मल्टीविटामिन लेने से पहले एक बार अवश्य पढ़ें यह लेख, दूर हो जाएंगे सारे मिथक

कोरोनावायरस महामारी के कारण मल्टीविटामिन और मिनरल्स को अधिक प्राथमिकता दी जाने लगी है। सिर्फ आहार के माध्यम से ही नहीं, बल्कि मल्टीविटामिन सप्लीमेंट की मदद से भी इम्युनिटी को बूस्ट रखने और खुद को कोरोनावायरस संक्रमण से बचाने की सलाह लोग देने लगे हैं। इतना ही नहीं, कई बड़े ब्रांड और प्रॉडक्ट निर्माता कंपनियां भी इसी तरह से मल्टीविटामिन लेने की सिफारिश करने लगी हैं और अधिकतर लोग बिना सोचे-समझे इनका सेवन भी शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह वह अपने समग्र स्वास्थ्य का ख्याल रख पाएंगे। लेकिन क्या ये सप्लीमेंट शरीर के लिए हेल्दी हैं? क्या वे वास्तव में हमारी प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद करते हैं? आज हम आपको इस लेख में मल्टीविटामिन से जुड़े कुछ मिथकों और उनकी हकीकत से रूबरू करवा रहे हैं। जिसे जानने के बाद आप यकीनन इन्हें लेने या ना लेने का एक बेहतर निर्णय ले पाएंगी-
मिथक1- मल्टी-विटामिन लेने से खराब आहार की भरपाई हो सकती है और बीमारी से बचा जा सकता है।

सच्चाई- तथ्य यह है कि वैज्ञानिक अभी भी इस बारे में अनिश्चित हैं कि मल्टीविटामिन प्रभावी हैं या नहीं। जहां कुछ अध्ययनों के अनुसार, मल्टीविटामिन समय से पहले मौत से बचाती है। वहीं कुछ अन्य अध्ययनों के अनुसार, वे कोई लाभ नहीं देते हैं। इसलिए, पहले भोजन ही हमेशा आवश्यक पोषक तत्वों के लिए सबसे अच्छा नुस्खा है। प्रकृति विटामिन और खनिजों को सही संयोजन में पैकेज करती है और हमारे शरीर को इन पोषक तत्वों के साथ लाभ देती है। इसलिए हमेशा याद रखें कि मल्टीविटामिन या सप्लीमेंट को डाइट सप्लीमेंट के रूप में देखना चाहिए, ना कि इन्हें रिप्लेस करने की कोशिश करनी चाहिए।
मिथक 2- सभी सप्लीमेंट सुरक्षित हैं क्योंकि वे प्राकृतिक हैं।

सच्चाई- कोई भी चीज जिसमें उपचार करने की क्षमता होती है, उसमें हानिकारक होने की भी क्षमता होती है। भले ही पोषक तत्व प्रकृति से आते हैं, जब मैन्युफैक्चरउन्हें गोली के रूप में प्रोसेस करते हैं, तो वे अप्राकृतिक हो जाते हैं। इसके अलावा, प्राकृतिक का मतलब सुरक्षित या प्रभावी होना जरूरी नहीं है। आखिरकार, आर्सेनिक प्राकृतिक है लेकिन एक प्रभावी कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाला) है, जो इसे उपभोग करने के लिए असुरक्षित बनाता है। इसलिए यह कहना कि सभी मल्टीविटामिन सप्लीमेंट पूरी तरह से सुरक्षित हैं, सही नहीं है। अगर आप इन्हें लेने के बारे में सोच रही हैं तो ऐसे बार अपने न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह अवश्य लें।
मिथक 3-मल्टीविटामिन आपको सुपर फास्ट हेल्दी बना सकते हैं

सच्चाई- यह मल्टीविटामिन से जुड़ा एक पॉपुलर मिथ है और इसलिए अधिकतर लोग इसका सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन आपको यह समझना होगा कि मल्टीविटामिन कोई जादू की गोली नहीं हैं और इस तरह आपको रातों-रात स्वस्थ नहीं बना सकते। ब्रह्मांड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो एक दिन में आपकी प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण कर सके। इसके लिए आपको एक नियमित स्वास्थ्य दिनचर्या का पालन करनाहोगा।
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मिथक 4- आप जितना अधिक मल्टीविटामिन लेंगे, उतना ही फायदा अधिक होगा

सच्चाई- अति किसी भी चीज की बुरी होती है और मल्टीविटामिन गोलियोंके लिए भी यही सच है। आपके शरीर को हर पोषक तत्व की एक निश्चित मात्रा में आवश्यकता होती है। किसी भी विटामिन का बहुत अधिक सेवन करने से शरीर में विषाक्तता भी हो सकती है। इसलिए कभी भी खुद से मल्टीविटामिन लेना शुरू ना करें। हमेशा डॉक्टर की सलाह पर और उनके द्वारा निर्धारित की गई मात्रा में ही मल्टीविटामिन लें।
मिथक 5- मल्टीविटामिन की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती

सच्चाई- अन्य सभी गोलियों की तरह, मल्टीविटामिन की भी एक्सपायरी डेट या बेस्ट बिफॉर डेट होती है। एक निश्चित समय में सेवन करने पर ही मल्टीविटामिन आपको क्लेम्ड बेनिफिट्स प्रदान कर सकते हैं। इस प्रकार, किसी भी टैबलेट को खरीदने या लेने से पहले लेबल को एक बार अवश्य पढ़ें।
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