बेंच प्रेस एक बेहद ही महत्वपूर्ण एक्सरसाइज है। अगर इसे सही तरह से किया जाए तो इससे आपकी अपर बॉडी स्ट्रेन्थ बढ़ती है। साथ ही बॉडी का स्टेमिना भी बेहतर होता है। इतना ही नहीं, बेंच प्रेस आपकी गर्दन, छाती, बाइसेप्स और यहां तक कि आपके कोर पर भी काम करती है। यदि आप अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को अधिक मजबूत व टोन करना चाहती हैं तो यकीनन बेंच प्रेस को आपको अपने एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करना चाहिए।

हालांकि, बेंच प्रेस करने के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि इसे सही तरह से किया जाए। कई बार बेंच प्रेस के दौरान हम कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे हमारी बॉडी पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। हो सकता है कि आप भी गलत तरीके से बेंच प्रेस कर रही हों और आपको इसके बारे में पता ही ना हो। हालांकि, आपका शरीर आपको इसके संकेत देता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताते हैं कि आप बेंच प्रेस गलत तरीके से कर रही हैं-

शोल्डर में चेस्ट से ज्यादा दर्द होना

shoulder

बेंच प्रेस को आपके पेक्टोरल या चेस्ट से अधिक काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसलिए, जब आप बेंच प्रेस करती है तो इससे आपके चेस्ट एरिया पर अधिक जोर पड़ता है। लेकिन अगर आप बेंच प्रेस कर रही हैं और एक्सरसाइज के बाद आपको विशेष रूप से आपके कंधों में दर्द व जलन का अहसास होता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। कंधों में दर्द इस बात का संकेत है कि बेंच प्रेस के दौरान आपका बॉडी पॉश्चर गलत है या फिर आप इसे गलत तरीके से कर रही हैं।

कोहनी का बहुत वाइड या बहुत क्लोज होना

जब आप बेंच प्रेस करती हैं तो आपकी कोहली का सही एंगल पर होना बेहद आवश्यक है। अगर कोहनी बहुत वाइड या बहुत क्लोज होती है तो इससे आपको समस्या होती है। इतना ही नहीं, इससे आपके चोटिल होने की संभावना भी बढ़ जाती है। मसलन, जब आपकी कोहनी बहुत वाइड होती है, तो इससे आपके कंधे के जोड़ और रोटेटर कफ पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। वहीं अगर आपकी कोहनी बहुत क्लोज होगी, तो इससे आपके ट्राइसेप्स मूवमेंट पर असर पड़ेगा। यह भी एक संकेत है कि आपके बेंच प्रेस करने का तरीका सही नहीं है। आदर्श रूप से 45- से 75-डिग्री के कोण पर कोहनी को बनाए रखे, यह आपके लिए आरामदायक रहेगा।

इसे ज़रूर पढ़ें- महिलाओं की हेल्‍थ के लिए बेस्‍ट हैं ये 3 मुद्राएं, रोजाना करें

पसलियों में चोट व दर्द का अहसास

Bench Press pain

यह भी आपको बेंच प्रेस को गलत तरीके से करने के संकेत देता है। दरअसल, कई बार  बेंच प्रेस करते समय हम बार को बाउंस करते हैं। इससे आपके लिए उस समय भले ही वजन उठाना आसान हो जाए, लेकिन इससे आपको नुकसान होता है। अगर आपको बारबेल को बाउंस करना पड़ता है तो  संभावना है कि यह बहुत भारी है। याद रखें कि यदि वजन काफी अधिक है तो इससे आप अपनी पसली को भी चोट पहुंचा सकती हैं। इसलिए, पहले वजन कम करें और उसके बाद ही बेंच प्रेस करें।

Recommended Video

रीढ़ पर दबाव का अहसास होना

बेंच प्रेस करते समय आपकी रीढ़ की हड्डी पर किसी तरह का जोर नहीं आना चाहिए। लेकिन अगर आपको रीढ़ पर दबाव का अहसास हो रहा है तो यह बताता है कि आप गलत तरीके से बेंच प्रेस कर रही हैं। दरअसल, कई बार बेंच प्रेस करते समय हम अनजाने में ही अपने हिप्स को हल्का उपर उठाते हैं, जिससे आपका शरीर पैरों से आपके कंधों तक एक आर्च में बदल जाता है और फिर इससे आपकी रीढ़ पर एक दबाव पड़ता है। इसलिए, जब भी आप बेंच प्रेस करें तो अपने ग्लूट्स को हर समय बेंच पर रखें, ताकि आपको किसी तरह की समस्या ना हो।

इसे ज़रूर पढ़ें-अपनी बॉडी का खराब पोस्चर ठीक करने के लिए करें ये योगासन

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit- (@Freepik)