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Dry Eye Syndrome: आंखों का सूखापन कैसे करें दूर? डॉक्टर बता रहे हैं असरदार इलाज

लंबे समय तक स्क्रीन देखने, प्रदूषण, कॉन्टेक्ट लेंस, शुगर और थायराइड जैसी बीमारियों के कारण ड्राई आई सिंड्रोम काफी आम समस्‍या हो गई है। आइए इसके कारण और आसान उपचर के बारे में डॉक्‍टर से विस्‍तार में जानते हैं।  
Updated:- 2025-09-24, 18:31 IST
natural remedies for dry eyes

आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में ड्राई आई सिंड्रोम आम समस्या बन गई है। यह परेशानी तब होती है, जब आंखों में आंसू पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते हैं या फिर आंसुओं की परत जल्दी सूख जाती है। इसके कारण आंखों की सतह पर जलन, सूजन और असुविधा महसूस होती है। पहले इसे सिर्फ उम्र से जुड़ी परेशानी माना जाता था, लेकिन अब डिजिटल उपकरणों और बदलती जीवनशैली ने इसे युवाओं में भी तेजी से बढ़ा दिया है।

ड्राई आई के मुख्य कारणों में लंबे समय तक कंप्यूटर, मोबाइल और टैबलेट का इस्‍तेमाल शामिल है। स्क्रीन पर काम करने से पलक झपकने की स्‍पीड कम हो जाती है और आंसू जल्दी सूख जाते हैं। इसके अलावा, एयर कंडीशनर, प्रदूषण, लंबे समय तक कॉन्टेक्ट लेंस पहनना, धूल-भरा वातावरण और कुछ दवाएं भी इस समस्या को और गंभीर बना देती हैं। वहीं, शुगर, थायराइड और ऑटोइम्यून बीमारियां भी इसके बड़े कारण हैं।

मरीजों को अक्सर आंखों में जलन, चुभन, धुंधला दिखाई देना, तेज रोशनी में असुविधा और आंखों से ज्‍यादा पानी आना जैसी शिकायत होती है। कई लोग आंसुओं को एलर्जी समझ बैठते हैं, जबकि यह ड्राई आई का ही लक्षण हो सकता है। अगर इसे समय रहते न पहचाना जाए, तो यह कॉर्निया पर घाव और कभी-कभी आंखों की रोशनी को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्‍याएं पैदा कर सकता है।

इस समस्या को डायग्‍नोज करने के लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं। इनसे आंसुओं की मात्रा और स्थिरता का पता लगाया जाता है। सही पहचान के बाद इसका ट्रीटमेंट आसान और असरदार तरीके से किया जा सकता है। ड्राई आई सिंड्रोम से बचाव के उपायों के बारे में पुणे महाराष्ट्र के वेंसर हॉस्पिटल की ऑप्थल्मोलॉजिस्ट और मैनेजिंग डायरेक्‍टर डॉक्‍टर शरून शिटोले बता रही हैं।

ड्राई आई सिंड्रोम से बचाव के उपाय

ड्राई आई से राहत पाने के लिए लाइफस्‍टाइल में छोटे-छोटे बदलाव मददगार हो सकते हैं।

eye drops for dry eye syndrome

आई ड्रॉप्स का इस्‍तेमाल

आर्टिफिशियल आंसू या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स नियमित रूप से इस्तेमाल करना समस्‍या से बचने का सबसे अच्‍छा और आसान उपाय है।

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20-20-20 नियम

ड्राई आई की समस्‍या से बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाना जरूरी है, यानी हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर देखना और 20 सेकंड तक रुकना। इससे आंखों की पलक झपकने की आदत बनी रहती है।

नमी का ध्‍यान रखें

एसी या पंखे की सीधी हवा से बचें और कमरे में पर्याप्त नमी बनाए रखें।

डाइट पर करें फोकस 

ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट, जैसे कि अलसी, अखरोट और मछली, आंसुओं की क्‍वालिटी सुधारने में मददगार है।

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कॉन्टैक्ट लेंस

कॉन्टैक्ट लेंस का लंबे समय तक इस्तेमाल न करें और आंखों को बीच-बीच में आराम दें।

contact lens

ड्राई आई सिंड्रोम से आपको सिर्फ परेशानी नहीं होती है, बल्कि यह कई तरह की समस्याओं का कारण भी बन सकती है। इससे राहत पाने के लिए समय पर पहचान, डॉक्टर की सलाह और आसान आदतों को अपनाना बेहद जरूरी है।

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