एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जो कई लोगों को परेशान करती है। ये समस्या किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है और इसका अहम कारण होता है पित्त दोष। शरीर में अग्नि को कंट्रोल पित्त दोष करता है और अगर ये बढ़ जाए तो एसिडिटी की समस्या भी बढ़ जाती है। वैसे तो ये समस्या टीनएजर्स को भी हो सकती है, लेकिन वयस्कों में ये ज्यादा होती है। बचपन में जिस तरह से कफ और वात दोष परेशान करते हैं उसी तरह से बड़े होने पर पित्त दोष परेशान करता है। 

एसिडिटी की समस्या कई लोगों में तो इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि उन्हें लगातार एसिडिटी के लिए दवा खानी पड़ती है और साथ ही साथ उन्हें कई तरह के परहेज भी करने पड़ते हैं। एसिडिटी की समस्या अगर बढ़ जाए तो लोगों को अल्सर भी हो सकते हैं और इसलिए इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। 

आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एसिडिटी से जुड़ी कुछ बातें बताई हैं और साथ ही ये बताया है कि किन कारणों से इस समस्या को लोग और बढ़ा लेते हैं। हमने दीक्षा भावसार से इस पोस्ट को लेकर बात भी की और उन्होंने हमें बताया कि एसिडिटी को हमेशा खाने-पीने से जोड़ा जाता है जो सही भी है, लेकिन लाइफस्टाइल का असर भी इसपर बहुत ज्यादा पड़ता है। 

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एसिडिटी को सिर्फ पेट में जलन से ही नहीं जोड़ा जाता बल्कि ये सीने में जलन, घबराहट, जी-मिचलाना, बार-बार डकार आना और गैस बनने को भी एसिडिटी से ही जोड़ा जा सकता है। 

अगर आप अपने डाइजेशन का ध्यान नहीं रखेंगे तो जिस भी तरह के फूड को आप खाएंगे उसका असर आपके शरीर और एसिडिटी पर भी पड़ेगा। खाने की क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों का असर होता है और अगर आपको जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस होता है तो ये समस्या बढ़ जाएगी। 

इन तीन कारणों से बढ़ती है एसिडिटी-

डॉक्टर दीक्षा के मुताबिक वो तीन कारण जो एसिडिटी को बढ़ाते हैं वो हैं डाइट, लाइफस्टाइल और स्ट्रेस।  

  • जल्दबाज़ी (Hurry) - जल्दबाज़ी में खाना खाना ठीक नहीं है ये आपको और परेशान कर सकता है। 
  • चिंता (Worry) - जिन लोगों की लाइफस्टाइल ज्यादा स्ट्रेस से भरी हुई है उन्हें एसिडिटी ज्यादा होती है।
  • तीखा (Curry) - ज्यादा तीखा, खट्टा और नमकीन खाना आपके लिए परेशानी भरा साबित हो सकता है।  
acid reflux

डाइट में रखें इन बातो का ध्यान- 

अगर आप एसिडिटी से बचना चाहते हैं तो ज्यादा तीखा, ज्यादा ऑयली और फास्ट फूड जैसे समोसा, बर्गर, पिज्जा, ब्रेड आदि से दूर रहें। जरूरत से ज्यादा गरम मसाला पाउडर, मिर्च, दालचीनी, लौंग, सरसों, लहसुन, प्याज, सिट्रस फ्रूट्स आदि अगर आप खाते हैं तो भी एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है।  

  • आपको खट्टे और नमकीन खाने को कम करना चाहिए। फ्राईज, चिप्स, चाट, पानी पुरी आदि फूड्स आपकी समस्या को बढ़ा सकते हैं। 
  • खराब हो चुका खाना या फिर फरमेंटेड फूड्स को जरूरत से ज्यादा खाना भी ठीक नहीं है। 
  • अगर आप चाय और कॉफी जरूरत से ज्यादा पीते हैं तो भी आपको परेशानी हो सकती है। 
  • खाने-पीने का समय ठीक से न बनाना और पानी कम पीना भी एसिडिटी की एक समस्या हो सकती है। 
  • अगर आप विरुद्ध आहार करते हैं यानि दूध और फल, मछली और दूध आदि ऐसे फूड्स एक साथ खाते हैं जिन्हें नहीं खाना चाहिए तो ये समस्या हो सकती है। 
  • खाना स्किप करना या फिर रात में बहुत लेट खाना भी एसिडिटी को बढ़ा सकता है।  
acid making process

लाइफस्टाइल में इन बातों का रखें ध्यान- 

आप अगर ठीक तरह से शरीर को आराम नहीं देंगे तो भी एसिडिटी बढ़ सकती है। 

  • अगर आप खाना खाते समय ज्यादा काम करते हैं और फोन आदि में बात करते हैं और खाना पूरी तरह से नहीं चबाते तो ये भी एक कारण हो सकता है। 
  • बिल्कुल व्यायाम नहीं करना भी एक बड़ा कारण हो सकता है।
  • रात में नींद ठीक से न आना भी एसिडिटी को बढ़ा सकता है। 
  • इसी के साथ, खाना खाकर सो जाना भी एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकता है। खाना खाने और सोने के बीच में कम से कम 4 घंटे का अंतर होना चाहिए। 
  • प्राकृतिक इच्छाओं को कंट्रोल करना भी एसिडिटी का कारण हो सकता है।  

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मानसिक तनाव से हमेशा रहना चाहिए दूर- 

दीक्षा भावसार का कहना है कि अगर आपकी लाइफस्टाइल में स्ट्रेस बहुत है और अन्य मानसिक समस्याएं जैसे एंग्जाइटी, चिंता, जलन, गुस्सा, डर, किसी चीज़ से असंतोष आदि है तो वो आपकी जिंदगी और हेल्थ पर उल्टा असर डालता है और ये सब शरीर में पित्त दोष को बढ़ाने का काम करता है और इसलिए एसिडिटी बढ़ सकती है।  

आपको इन छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना चाहिए जिसके कारण आपकी एसिडिटी की समस्या कम होगी और कोशिश करना चाहिए कि आप ऐसे फूड्स अपनी डाइट में शामिल करें जो पेट को ठंडा कर सकें। अगर आपकी समस्या बहुत बढ़ गई है तो ये जरूरी है कि आप डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।