आपके दिन की शुरुआत कैसे होती है? भागते-दौड़ते ऑफिस के लिए जाते हुए, बच्चों की फरमाइश पूरी करते हुए, या फिर थोड़ी एक्स्ट्रा नींद लेते हुए? वजह चाहें जो भी हो कई बार हम अपने ब्रेकफास्ट को स्किप जरूर कर देते हैं। यूं तो ब्रंच का चलन अब बहुत बढ़ गया है, लेकिन हेल्दी ब्रेकफास्ट की जगह कोई और मील नहीं ले सकता है। पुरानी कहावत है कि ब्रेकफास्ट राजा की तरह, लंच राजकुमार की तरह और डिनर भिखारी की तरह करना चाहिए। ये सच भी है। पर इसके पीछे जो कारण है वो कई लोग समझने में भूल कर देते हैं। ये हमारी सेहत के लिए सही नहीं है।

कई बार मेरे क्लाइंट्स वजन कम करने के चक्कर में ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं। पर ये बिलकुल गलत है। अगर आपको अपने मेटाबॉलिज्म की जरा सी भी चिंता है तो ये गलती मत कीजिए। भले ही कोई ब्रेकफास्ट रूटीन बनाने में मेहनत लगे, लेकिन इसे बनाएं।

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समय की कमी के कारण नहीं कर पातीं ब्रेकफास्ट, ये ऑप्शन आएंगे काम-

समय की कमी के कारण कई लोग ब्रेकफास्ट को स्किप करते हैं। खुद ही सोचिए रोज़ाना की भागदौड़ के बीच हम कैसे ही अपना ख्याल रख पाएंगे। लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं कि पूरी तरह से ही हम खुद को हालात के भरोसे छोड़ दें। यकीनन सुबह समय की कमी हो सकती है, लेकिन एक रात पहले थोड़ी सी तैयारी आपके बहुत काम आ सकती है। इस तरह से आपके शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स, फाइबर, कैल्शियम और प्रोटीन मिल जाएंगे। मेरे हिसाब से आपको कुछ अलग ब्रेकफास्ट के तरीके देखने चाहिए जैसे, ओट्स, चिया सीड्स, बादाम दूध आदि को मिलाकर एक भरपूर ब्रेकफास्ट बनाएं। बस ये करें कि रात में सोने से पहले अपने लिए ओटमील से बना ब्रेकफास्ट तैयार कर लें। ओट्स, चिया सीड्स, बादाम दूध, कुछ बेरीज़ को मिलाकर फ्रिज में रख दें। बस आपका नाश्ता तैयार है। इतनी सी मेहनत है और सुबह आपको इसमें कुछ नहीं करना होगा। आप रात में बेरीज़ और केले जैसे फलों को फ्रीज़ कर सुबह हेल्दी स्मूदी भी बना सकते हैं। सुबह इन फलों को ब्लेंड करते समय दूध या सोया मिल्क या ग्रीक योगर्ट का इस्तेमाल करें।

यकीनन आपका जो ब्रेकफास्ट बनेगा वो न सिर्फ पौष्टिक होगा बल्कि दिखने में भी बहुत अच्छा होगा। ब्रेकफास्ट के रंगों को देखकर शायद आप और एनर्जेटिक महसूस करने लगें। अगर आप चाहें तो सुबह फ्रूट सैलेड भी खा सकती हैं और उसे और हेल्दी बनाने के लिए उसमें क्विन्वा भी एड कर सकती हैं।

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एक जरूरी काम जो हेल्दी लाइफस्टाइल की चाह रखने वाले सभी लोगों को करना चाहिए-

कई बार हम आलसी नहीं होते हैं तो भी फूड डिलिवरी एप्स हमें बना देते हैं। सबसे अच्छा तरीका है कि आप इन फूड डिलिवरी एप्स को अनइंस्टॉल कर दें। अगर आप वेट लॉस या हेल्दी लाइफस्टाइल के पीछे हैं तो ये काम सबसे पहले करें। यकीन मानिए सिर्फ इतना सा काम करने से ही धीरे-धीरे आपकी बहुत सारी कैलोरी चली जाएंगी। आपको बहुत ज्यादा कुकिंग नहीं आती तो भी शुरुआत में साधारण, लेकिन हेल्दी ब्रेकफास्ट चुन सकती हैं। जैसे एवोकाडो टोस्ट, फ्रूट एंड योगर्ट पार्फेट्स या सुबह बस दो अंडों का आमलेट ही बना लीजिए। इन सभी डिशेज को बनाना भी आसान है और इनमें बहुत ज्यादा समय भी नहीं लगता है न ही बहुत सारे इंग्रीडियंट्स की जरूरत होती है। तो फिर ऑर्डर करने की क्या जरूरत है। हर दिन अगर आप रोज़ के समय से सिर्फ 15 मिनट जल्दी ही उठेंगी तो ही काम हो जाएगा। अब इतना तो अपने शरीर के लिए किया ही जा सकता है न।

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अगर नहीं पसंद विदेशी ब्रेकफास्ट तो ये भारतीय ऑप्शन अपनाएं-

हो सकता है अभी तक जितनी भी चीज़ों के बारे में आपको बताया गया है वो आपको अच्छी न लगें। अब भारतीय खाना तो हमें पसंद ही होता है। पोहा, उपमा, डोसा, इडली, उत्तपम जैसी डिश भी बहुत अच्छा ब्रेकफास्ट ऑप्शन बन सकती हैं। ये पौष्टिक होने के साथ-साथ स्वाद से भरपूर भी होती हैं। अब भारतीय घरों में तो बचे हुए खाने से भी स्वादिष्ट डिश तैयार की जा सकती है। बचे हुए चावल से चीला बनाएं, या फिर बची हुई दाल से दाल का पराठा। ये सब भी बहुत काम का ब्रेकफास्ट साबित हो सकता है। साथ ही साथ, मेहनत तो कम ही लगेगी क्योंकि पहले से कुछ सामान मौजूद है। हां अगर अपने रोज़ के ब्रेकफास्ट को थोड़ा और हेल्दी बनाना है तो उसके लिए आप गेंहूं की तरह ही ओट्स भी इस्तेमाल करें। ओट्स के साथ फायदा ये है कि इसे इडली के बैटर में भी डाला जा सकता है और रोटी भी बनाई जा सकती है। इसे कई डिशेज में इस्तेमाल किया जा सकता है ये आपका भारतीय ब्रेकफास्ट बहुत ज्यादा हेल्दी बना देगा।

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सुबह नहीं करता खाने का मन तो क्या करें?

ऐसा कई बार होता है कि सुबह हम उठें और खाने का मन ही न करें। यकीन मानिए ये कई लोगों के साथ होता है। पर ऐसा क्यों होता है इसके पीछे का गणित समझना भी जरूरी है।

हो सकता है कि आपने रात में खाना देर से खाया हो या हेवी खाया हो या फिर खाने के बाद आधी रात को कोई स्नैक ले लिया हो। अगर आपने ऐसा कुछ भी किया है तो आपका रात का खाना ही अभी तक नहीं पचा होगा। आखिर पेट भरा है तो भूख किसे लगेगी। इस समस्या के हल के लिए अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा सा बदलाव लाएं। बस रात में 8 बजे तक खाना खा लें ताकि शरीर को भरपूर समय मिल जाए अपना काम करने के लिए।

सुबह भूख न लगने की समस्या प्रबल हो सकती है और इसका दूसरा कारण ये हो सकता है कि आपके शरीर के डाइजेस्टिव जूस बहुत कम हैं। अगर ऐसा है तो रोज़ सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ कर पिएं। इससे हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनेगा जिससे डाइजेशन सही हो जाएगा।

सुबह भूख न लगने का एक और कारण भी हो सकता है। वो ये कि आपके शरीर को सुबह न खाने की आदत सी हो गई है। इसे दूर करने के लिए थोड़े-थोड़े ब्रेकफास्ट ऑप्शन से शुरू करें। अगर आपको फिर भी मन नहीं कर रहा है तो ऐसी डिशेज ब्रेकफास्ट में खाएं जो आपको अच्छी लगती हों। ऐसे में तो जरूर खाने का मन करने लगेगा। चाहें तो थोड़ा म्यूजिक भी बजा लें ताकि मूड और भी अच्छा हो जाए।

अगर घर में बच्चे हैं तो इस तरह के ब्रेकफास्ट ऑप्शन चुनें-

अब यकीनन जिन घरों में बच्चे होते हैं उन घरों में खाने को लेकर बहुत मेहनत करनी पड़ती है। वो आसानी से कुछ भी नहीं खाते। ऐसे में स्वाद के साथ-साथ खाने की प्रेजेंटेशन पर भी थोड़ा ध्यान दिया जा सकता है। क्यों न सीरियल सूशी रोल बनाया जाए? करना कुछ नहीं है बस केले को छीलकर उसके इर्द गिर्द हेल्दी सीरियल और ओट्स लपेट दीजिए। अगर बच्चे सेब नहीं खाते हैं तो क्यों न कुछ नए तरीके से सेब को खिलाया जाए। एपल डोनट ट्राई कीजिए। बस सेब को थोड़ी देर फ्रीज़ कर लीजिए इसके बाद इसे डोनट वाला शेप दीजिए और इसके ऊपर क्रीम लगाइए। बस तैयार है एपल डोनट। बच्चों के लिए आपको थोड़ा क्रिएटिव तो होना ही पड़ेगा ना। अब नॉर्मल सैंडविच में अगर आंख-नाक-मुंह आदि बना दिया जाए तो ये बच्चों को इंट्रेस्टिंग लग सकता है।

इसी के साथ, ये भी जरूरी है कि ब्रेकफास्ट में थोड़ा सा बदलाव लाया जाए। अब एक जैसा खाना खाकर तो कोई भी बोर हो जाएगा। थोड़े-थोड़े दिनों में कुछ इंट्रस्टिंग होता रहना चाहिए।

(ममता डागर एक सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट हैं। ममता ने अपने करियर की शुरुआत ACE में स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में की थी। वो फिटनेस को लेकर काफी ध्यान रखती हैं और कई ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग भी करती हैं।)

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