यूं तो मसल्‍स में पेन ज्‍यादा प्रेशर के कारण किसी भी उम्र की महिला को सकता है। लेकिन 30 से 40 साल की महिलाओं में ये समस्‍या तेजी से बढ़ रही है। जी हां आजकल की बिजी और भाग-दौड़ भरी लाइफस्‍टाइल में मसल्‍स में दर्द एक आम समस्‍या बन गई है। मसल्‍स में जरूरत से ज्‍यादा प्रेशर पड़ने के कारण उनमें तेज पेन होने लगता है। इसके कारण मात्र कुछ विशेष मसल्‍स में पेन होता हे जो काम करते समय या इसके बाद शुरू हो सकता है। कामकाजी महिलाओं के इसकी चपेट में आने से कार्य क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। जी हां मसल्‍स पेन के चलते रोजमर्रा के कामों को करने में भी कठिनार्इ होने लगती है। लेकिन आप परेशान ना हो क्‍योंकि आप कुछ नेचुरल तरीकों को अपनाकर इस दर्द से आसानी से राहत पा सकती हैं।

एक्‍सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें
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ब्‍लड की आपूर्ति की कमी से मसल्‍स में कड़ापन आने से दर्द होने लगता है। लेकिन रेगुलर एक्‍सरसाइज से इस समस्‍या से बचा जा सकता है। रेगलुर एक्‍सरसाइज से ब्‍लड वेसल्‍स की एक्टिविटी बरकरार रहती है। रेगुलर एक्‍सरसाइज भले ही महिलाओं को जरूरी महसूस ना होती है लेकिन इसकी वजह से ब्‍लड की आपूर्ति बनाए रखने में बहुत हेल्‍प मिलती है। इसके अलावा वैसे तो मसल्‍स में दर्द होने पर हिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन मसल्‍स को हल्‍के-हल्‍के स्‍ट्रेच करने की कोशिश करें। स्ट्रेचिंग करने से मसल्‍स की अकड़न दूर होती है, साथ ही इसे रेगुलर करने पर जोड़ों व मसल्‍स की सक्रियता और गतिशीलता बनी रहती है और इससे आपको दर्द में राहत मिलेगी।

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गर्म और ठंडी सिकाई

मसल्‍स में आपको जहां-जहां दर्द हो वहां ठंडी सिकाई करने से दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। जी हां बर्फ ब्‍लड वेसल्‍स को कसने में मदद करेगा जिससे कि आपके ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभावित क्षेत्रों में कम होगा। बर्फ पैक का इस्तेमाल करने के लिए एक पतले तौलिये में मुट्ठीभर बर्फ को रखें। अब इस तौलिया लपेटकर प्रभावित क्षेत्रों पर लगभग 15 मिनट के लिए लगाकर रखें। इस प्रक्रिया को हर घंटे बाद दोहराएं। आप चाहे तो गर्म पानी से सिकाई कर सकती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे मसल्‍स में पेन नहीं होगा और जल्‍द राहत मिलेगी।

मसाज

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थकान भरी एक्टिविटी के बाद ऑक्सीजन की कमी से मसल्‍स में स्‍ट्रेच की समस्या हो सकती है। मसल्‍स में स्‍ट्रेच के कारण वह सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें ब्‍लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाता है और उनमें दर्द होने लगता है। लेकिन सही तरीके से दर्द वाले स्‍थान पर मसाज करने से ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और दर्द से राहत मिलती है।

अदरक

अदरक एक नेचुरल पेनकिलर है। इसलिए इसे बीमारियों में ट्रीटमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। अदरक दर्द भगाने की सबसे असरदार दवा है। अदरक में दर्द मिटाने के नेचुरल यानी एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटीइफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह बिना किसी साइड इफेक्‍ट के पेनकिलर दवा की तरह काम करती है। अदरक का रस मसल्‍स की सूजन और दर्द कम कर करने में मदद करता है। मसल्‍स में दर्द होने पर तेल में अदरक का रस मिलाकर या अदरक का पेस्‍ट दर्द पर लगाने से दर्द और तनाव से राहत मिलती है।

प्रोटीन
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प्रोटीन की कमी से भी मसल्‍स में दर्द होने लगता है। जी हां मसल्‍स के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। भारी-भरकम शारीरिक गतिविधियों के बाद बॉडी में एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए मसल्‍स को प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसे में प्रोटीन युक्त नेचुरल फूड खाने चाहिए। इसके लिए आप अपनी डाइट में अंडे, चिकन, मछली, स्प्राउट्स और दालें आदि शामिल करें।

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पानी भी है जरूरी

पानी हमारी मसल्‍स में नमी बनाए रखने में हेल्‍प करता है। इसकी कमी से मसल्‍स में जकड़न, दर्द आदि हो सकता है, जो वर्कआउट के दौरान बाधा बन सकता है। इसके अलावा, पानी बॉडी के टॉक्सिन निकालने में भी मदद करता है। इसलिए रोजाना आपको भरपूर मात्रा में पीना चाहिए। जी हां आपको दिन में भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने की आदत डालनी चाहिए और रात को सोने से पहले भी। क्योंकि सोते समय बॉडी तरल पदार्थों को काफी मात्रा में खोता है।

इन आसान टिप्‍स को अपनाकर आप भी मसल्‍स पेन से आसानी से बच सकती हैं।