दूध बच्चे के पोषण का एक बड़ा हिस्सा है। यह कैल्शियम, विटामिन डी, और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। बच्चों को उनकी उम्र के आधार पर, दूध का सेवन करने की सलाह दी जाती है। अगर बच्चे अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे दही, पनीर आदि का सेवन नहीं कर रहे  हैं तो उन्हें दिन में 2 से 4 गिलास दूध पीने की सलाह दी जाती है। यह तो हम सभी जानती हैं कि बच्चों के लिए दूध का सेवन करना आवश्यक है, लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि बच्चों को कौन सा दूध देना लाभदायक है। 

शायद नहीं, हमने कभी इस बात पर ध्यान नहीं दिया। अमूमन महिलाएं घर के सदस्यों को लेकर चिंतित रहती हैं और इसलिए आजकल घरों में स्किम्ड मिल्क का इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं, महिलाएं बच्चों को भी वही दूध देती हैं। अगर आप भी ऐसा करती आ रही हैं तो अबसे ऐसा करना छोड़ देना चाहिए। हालांकि बच्चों को लो-फैट मिल्क देने में कोई बुराई या नुकसान नहीं है। लेकिन स्किम्ड मिल्क देने से बच्चों को एक जरूरी तत्व नहीं मिल पाता, जो उन्हें वास्तव में मिलना चाहिए। तो चलिए आज मैक्स हेल्थ केयर की चीफ न्यूट्रीशनिस्ट रितिका समादार आपको बता रही हैं कि आपको स्किम्ड मिल्क के स्थान पर फुल फैट मिल्क देना चाहिए-

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नहीं मिलता फैट 

स्किम्ड मिल्क में फैट कंटेंट शून्य होता है। फैट बच्चों के लिए उतना ही जरूरी है, जितना अन्य मिनरल्स व विटामिन। लेकिन जब आप बच्चे को स्किम्ड मिल्क दे रही हैं तो इससे बच्चे के शरीर को आवश्यक फैट की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाती। बचपन से ही बच्चे को fat restriction नहीं करना चाहिए। दूध पीते समय ये 4 नियम अपनाएंगी तो मिलेगा दोगुना फायदा

आपको शायद पता ना हो, लेकिन कुल कैलोरी का 30 प्रतिशत हिस्सा फैट से ही शरीर को मिलना चाहिए। आज के दौर में लोग फैट को बुरा मानते हैं, लेकिन शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए फैट का होना भी उतना ही आवश्यक है। प्रोटीन और कैल्शियम युक्त बनाना है शरीर तो पिएं रोजाना ये मिल्क

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सिर्फ फैट से आपका वजन नहीं बढ़ता बल्कि गलत फैट और कार्बोहाइड्रेट, वो भी काफी अधिक मात्रा में खाने से वजन बढ़ता है। फैट यूं तो हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है, लेकिन बच्चों को इसकी अधिक जरूरत होती है। यह उर्जा का भी एक मुख्य स्त्रोत है और बच्चों को यकीनन बड़ों की अपेक्षा अधिक एनर्जी चाहिए होती है। इसके अलावा फैट साल्यूबल विटामिन, जैसे विटामिन ए, डी, ई आदि को शरीर में अब्जार्ब करने में मदद करता है। ब्रेन शीट और स्पाइनल कॉर्ड की शीट सभी फैट से ही बनती है। इतना ही नहीं, फैट खाने से नींद में सुधार होता है इसलिए बच्चें की अच्छी नींद के लिए फैट दिया जाना बेहद आवश्यक है। फैट बोन्स से लेकर स्किन तक के लिए अच्छा माना जाता है।

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इसलिए कोशिश करें कि आप बच्चे को स्किम्ड मिल्क की जगह whole fat मिल्क ही दें। दरअसल, फैट से मिलने वाले फैटी एसिड शरीर खुद नहीं बना सकता, यह भोजन से ही प्राप्त होता है। हालांकि बच्चों को स्किम्ड मिल्क देने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर आप बच्चे को स्किम्ड मिल्क दे रही हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आप उसके शरीर की फैट संबंधी जरूरतें आहार के जरिए पूरी हों। केसर वाला दूध है अद्भुत, रोज 1 गिलास पीने से महिलाओं को मिलेंगे ये 6 फायदे

रिसर्च में भी हुआ खुलासा

आपको शायद पता ना हो, लेकिन रिसर्च में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि जो बच्चे whole fat दूध पीते हैं, उनमें कम वसा वाले दूध का सेवन करने वाले बच्चों की तुलना में अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होने की 40 प्रतिशत कम संभावना थी। यह शोध द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में सात देशों के 28 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया।

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