सिर का दर्द एक आम समस्या है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान रहता है। सिर में दर्द होने की वजह से हम किसी काम में मन नहीं लगा पाते। इसके बावजूद लोग इसे नजरअंदाज करते हैं और इसके दर्द को सहते रहते हैं। सिर दर्द कई तरह के हो सकते हैं, उन्हीं में एक माइग्रेन का दर्द है। यह सिर के एक हिस्से को प्रभावित करता है, जिसमें असहनीय दर्द होता है। माइग्रेन का दर्द एक गंभीर समस्या है, जो दो से तीन दिनों तक आपको परेशान कर सकता है। माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों को आजमा सकती हैं। इन घरेलू उपायों के बारे में आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. अरविंद गुप्ता बता रहे हैं ।

डॉ. अरविंद गुप्ता बताते हैं, 'आयुर्वेद के मुताबिक, आपके खानपान और जीवनशैली की वजह से वात, पित्त और कफ दोष में बदलाव आने पर ऐसा हो सकता है। वात के कारण सिरदर्द होने पर न्यूरोलॉजी से संबंधित समस्याएं भी बढ़ती हैं। यह दर्द गंभीर होने पर गर्दन और कानों को भी प्रभावित करता है। माइग्रेन भी मुख्य तौर पर दो तरह के होते हैं। एक क्लासिक माइग्रेन और दूसरा नॉन-क्लासिक माइग्रेन होता है। क्लासिक माइग्रेन होने पर आपको कुछ संकेत मिलते हैं, जिनसे आपको पता लग जाता है कि आपको माइग्रेन का दौरा पड़ने वाला है। नॉन क्लासिक माइग्रेन में समय-समय पर सिर में तेज दर्द होता रहता है। 

माइग्रेन के लक्षण

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माइग्रेन के कुछ लक्षणों को पहचान कर यह समझा जा सकता है कि आपको माइग्रेन अटैक पड़ने वाला है। इस समय विजुअल डिस्टर्बेंस होने लगता है। आपको आंखों के आगे धुंधलापन और छोटे-छोटे स्पॉट्स दिखाई दे सकते हैं। हल्की-हल्की झनझनाहट होती है। दर्द एक ही हिस्से पर होना शुरू हो जाता है और आपको मतली और उल्टी भी होने लगती है। यह लक्षण 2-3 दिनों तक रह सकते हैं।

कुछ लोगों में यह समस्या डेरी प्रोडक्ट्स के सेवन से हो सकती है या फिर ऐसे फूड आइटम का सेवन करने से हो सकती है, जिनमें सल्फेट की ज्यादा मात्रा हो। ऐसे खाद्य पदार्थ आपकी ब्लड कैपिलरीज को डाइलेट करते हैं और दिमाग में खून का प्रवाह बढ़ता है, जिससे माइग्रेन का दर्द हो सकता है। खाने के साथ-साथ माइग्रेन हार्मोन के असंतुलन, प्राकृतिक वातावरण, एक्सेस एक्सरसाइज के कारण भी हो सकता है।

माइग्रेन से बचाव के उपाय

आप इस दर्द से बार-बार न गुजरें, इसलिए अपनी जीवनशैली पर खासतौर पर ध्यान दें। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा भी आप कुछ होम रेमेडीज अपना सकती हैं, जो इस प्रकार हैं-

जायफल का पेस्ट लगाएं

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जायफल एक ऐसा मसाला है जो आपके मस्तिष्क को शांत और तनावमुक्त रखने में मदद करता है। यह औषधीय गुणों की खान है, जो सिर के दर्द में आराम पहुंचाता है। आप इसके पाउडर को पानी या कच्चे दूध के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। अब यह लेप अपने माथे और कान के पीछे लगाकर रखें। इसकी मसाज करने से भी आपको तुरंत आराम मिलेगा। दर्द दूर होगा और आपको अच्छी नींद आएगी।

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पेपरमिंट तेल और चाय

पेपरमिंट ऑयल की खुशबू आपको सिर दर्द से छुटकारा दिला सकती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण नर्व्स को आराम पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं यह दर्द से होने वाली मतली और उल्टी को रोकने में भी सहायक है। आप पेपरमिंट ऑयल को सूंघ सकती हैं या फिर इसके तेल को उंगलियों पर लेकर माथे पर मसाज कर सकती हैं। सिर दर्द होने के दौरान अदरक की चाय के अलावा आप पेपरमिंट की चाय भी पी सकती हैं।

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तिल का तेल

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अगर आपको बहुत तेज माइग्रेन का दर्द उठा है, तो आप तिल के तेल की कुछ बूंदें नाक में डालें। आयुर्वेद के मुताबिक, माइग्रेन वात दोष के कारण हो सकता है, जो मेंटल स्ट्रेस को भी बढ़ावा देता है। वात दोष के कारण न सिर्फ माइग्रेन होता है, बल्कि आपकी मसल्स में ऐंठन हो जाती है। शरीर से इस प्रेशर को रिलीज करने के लिए, आप अपनी दोनों नॉस्ट्रिल्स में दिन में एक बार तिल के तेल की 3-3 बूंद डालें। तिल का तेल उन गैस को रिलीज करेगा, जो आपके मस्तिष्क में दबाव बना रही हैं और आपकी बॉडी भी रिलैक्स होगी।

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पथ्यादि काढ़ा 

पथ्यादि आयुर्वेदिक काढ़ा है, जिसे कई तरह-तरह के फूल, हर्ब्स और पौधों से बनाया जाता है। इन आयुर्वेदिक हर्ब्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी और पेन-रिलीविंग गुण होते हैं, जो आपके माइग्रेन के दर्द को कम कर सकते हैं। यह काढ़ा कई तरह के सिर दर्द में राहत पहुंचा सकता है और आपकी नींद की समस्या को भी ठीक करता है। आप इसे किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर से खरीद सकती हैं। माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए 10-20 ml काढ़ा को बराबर मात्रा में गर्म पानी के साथ मिक्स कर, इसका सेवन करना लाभकारी होता है। बेहतर है कि आप इसे अपने डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही लें।

जब भी आपको माइग्रेन का दर्द परेशान करे, तो आप इन टिप्स को आजमा सकती हैं। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें। ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

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