गेहूं एक ऐसी खाद्य पदार्थ है, जिसे अधिकतर सभी खाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कई प्रकार होते हैं? स्पेल्ट, कामुत, एमी और एंकोर्न जैसे गेहूं भी पाए जाते हैं। इसमें भारी मात्रा में फैट, प्रोटीन और हेल्दी मिनरल्स होते हैं, जो आपको स्वस्थ रखने के लिए काफी हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट नीति शेठ ने बताया कि सर्दियों में हमारे शरीर में पाचन शक्ति बढ़ जाती है और इस दौरान हम ऐसी चीजें खाते हैं जो डाइजेस्ट होने में समय लगाती हैं। नीति ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार गेहूं को सब्जियों के साथ ही खाना चाहिए। ताजे फलों के साथ कभी भी गेहूं या उसके आटे से बनी कोई चीज नहीं खानी चाहिए। तो चलिए जानते हैं गेहूं का सेवन कैसे और कब करना चाहिए। 

गेहूं की अलग-अलग किस्में चुनें

 wheat eating inside

कई लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है कि गेहूं की अलग-अलग किस्में होती हैं। अगर बात की जाए हेल्दी फूड की तो नीति शेठ बताती हैं कि आपको अलग-अलग गेहूं का सेवन करना चाहिए। इसमें स्पेल्ट, कामुत, एमी और एंकोर्न जैसे गेहूं शामिल हैं। यह आपकी सेहत के लिए बेहद लाभकारी होते हैं और इनको बदल-बदलकर खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती है।

एक तरह के गेहूं का सेवन कम करें

कई लोग रोजाना एक ही गेहूं की रोटी जरूर खाते हैं, लेकिन नीति शेठ ने बताया कि आपको इसका सेवन कम करना चाहिए। नीति के अनुसार गेहूं का सेवन लगातार अधिक नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह पेट में जाकर गैस भी बना देता है। कोशिश करें कि कामुत या स्पेल्ट जैसे अलग-अलग गेहूं खाएं। आप अपने रुटीन में कुछ बदलाव ला सकते हैं जैसे दिन में एक बार गेहूं खाना और फिर चावल या दूसरे आटे का सेवन करना।

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सर्दियों में गेहूं का सेवन है बेहतर

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नीति शेठ ने इंस्टाग्राम पर बताया कि सर्दियों में गेहूं का अधिक सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि आप गेहूं गर्मियों में खाएं ही नहीं। गर्मियों के दिनों में गेहूं केवल एक बार खाएं और फिर चावल, बाजरे का आटा या दूसरे ग्रेन का सेवन करें। अगर आप अपनी हेल्थ को बेहतर बनाने चाहते हैं, तो रोजाना के रुटीन में छोटे-छोटे बदलाव जरूर ला सकते हैं। इसके अलाव, सर्दियों में साधारण गेहूं कितनी भी बार खा सकते हैं।

दोपहर के खाने में गेहूं खाएं

अगर आप गेहूं खाना पसंद करते हैं या यह आपके खाने में जरूर शामिल होता है, तो इसे दोपहर में खाएं। नीति शेठ ने सलाह दी है कि आप गेहूं लंच यानि दोपहर के खाने में खाएं। इससे पाचन तंत्र बेहतर रहता है और आयुर्वेद के अनुसार आपका शरीर स्वस्थ रहता है। रात का खाना हल्का खाएं और उसमें किसी दूसरे ग्रेन को शामिल करें, जैसे बाजरा, मक्का या चावल आदि।

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ध्यान रहे दूसरे ग्रेन के साथ गेहूं न मिलाएं

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अक्सर लोग मिस्सी रोटी खाना पसंद करते हैं, जिसमें कई सारे ग्रेन का आटा मिलाया जाता है। नीति शेठ ने बताया कि आयुर्वेद के मुताबिक कभी-भी आपको गेहूं के साथ कोई दूसरा ग्रेन नहीं मिलाना चाहिए। गेहूं को केवल ताजी सब्जियों के साथ खाना चाहिए और फलों या जैम के साथ गेहूं की रोटी नहीं खानी चाहिए। अगर आपको आंबी जैसी सब्जियां पसंद हैं, तो उन्हें बनाने से पहले उबाल लें और फिर गेहूं के साथ खाएं।

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