले सेब का सिरका पीने से फॅट कम होती है।

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      • आंवला विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत हैं यह liver को कार्यशील बनाने में हेल्प करता हैं। हेल्दी लिवर के लिए दिन में 4-5 आंवले का सेवन जरूर करना चाहिए।  
      • यह बात तो आप सभी जानती हैं कि पपीता पेट से सम्बंधित लगभग सभी रोगों के लिए एक रामबाण औषधि हैं, प्रतिदिन दो चम्मच पपीते के रस में आधा चम्मच नींबू का जूस मिलकर पीयें इससे पेट सम्बंधित कई परेशानियों से निजात मिलती हैं, खासकर यह “लिवर सिरोसिस” में बेहद लाभकारी होता हैं।
      • पालक और गाजर के रस का मिश्रण “लिवर सिरोसिस” के लिए फायदेमंद घरेलू उपचार हैं।
      • सेब और हरी पत्तेदार सब्जियां डाइजेस्टिव में उपस्थित टॉक्सिन को बाहर निकलने में और लिवर को हेल्दी रखने में हेल्प करता हैं।
      • आंवले के बारे में तो आपने सुना ही हैं लेकिन क्या भुई – आंवला के बारे में जानती हैं, शायद नहीं लेकिन यह एक ऐसी औषधि हैं जो हमारे लिवर को संपूर्ण सुरक्षा देती हैं। इसका प्रतिदिन सेवन करना चाहिए। 
      • मुलेठी लिवर की बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस और कैंसर को दूर करने में काफी हेल्प करती है। इसमें मौजूद केमिकल ग्लामइसाइरजिन लिवर को मजबूत बनाने का काम करता है। लिवर की बीमारियों के इलाज के लिए मुलेठी एक कारगर वैदिक औषधि है। मुलेठी की जड़ को पीसकर पाउडर बनाकर इसे उबलते पानी में डालें। फिर ठंड़ा होने पर साफ कपड़े से छान लें। इस चाय रुपी पानी को दिन में एक या दो बार पिएं।

योगा भी है बहुत उपयोगी

अनुलोम विलोम प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम को सुबह जरूर करें। इन सभी बातों को अगर आप ध्यान रखेगी तो आप लिवर की बीमारी से बची रहेगी।