अगर आपको अपने गालों पर लाल धब्बे दिखाई दे रहे हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपको मुंहासे की समस्या है। लेकिन, यह एक अन्य त्वचा की समस्या का संकेत भी हो सकता है जिसे रोजेशिया कहा जाता है। दोनों समस्याओं की एक जैसी विशेषताएं होती हैं, जैसे आपकी नाक और गालों पर विकसित होने वाले पिंपल्स।
हालांकि, मुंहासे और रोजेशिया के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं और इसके लक्षण और उपचार भी अलग-अलग होते हैं। इस आर्टिकल में, हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि मुंहासे और रोजेशिया के बीच क्या अंतर है और आपके कौन सा उपचार बेहतर हो सकता है।
साथ ही, इसके आधार पर आपको किस तरह का उपचार लेना चाहिए। इसकी जानकारी हमें द स्किन सेंस, स्किन एंड हेयर क्लीनिक के फाउंडर, डर्मेटोलॉजिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आलेक्या सिंगापुर जी दे रही हैं। अगर आप भी इन दोनों समस्याओं में अंतर को लेकर कंफ्यूज हैं तो इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें।
एक्सपर्ट के अनुसार, 'मुंहासे और रोजेशिया दोनों ही त्वचा की सामान्य समस्याएं हैं जिनका सामना बहुत से लोग करते हैं। जबकि वे कभी-कभी त्वचा पर समान दिखाई देते हैं, उनके बीच कुछ अंतर होते हैं। कभी-कभी लक्षण समान होते हैं लेकिन मुंहासे और रोजेशिया के लिए ट्रीटमेंट अलग हैं।'
मुंहासे और इसके लक्षण
मुहांसे कम उम्र यानि किशोरावस्था में हो सकते हैं। लेकिन यह समस्या 30 या 40 की उम्र के बाद भी अनुभव की जा सकती है। आमतौर पर, यह चेहरे, माथे, चिन और कभी-कभी शरीर पर भी दिखाई देते हैं। हमारी त्वचा सीबम का उत्सर्जन करती है और कभी-कभी अतिरिक्त सीबम त्वचा और बालों के रोम के बीच फंस जाता है।
डेड स्किन सेल बिल्ड-अप और ऑयल के परिणामस्वरूप मुहांसे होते हैं। मुहांसे विभिन्न रूपों में दिखाई देते हैं, जैसे पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स।
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लक्षण
आमतौर पर, मुहांसे छोटे, लाल धक्कों के रूप में दिखाई देते हैं। कभी-कभी ये छाले मवाद से भर जाते हैं और इनमें कई बार दर्द भी हो सकता है। ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स बंद होते हैं और बंद रोमछिद्र खुल जाते हैं। ऑयली त्वचा वाले लोग ज्यादातर अपने टी जोन पर मुंहासे का अनुभव करते हैं जोकि माथा, नाक और चिन एरिया हैं। हालांकि, यह पीठ, कंधों और चेस्ट पर भी हो सकते हैं।
कारण
मुंहासे विभिन्न कारणों से हो सकते हैं। नींद की कमी, हार्मोन असंतुलन, तनाव, असंतुलित आहार, चिंता और त्वचा पर हार्श केमिकल्स का इस्तेमाल आदि कई कारणों से मुंहासों के लिए जिम्मेदार हैं।
मुंहासों के लिए ट्रीटमेंट
मुहांसे का इलाज कुछ ऐसी दवाओं या प्रोडक्ट्स से किया जा सकता है जिनमें सैलिसिलिक एसिड, एजेलेइक एसिड, रेटिनोइड, बेंज़ॉयल पेरोक्साइड आदि जैसे तत्व होते हैं। साथ ही इनकी हेल्दी और बेहतर त्वचा के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सिफारिश की जाती है।
गंभीर परिस्थितियों में, लंबे समय तक मुंहासों को रोकने के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श करना और एक निर्देशित डाइट चार्ट को फॉलो करना सबसे अच्छा रहता है।
रोजेशिया और इसके लक्षण
रोजेशिया एक त्वचा की समस्या है जिसमें त्वचा पर रेडनेस दिखाई देती है। त्वचा ब्लड वेसल्स की तरह दिखती है और कभी-कभी छोटे मवाद से भरे छाले भी होते हैं। मुंहासों के विपरीत, रोजेशिया आमतौर पर 30 साल की उम्र के बाद होता है।
हालांकि, कुछ मामलों में, यह कम उम्र के लोगों में भी हो सकता है। चूंकि रोजेशिया रेडनेस से जुड़ा हुआ है, यह गोरी त्वचा वाले लोगों पर अधिक प्रमुखता से दिखाई देता है, लेकिन अन्य रंग के लोग इस त्वचा की स्थिति से गुजर सकते हैं।
लक्षण
रोजेशिया के कारणब्लश जैसी उपस्थिति हो सकती है और यह समस्या आमतौर पर चेहरे और आंखों के आस-पास दिखाई देती है। कुछ लोग शरीर के अन्य अंगों पर भी इस त्वचा की समस्या का अनुभव करते हैं। त्वचा के नीचे ब्लड वेसल्स स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगती हैं, जिससे चेहरा लाल हो जाता है।
मवाद से भरे सूजे हुए और कोमल छाले रोजेशिया का एक और लक्षण है जो मुंहासों जैसा दिखता है। लेकिन मुंहासों के विपरीत, त्वचा पर व्हाइटहेड्स या ब्लैकहेड्स नहीं होते हैं, लेकिन त्वचा थोड़ी जली हुई और गर्म महसूस होती है। चुभन और खुजली भी रोजेशिया के कुछ सामान्य लक्षण हैं। जबकि मुंहासे एक अस्थायी त्वचा की स्थिति है, रोजेशिया एक दीर्घकालिक त्वचा समस्या है।
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कारण
अत्यधिक तनाव, गर्म पेय पदार्थ, अत्यधिक मौसम की स्थिति जैसे गंभीर गर्मी या गंभीर ठंड, कैफीन, अल्कोहल, मसालेदार भोजन और सूरज की रोशनी के अत्यधिक संपर्क जैसे कई कारक रोजेशिया पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं।
रोजेशिया के लिए ट्रीटमेंट
सूदिंग अवयवों वाली क्रीम और जैल त्वचा के प्रभावित एरिया को शांत करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, इसे रोकने का एक और तरीका यह है कि ऐसे ड्रिंक्स और फूड्स से परहेज करना जो रोजेशिया को ट्रिगर कर सकते हैं। हालांकि, डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श करना और निर्धारित दवाएं लेने से त्वचा के लिए सबसे सुरक्षित तरीके से मदद मिल सकती है।
अगर आपको भी त्वचा की हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या है तो हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं और हम अपनी स्टोरीज के जरिए इसका हल करने की कोशिश करेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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