हम हमेशा सिर्फ वजन बढ़ाने या वजन कम करने या फिर बॉडी को चुस्‍त-दुरुस्‍त बनाने की बात करती हैं, खासतौर पर महिलाएं तो हमेशा खुद को पतला या मोटा करने के बारे में ही सोचती है। लेकिन अपनी बॉडी के सबसे जरूरी अंगों को हमेशा नजरअंदाज कर देती है। जबकि हमारे शरीर का सबसे खास हिस्‍सा हमारा दिल और दिमाग होता है। जिससे बिना सब अधूरा है। बूढे होने पर सबसे ज्‍यादा दिक्‍कत हमें दिल की आती है और साथ ही हमारा दिमाग भी कमजोर होने लगता है। हालांकि बुढा़पे में जोड़ों का दर्द भी बहुत परेशान करता है।

लेकिन परेशान ना हो क्‍योंकि इन दोनों समस्‍याओं का इलाज आप आसानी से कर सकती है जिसे सही समय पर इस्‍तेमाल करने से आपको जिंदगी भर फायदा मिलेगा। जी हां ओमेगा-3 फैटी एसिड की बात कर रहे है जिससे दिल और दिमाग के साथ-साथ आपके जोड़ों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड एक एसिड है जिसे हमारा शरीर खुद से नहीं बना सकता है लेकिन इस वजह से हमें इसे फूड की हेल्‍प से अपने शरीर को देना होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड में दो चीजें होती है जिनके नाम इपीए और डीएचए है।

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दिल के लिए इपीए

इपीए दिल की सेहत के लिए अच्‍छा होता है और कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करता है। जो भविष्‍य में दिल की बीमारियों, खासतौर पर हार्ट अटैक से बचाने में काफी मदद करता है। हालांकि ऐसा अभी साबित नहीं हुआ है कि डाइट में इपीए लेने से आपको कभी हार्ट अटैक नहीं होगा, लेकिन इसके होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। और ऐसा कहा भी जाता है कि इलाज से बेहतर सावधानी होता है।

दिमाग के लिए डीएचए

डीएचए आपके दिमाग के लिए बहुत अच्‍छा होता है साथ ही यह आपके जोड़ों को भी काफी हेल्‍दी रखता है। डीएचए लेने से जोड़ों में होने वाली परेशानियों से भी बचा जा सकता है। बुढा़पे की मानी जाने वाली ये बीमारी अब किसी भी उम्र में हो सकती है। दूसरी तरफ डीएचए याद्दाश्‍त को दुरुस्‍त रखता है जो कि समय के साथ कम होती जाती है। पढा़ई करने वाले बच्‍चों के लिए तो डीएचए काफी महत्‍वूर्ण होता है, ताकि उनका दिमाग तेज हो सकें।

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ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्रोत 

इपीए और डीएचए दोनों मिलाकर ओमेगा-3 फैटी एसिड बनता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड आपको वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन दोनों तरह क फूड में मिलता है। लेकिन मछली में यह बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। हालांकि मछली बनाना और खाना दोनों थोड़ा मुश्किल काम है। इसलिए आप मछली के तेल के कैप्‍सूल ले सकती हैं। लेकिन अगर आप चाहे तो मछली खा भी सकती हैं। जबकि वेजिटेरियन महिलाओं को ओमेगा-3 फैटी एसिड अलसी और चिया सीड्स में भरपूर मात्रा में मिल जाता है। जो आपको बाजार से आसानी से उपलब्‍ध हो जाता है। आप चाहे तो इसे भिगोकर सेवन कर सकती हैं।
थोड़ी सी मात्रा में रोजाना ओमेगा-3 फैटी एसिड लेने से आप आसानी से खुद को हेल्‍दी रख सकती हैं। आपकी छोटी सी पहल आपको लंबे समय तक हेल्‍दी रख सकती हैं।

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