मास्‍टरशेफ बनने के बाद मुझे कई देशों में घूमने का मौका मिला। घूमने के साथ-साथ मैंने उन देशों के खाने का स्‍वाद भी चखा। इस दौरान मुझे इस बात का अहसास हुआ कि हमारे देश की तरह ही दूसरे देशों के भी कुछ पारंपरिक व्‍यंजन हैं, जिन्‍हें वह बेहद अनोखे अंदाज में पकाते हैं। इससे इनका स्‍वाद तो अच्‍छा होता ही है साथ ही इनसे भरपूर पोषण भी मिलता है। मैं हमेशा ही सेहतमंद डाइट के लिए ऐसी कुजींस की तलाश में रही हूं जो स्‍वाद के साथ ही सेहत के लिए भी अच्‍छी हों और आज मैं आपको कुछ ऐसी ही विदेशी कुजींस के बारे में बताने जा रही हूं जो आपने कई बार खाई होंगी मगर वह आपकी हेल्‍थ के लिए कितनी फायदेमंद हैं इस बारे में आपको पता नहीं होगा।  

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इटालियन फूड

भारत में इटालियन फूड काफी फेमस है। हम सभी ने इस फूड का स्‍वाद चखा है। आमतौर पर लोग यही सोचते हैं कि,  इस तरह के फूड में बहुत सार फैट होता है और इस वजह से उम्र बढ़ने के साथ हमारी आर्टरी बंद होने लगती हैं। मगर, ऐसा तब होता है जब आप अमेरिकन वर्जन में बना इटालियन फूड खाते हैं। यदि आप अच्‍छी तरह से पका हुआ इटालियन फूड खाती हैं तो यह आपके डाइजेशन को अच्‍छा रखता है। आपको बता दें कि इटालियन फूड को पॉपुलर उसमें पड़ने वाले इंग्रीडियंट्स बनाते हैं। जैसे, टमाटर, ऑलिव ऑयल, पार्सले, बेसिल और ऑर्गेनो आदि इटालियन फूड में पड़ने वाले मुख्‍य इंग्रीडियंट्स है। 

टमाटर विटामिन- C का बहुत अच्‍छा सोर्स होता है। यह त्‍वचा के लिए बहुत अच्‍छा होता है। वहीं इसमें मौजूदा लाइकोपीन तत्‍व महिलाओं के लिए बहुत ही अच्‍छा होता है। यह महिलाओं को कैंसर से बचाता है। (जानें विटामिन-C युक्‍त फूड्स)

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इटालियन कुजीन में लहसुन का बहुत इस्‍तेमाल होता है और यही उसे अनोखा बनाता है। इसमें विटामिन Aऔर B होता है। इटालियन फूड में इस्‍तेमाल होने वाले लगभग सभी इंग्रीडियंट्स इंडियन फूड में भी इस्‍तेमाल होते हैं। यह सभी सेहत को फायदा पहुंचाते हैं। जैसे ऑलिव ऑयल कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है, दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए फायदेमंद होता है और बेली फैट को बर्न करता है। इटालियन फूड में आमतौर पर पारमेसान चीज़ यूज होता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा ही खाने में स्‍वाद ले आती है। 

मैक्सिकन फूड 

एक अच्‍छा मैक्सिकन फूड आपके दिल की सेहत के लिए बहुत अच्‍छा साबित हो सकता है। मैक्सिकन फूड के नाम पर आपने अब तक बहुत सारी डिशेज खाई होंगी जिनमें हाई फैट और कैलोरीज मौजूद होती है। मगर, असल में मैक्सिकन फूड में बींस, सूप, टमाटर का सॉस आदि शामिल होता है। यह खाना टाइप 2 डायबिटीज वालों के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।

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वियतनामी फूड

भारतीय खाने की तरह वियतनामी भोजन में भी कई सारे हर्ब्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है। कई तरह के व्‍यंजनों, सब्जियों और सीफूड को पकाने के लिए तेल की जगह पानी का इस्‍तेमाल किया जाता है। यदि वियतनामी भोजन को पारंपरिक तौर पर बनाया जाए तो इन्‍हें तला कम जाता है और कोकोनट बेस्‍ड सॉस में पकाया ज्‍यादा जाता है। थाई डिशेज की तरह वियतनामी डिशेज में भी सब्जियों के ओरिजनल फ्लेवर को फील किया जा सकता है। वियतनामी भोजन में सिलांट्रो, मिंट, थाई बेसिल, स्‍टार ऐनीज, और लाल मिर्च का बहुत प्रयोग किया जाता है जो भोजन को स्‍वादिष्‍ट बनाती हैं। भारतीय कुजींस की तरह ही वियतनामी कुजींस में भी जो इंग्रीडियंट्स पड़ते हैं वह डाइजेशन के लिए बहुत अच्‍छे होते हैं और उन बीमारियों से लड़ने में काम आते हैं जो शरीर में इंफ्लेमेशन का कारण बनती हैं। वियतनामी डिशेज में सबसे स्‍वादिष्‍ट डिश 'फो' होती है। यह सुगंधित और नूडल्‍स सूप के साथ सर्व की जाती हैं और इसमें बहुत सारे एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं।  

स्‍पेनिश फूड 

स्‍पेन में 'तपस' भोजन करने का ट्रेडिशनल अंदाज है। इसमें छोटी प्‍लेटों में खाना परोस कर खाया जाता है। यह टेस्‍टी भी होता है और सेहतमंद भी। स्‍पेनिश फूड में आपको सीफूदड, सब्जियां और ऑलिव ऑयल की उच्‍च मात्रा नजर आएगी। वेट को मेंटेन रखने के लिए स्‍पेनिश फूड बहुत ही फायदेमंद होता है। आप स्‍पेनिश फूड में गजपचो और पेला जैसी डिश ट्राय कर सकती हैं। यह दोनों ही डिशेज ताजे समुद्री सीफूड, राइस और सब्जियों से तैयार की जाती है। (बैलेंस डाइट के लिए जरूरी है ये तीन चीज़ें)

जैपनीज फूड 

अगर आपको 'Ikigai' बुक पढ़ने का मौका मिले तो उसे जरूर पढ़ें। आपको पता चलेगा कि अधिकांश जापानी लंबी उम्र जीते हैं और वह भी स्‍वस्‍थ शरीर के साथ। खासतौर पर, जापान के 'Okinawa' आई लैंड की तरफ ऐसा देखने को मिलता है। क्‍योंकि इनकी डाइट में न केवल कैंसर से लड़ने वाले फल और सब्जियां शामिल होते हैं बल्कि यह लोग ज्‍यादातर स्‍टीम में खाना पकाते हैं या फिर हल्‍का फ्राई करते हैं।  

साथ ही यह लो 'हारा हची बू' परंपरा में विश्‍वास रखते हैं। यानी खाने को 80 प्रतिशत तक चबा कर खाना । खाने का यह तरीका जापानी लोगों को ब्रेस्‍ट और कोलोन कैंसर से बचाता है। 

मेरी किताब, 'स्पाइस रूट' मेरे दिल के बहुत करीब है। मैंने इस किताब को तब लिखा था जब मैं दुनिया भर में यात्रा कर रही थी, नई संस्कृतियों को जान रही थी और नए व्यंजनों को तैयार करना सीख रही थी। अगर आपको इंटरकॉन्टिनेंटल कुकिंग पसंद है तो यह किताब आपकी इसमें बहुत मदद करेगी।