योग तन और मन को दुरुस्‍त रखने में मदद करता है, इसलिए रोजाना कुछ देर योग करने की सलाह दी जाती है। जी हां योग से पोश्‍चर को सही बनाए रखने के अलावा सांसों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और इससे शरीर को तुरंत और लॉर्ग-टर्म फायदे मिल सकते हैं। सही ब्रीदिंग तकनीक से तीनों तरह के दोषों यानि वात, पित्त और कफ को संतुलित किया जा सकता है। यह माना जाता है कि इन दोषों में असंतुलन कई तरह की समस्‍याओं को जन्म दे सकता है। यही कारण है कि एक सांस पर ध्यान फोकस करना और धीमी, गहरी सांस लेना बेहद जरूरी होता है।

योग के इतने फायदे होने के कारण आम लोगों से लेकर बॉलीवुड सेलेब्‍स और टीवी एक्‍ट्रेस तक सभी के फिटनेस रूटीन में योग शामिल हैं। इसी लिस्‍ट में टीवी की फेमस एक्‍ट्रेस गौरी प्रधान का नाम भी शामिल है। गौरी प्रधान को 'कुटुम्ब' में गौरी प्रथम मित्तल, 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में नंदिनी करण विरानी, 'मेरी आशिकी तुम से ही' में फाल्गुनी हर्षद पारेख और 'तू आशिकी' में अनीता शर्मा की भूमिकाएं निभाने के लिए जाना जाता है। हाल ही में उन्‍होंने अपने फैन्‍स के साथ इंस्‍टाग्राम के माध्‍यम से 'अनुलोम विलोम', प्राणायाम का एक प्रकार या गहरी सांस लेने का अभ्यास करते हुए एक वीडियो शेयर किया है। इसे वैकल्पिक नासिका श्वास भी कहा जाता है, यह सदियों पुरानी प्रथा तनाव और चिंता को दूर करने में मदद करती है। उन्‍होंने पोस्ट को कैप्शन दिया, "जीवन में कुछ संतुलन खोजने की कोशिश कर रही है।"

 
 
 
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ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज करने का तरीका

  • अपने हाथों को घुटनों पर टिकाकर सुखासन या पद्मासन में बैठें।
  • अपने दाहिने हाथ की मध्यमा और तर्जनी को हथेली की ओर मोड़ें। 
  • इस अभ्यास में केवल दाहिने हाथ का उपयोग किया जाता है।
  • बाईं नासिका से सांस लें और दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिने छिद्र को बंद करें और अपने लंग्‍स में हवा भरने के लिए धीरे-धीरे श्वास लें। 
  • यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने हाथों को सही तरीके से रखें।
  • अब, दाहिनी नासिका से धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • कम से कम 5 मिनट के लिए दोहराएं। 
  • इस ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज को करते हुए आपकी पीठ सीधी और कंधे शिथिल होने चाहिए।

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ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज करने का समय

सुबह के समय इसे करने से एनर्जी को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि सोने से पहले इसे करने से बेहतर नींद आती है। हालांकि, भोजन के चार घंटे बाद तक आसन का अभ्यास करने से बचें। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेद एंड फार्मेसी में प्रकाशित अध्‍ययन के अनुसार इसका नियमित अभ्यास करने से सिस्टोलिक ब्‍लडप्रेशर को कम करने में मिलता है। हालांकि अभी तक तकनीकी लाभों पर कोई निर्णायक अध्ययन नहीं हुआ है।

 
 
 
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ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज के फायदे

  • अस्थमा और एलर्जी जैसे श्वसन संबंधी समस्‍याओं से निपटने के लिए इसे प्रभावी माना जाता है।
  • नर्वस सिस्‍टम को रिलैक्‍स करने में मदद करती है और इसलिए यह तनाव और चिंता दूर रखता है।
  • यह धैर्य और ध्यान फोकस करने के लिए एक प्रभावी अभ्यास भी माना जाता है।
  • इसे करने से ब्रेन के साथ-साथ हार्ट हेल्‍थ में सुधार होता है। 
  • रोजाना इसे करने से चेहरे पर ग्‍लो आता है और असमय आने वाली झुर्रियों से राहत मिलती है। 

गौरी प्रधान की तरह आप भी इस ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज को करके बहुत सारे फायदे पा सकती हैं। फिटनेस से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।