आजकल एसिडिटी और कब्ज की समस्या बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी हो रही है। इसके पीछे वजह है अनहेल्दी डाइट और लाइफ़स्टाइल। इन दिनों बच्चों का देर से उठने और सोने के अलावा उनके ख़राब खाने की आदतें भी उनकी सेहत को प्रभावित कर रही हैं। बता दें कि बच्चों में इन दिनों एसिडिटी की शिकायतें अधिक देखने को मिल रही हैं। पेट में दर्द, भूख न लगना, और पेट भरा-भरा महसूस होना जैसी समस्याएँ एसिडिटी के लक्षण हैं। इससे बच्चों की सेहत पर काफ़ी गहरा असर पड़ता है। 

वहीं इन समस्याओं से निजात पाने के लिए बहुत ज़रूरी है कि बच्चों को रोज़ाना योगासन करने के लिए मोटिवेट किया जाये। कई योगासन ऐसे हैं जिसे आप शुरुआत में बच्चों से करवाएंगी तो उन्हें काफ़ी फ़ायदा होगा। यह उनके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद हैं।

पवनमुक्तासन

pawanmuktasana

पवनमुक्तासन करने से पेट पर दबाव पड़ता है, यह पेट में मौजूद गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। इस आसन में बॉडी हवा में होती है, इसलिए इसका नाम पवनमुक्तासन है। बच्चे इस  योगासन को करना पसंद करेंगे।

पवनमुक्तासन करने का तरीका

  • सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथ और पैरों को सीधा फैला लें।
  • इस दौरान अपने शरीर को ढीला रखें और अब अपने घुटनों को बेंड करें। अब इसे अपने हाथों की मदद से छाती की तरफ़ ले जाएं।
  • अब अपने माथे को उठाएं और घुटने की तरफ झुकाएं। ऐसा करने से बैक की तरफ से आपका शरीर उठा हुआ नज़र आएगा।
  • अब इस पोज़ीशन में अपनी सांस रोके रखें और कुछ देर होल्ड करें।
  • कुछ सेकंड बाद सांस छोड़ दें और वापस सामान्य पोज़ीशन में आ जाएं।
  • इस प्रक्रिया को करीबन शुरुआत में 5 से 7 बार दोहराएं।

पश्चिमोत्तानासन

Paschimottanasana

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पश्चिमोत्तानासन ज़रूर करवाएं। इस आसन से उनके शरीर में न सिर्फ़ एसिडिटी की समस्या को, बल्कि कई अन्य विकारों को भी दूर किया जा सकता है। वहीं इस आसन को करते वक़्त पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है।

पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका

  • सबसे पहले ज़मीन पर बैठ जाएं और अपने सामने दोनों पैरों को फैलाएं।
  • इस दौरान पीठ की पेशियों को ढीला रखें और सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर अपने सिर को झुकाएं, इस दौरान अपने हाथों से अंगूठे की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करें। 
  • इसके साथ ही अपनी नाक को घुटनों से लगाने की कोशिश करें, फिर सांस लें और छोड़ दें।
  • इस पोज़ीशन में बॉडी को होल्ड करें। शुरुआत में इसे करने में मुश्किलें आ सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसे प्रैक्टिस में लाने की कोशिश करें।
  • प्रैक्टिस में आने के बाद होल्ड करने का समय बढ़ाते चलें।

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शशांकासन

Shashankasana

एसिडिटी की समस्या दूर करने के अलावा यह बच्चों में एंग्जाइटी और स्ट्रेस की समस्या को भी दूर करेगा। यह आसन पेट के अंगों की मसाज करता है और पाचन तंत्र को सुचारू रूप से फ़ंक्शन करने में मदद करता है।

शशांकासन करने का तरीका

  • इसे करने के लिए वज्रासन की पोज़ीशन में बैठ जाएँ और अपने हाथों को थाइज पर रख दें।
  • अब अपने दोनों हाथों को सांस भरते हुए ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान आप अपने कंधों को कानों से सटा हुआ महसूस करेंगी।
  • फिर अपनी बॉडी को सामने की ओर झुकाएं और अपने हाथों को आगे समानांतर फैलाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए हंथेलियों को ज़मीन पर टिका दें। इस दौरान अपना माथा भी ज़मीन पर टिकाएं।
  • इस पोज़ीशन में कुछ देर के लिए होल्ड करें, फिर इसे दोहराएं।
  • यह योगासन बेहद आसान है, बच्चे इसे आसानी से कर सकते हैं।

वहीं बच्चे इन योगासान को रोजाना करेंगे तो उनमें हेल्दी आदत विकसित होंगे। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा? हमें फेसबुक पर कमेंट करके जरूर बताएं। फिटनेस से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।