कई बार हमें लगता है कि हम चिड़चिड़े हो गए हैं और बात-बात पर गुस्सा आने लगा है। लेकिन अगर ध्यान दिया जाए तो हमारा गुस्सा अधिकतर घबराहट और हाई बीपी का ही नतीजा होता है। भारतीय घरों में हाइपरटेंशन और एंग्जाइटी जैसे शब्दों का मतलब अधिकतर लोग पागलपन से जोड़ लेते हैं जो सरासर गलत है। भारत में लोग मेंटल हेल्थ पर ध्यान नहीं देते और यही कारण है कि हाइपरटेंशन और एंग्जाइटी के मरीजों को पता भी नहीं होता कि उनके साथ क्या हो रहा है। 

एंग्जाइटी और हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं के लिए आपको ध्यान रखना चाहिए कि किसी एक्सपर्ट से बात हमेशा बेहतर होती है। पर अगर ये कहा जाए कि ऐसी स्थिति में क्या रास्ते अपनाए जा सकते हैं और क्या मदद कर सकते हैं ये आपके लिए जानना जरूरी होगा। 

इस विषय के बारे में हमने सर्टिफाइड क्लीनिकल डायटीशियन, लेक्चरर, डायबिटीज एजुकेटर, मीट टेक्नोलॉजिस्ट और NUTR की फाउंडर लक्षिता जैन से बात की। लक्षिता जैन कई रिसर्च प्रोजेक्ट से जुड़ी हुई हैं और वो इस विषय के बारे में भी अध्ययन कर रही हैं। 

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क्या है हाइपरटेंशन और एंग्जाइटी का असली मतलब?

अगर हम मेडिकल डेफिनेशन के बारे में बात करें तो हाइपरटेंशन का मतलब है कि आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल से ज्यादा हो रहा है। मेडिकल फैक्ट्स में 140/90 से ऊपर के ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन कहा जाता है। एंग्जाइटी की परिभाषा चिंता और घबराहट होती है जो हमें किसी भी कारण से हो सकती है। 

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वैसे तो ये दोनों ही अधिकतर लोगों को होते हैं, लेकिन अगर इसका सही समय पर ट्रीटमेंट न किया जाए तो ये बहुत ही बड़ी समस्या में तब्दील हो सकता है। हाइपरटेंशन से तो हार्ट से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं और साथ ही साथ एंग्जाइटी मानसिक तनाव में बदल सकती है।  

हर बार जब हमारा दिल धमनियों के जरिए ब्लड पंप करता है तो ऑक्सीजन पूरे शरीर में जाता है और अगर दिल का धड़कना तेज या कम हो जाए तो इंसान की तबीयत खराब होने लगती है।

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हाइपरटेंशन की समस्या में क्या करना चाहिए?

हाइपरटेंशन की समस्या में आप डाइट में ऐसी चीजें ले सकते हैं जो दिमाग को शांत और ब्लड प्रेशर को सही करने का काम करती हैं, लेकिन आपको ध्यान इस बात का रखना है कि हर इंसान की हेल्थ कंडीशन अलग होती है और ऐसे में अगर किसी को कोई चीज़ सूट नहीं कर रही है तो उसे वो नहीं लेना चाहिए और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही डाइट में बदलाव करने चाहिए। 

  • 1 छोटा चम्मच शहद, 1 छोटा चम्मच अदरक जूस, 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर रोजाना पिएं। 
  • ब्राउन राइस खाएं जिसमें सोडियम कंटेंट कम होता है, साथ ही चावल बनाते समय पानी के साथ नमक ना मिलाएं। 
  • प्रोसेस्ड फूड्स कम कर दें जिसमें सॉल्ट इंटेक काफी ज्यादा होता है। ये हाइपरटेंशन की समस्या में ज्यादा खराब साबित हो सकते हैं। 
  • मौसमी, संतरा, पीच, अमरूद, पियर, प्लम आदि सीजनल फल खाएं जिनमें दिन में कम से कम 5 सर्विंग्स आपकी फल और सब्जियों वाली होनी चाहिए। 
  • धनिया का जूस पीना ऐसी स्थिति में फायदेमंद साबित हो सकता है।
  • हरी सब्जियों में मेथी का जूस, वेजिटेबल जूस भी ऐसी स्थिति में फायदा पहुंचा सकता है। 
  • आपको कौन सा जूस सूट करता है उसे 10-12 दिन पीकर देखें या डॉक्टर की सलाह लें। 
  • करी पत्ते का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। 1 चम्मच नींबू का जूस, अदरक और करी पत्ते का जूस मिलाकर आप पिएं। 

भारतीय हार्ट एसोसिएशन के सुझाव-

इस मामले में भारतीय हार्ट एसोसिएशन ने भी लोगों को कुछ सुझाव दिए हैं-

  • वजन कम करना बीपी को कंट्रोल करने के लिए एक जरूरी कदम साबित हो सकता है। 
  • हफ्ते में कम से कम 5 दिन आपको कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए।
  • दो ड्रिंक्स प्रति दिन से ज्यादा अल्कोहल न पिएं। 

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अगर होती है घबराहट (एंग्जाइटी) और आता है गुस्सा तो क्या करें? 

अभी हमने हाइपरटेंशन की बात कर ली, लेकिन अभी भी एंग्जाइटी की समस्या पर बात नहीं हुई है। एंग्जाइटी अगर जरूरत से ज्यादा हो रही है और पैल्पिटेशन शुरू हो गए हैं तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें। इसे कम करने के लिए अलग-अलग तरह की calming tea का सहारा लिया जा सकता है।  

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1. कैमोमाइल टी- 

इसे सबसे बेहतर रिलैक्सिंग चाय के तौर पर जाना जाता है। अगर आपको घबराहट होती रहती है तो कैमोमाइल टी बहुत मददगार साबित हो सकती है। घबराहट के साथ गुस्सा भी आता है और चिड़चिड़ापन है तो ये बहुत मददगार साबित होगी।  

2. हिबिस्कस चाय- 

ग्रीन टी पाउडर के साथ हिबिस्कस फूल को उबालें और इसे पिएं। इस चाय को पीने से पहले सूंघे ये चाय आपको रिलैक्स होने में मदद करेगी।  

3. लैवेंडर चाय- 

इसे भी वैसे ही बनाना है जैसे हिबिस्कस चाय को बनाना है। लैवेंडर की खुशबू दिमाग को शांत करने में मदद करती है और शरीर को रिलैक्स भी करती है।  

4. काहवा - 

कश्मीरी काहवा कई मसालों के साथ बनाया जाता है और इसमें फूलों को भी शामिल किया जाता है। ये एंग्जाइटी को कम करने में मदद कर सकता है।  

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5. ब्रह्मी और अश्वगंधा- 

1/4 छोटा चम्मच ब्राह्मी पाउडर और 1/2 छोटा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पानी में उबालें और शाम के वक्त इसे पिएं।  

6. मेलाटोनिन से भरपूर खाना खाएं- 

चेरी, गोजी बेरीज, ब्राजील नट्स, फैटी फिश, अंडे, कद्दू के बीज, डार्क चॉकलेट आदि फूड्स शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें अपनी हेल्थ के हिसाब से ही खाना चाहिए। 

 

आपके लिए ये बहुत जरूरी है कि आप एक्सपर्ट से परामर्श करें और उसके बाद ही अपनी हेल्थ कंडीशन पर ध्यान दें। हम सिर्फ आपको सुझाव दे सकते हैं बाकी आपको अपने हिसाब से ही काम करना चाहिए। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।