इंडियन कुकिंग पूरी दुनिया में अनूठी मानी जाती है और इसकी वजह से खाने का अद्भुत स्वाद और उसकी भीनी-भीनी खुशबू। भारतीय खाने में इस्तेमाल होने वाला गरम मसाला फूड आइटम्स को ना सिर्फ यूनीक टेस्ट देता है, बल्कि इससे खाने को मुकम्मल स्वाद मिलता है। चाहें वेज हो या नॉनवेज या फिर Vegan Diet, हर फूड का टेस्ट गरम मसाले की खुशबू से कई गुना बढ़ जाता है। पालक पनीर, शाही पनीर, राजमा, छोला, नवरत्न कोरमा जैसी वेजीटेरियन डिशेज को गरम मसाले से ही यूनीक टेस्ट मिलता है। वहीं नॉनवेज फूड आइटम्स जैसे कि नॉन वेज बिरयानी, मटन कोरमा, चिकन टिक्का मसाला, लैंब करी, चिकन पसंदा करी जैसी डिशेज भी गरम मसाले के स्वाद से लाजवाब लगती हैं। आमतौर पर गरम मसाले पीसकर इस्तेमाल किए जाते हैं। दक्षिण भारत में गरम मसालों में कुछ और चीजें भी जुड़ जाती हैं, जैसे कि कोकोनट मिल्क और विनेगर आदि। गरम मसाला मूलत: धनिया, तेज पत्ता, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ, इलाएची, लौंग, जीरा, चक्रफूल जैसे मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। 

ग्लूटन फ्री होता है गरम मसाला

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गरम मसाले के अनूठे स्वाद के कारण भारतीय कुजीन दुनियाभर में पसंद की जाती हैं। इसीलिए विदेशों में बनने वाले भारतीय फूड आइटम्स में भी इनका काफी इस्तेमाल किया जाता है। इन मसालों को भून लेने पर इनका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इससे ना सिर्फ सब्जी का फ्लेवर बढ़ जाता है, बल्कि इसकी खुशबू खाने के लिए एक्साइटमेंट और भी ज्यादा बढ़ा देती है। पिसा हुआ गरम मसाला ग्लूटन फ्री होता है। Veg और Vegan डाइट लेने वाले, दोनों ही इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप बाजार से गरम मसाला खरीद रहे हैं तो आपको उसकी पैकिंग जरूर देखनी चाहिए। इससे आपको यह पता चल जाएगा कि उसमें कौन-कौन से मसाले इस्तेमाल हुए हैं।  

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हर राज्य में गरम मसाले का स्वाद है अलग

दिलचस्प बात ये है कि गरम मसाले हर राज्य की कुजीन में इस्तेमाल होते हैं, लेकिन फिर भी सभी जगह उनका टेस्ट अलग होता है। यह फर्क इसलिए महसूस होता है, क्योंकि हर राज्य के गरम मसाले में कुछ ऐसे तत्व शामिल होते हैं, जो दूसरे राज्यों में इस्तेमाल नहीं होते। प्रदेशों में जिन मसालों की उपलब्धता होती है, उसके हिसाब से वहां के गरम मसाले की सामग्री में फर्क आ जाता है। इसके अलावा महिलाएं अपनी पसंद के हिसाब से भी मसालों का इस्तेमाल करती हैं। मैं उत्तर भारत से सम्बन्ध रखती हूं जहां पर, ख़ास कर कि पंजाब में, गरम मसाले में सिर्फ काली मिर्च ही ऐसा मसाला होता है, जिसकी तासीर गर्म होती है। बाकी सभी मसाले खुशबू के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। उत्तर भारत में पोस्ता दाना भी इस्तेमाल किया जाता है। जबकि महाराष्ट्र में इस्तेमाल होने वाले मसालों में सूखे नारियल और लाल मिर्च की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इसे 'तिख्खट मसाला' (तीखा मसाला) भी कहा जाता है। महाराष्ट्रियन मसाले में लाल मिर्च सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है। 

 

मुगल शासकों की देन है गरम मसाला

garam masala good for metabolism

हालांकि मसालों के इतिहास के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं मिलती, लेकिन इसका जिक्र पर्शिया की कुजीन्स में आता है। मुगलई डिशेज में गरम मसाला काफी इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिए यह माना जाता है कि मुगल शासक इसे भारत लेकर आए। 

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शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है गरम मसाला

गरम मसाले के नाम से ऐसा जाहिर होता है कि यह तासीर में गरम होता है, लेकिन मूल रूप से यह शरीर का मेटाबॉलिज्म अच्छा बनाए रखने में मदद करता है। मेटाबॉलिज्म अच्छा रहने से हेल्थ बरकरार रहती है और वजन कंट्रोल में रहता है। आयुर्वेद के अनुसार गरम मसाले अपनी डाइट में इस्तेमाल करने से शरीर का तापमान बढ़ता है। कई आयुर्वेदिक औषधियां भी इन मसालों से तैयार की जाती हैं। उत्तर भारत में ठंड के दिनों में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए खाने में गरम मसाले का काफी इस्तेमाल किया जाता है। आज के समय में गरम मसाला दुनिया के ज्यादातर देशों में इस्तेमाल किया जाता है। ईरान जैसे देशों में भी इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा होने लगा है। जब मैंने इंस्टाग्राम पर न्यू डिश चैलेंज की शुरुआत की, तब मैंने पाया कि बहुत से लोगों ने गरम मसाले वाली डिश तैयार करने की पहल की। जाहिर है इसका अद्भुत स्वाद टेस्टी डिशेज बनाने के लिए इंस्पिरेशन देता है। 

मेरी गरम मसाले की खास रेसिपी

  • जीरा 1 चम्मच
  • हरी इलाएची 2-3
  • लौंग- 8-10( जितना स्ट्रॉन्ग फ्लेवर चाहते हैं, उसके अनुसार मात्रा रखें)
  • काली मिर्च -1 टेबलस्पून
  • दालचीनी -2 स्टिक्स
  • Nutmeg - चुटकी भर
  • तेज पत्ता  - 1

ऐसे बनाएं गरम मसाला: सभी मसालों को एक पैन में थोड़ा भून लें। इसके बाद उन्हें ठंडा होने के लिए रख दें। इसके बाद इन्हें पीस लें और एयरटाइट कंटेनर में रख दें। यह मसाला हफ्तेभर आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप खाने का टेस्ट बरकरार रखना चाहती हैं तो एक बार में बहुत ज्यादा गरम मसाला पीसकर ना रखें। बल्कि थोड़ी-थोड़ी क्वांटिटी यूज करें और खत्म हो जाने पर दोबारा फ्रेश मसाला पीस लें। गर्मियों में गरम मसाले का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना बेहतर रहता है। अगर आप ऐसे इलाकों में रहते हैं, जहां ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती या फिर मौसम ठंडा रहता है तो आप सालभर इनका इस्तेमाल कर सकती हैं। 

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गरम मसाले में इस तरह दें नया ट्विस्ट

shipra talk about garam masala

अगर आप चाहें तो अपने फूड आइटम्स में गरम मसाले के साथ कुछ और मसाले मिलाकर उनका स्वाद बढ़ा सकती हैं। मसलन आप हल्दी, केसर, मेथी दाना, अदरक, लहसुन, सरसों, इमली, सौंफ, मालाबार लीव्स और लाल मिर्च जैसे तत्व भी गरम मसाले में इस्तेमाल कर सकती हैं। 

गरम मसाले का स्वाद है बिल्कुल अनूठा

गरम मसाले के इस्तेमाल से खाने में हल्की सी मिठास, गर्माहट और फूलों की खुशबू का अहसास होता है। जहां काली मिर्च का स्वाद गर्माहट वाला और थोड़ा तीखा होता है, वहीं जीरा, धनिया और हल्दी फ्लेवर को रिच बनाते हैं। गरम मसाला मिर्च की तरह तीखा नहीं होता है, बल्कि इससे गर्माहट महसूस होती है। इसीलिए गरम मसाले से तैयार होने वाली डिशेज का स्वाद जबान पर देर तक बना रहता है। मैं आमतौर पर गरम मसाले का इस्तेमाल कुकिंग के आखिर में करती हूं, ताकि इसकी खुशबू बरकरार रहे। कुछ पारंपरिक डिशेज के तैयार होने के बाद ऊपर से भी हल्का सा गरम मसाला डाला जा सकता है।

शिप्रा खन्ना मास्टरशेफ इंडिया सीजन 2 जीतने के बाद देशभर में पॉपुलर हो गई थीं। इसके अलावा वह टीवी शो 'फूड-फूड' की सेलेब्रिटी शेफ रह चुकी हैं। शिप्रा खन्ना 'स्पाइस रूट' और 'सिनफुली' जैसी कुक बुक्स भी लिख चुकी हैं। अगर आपको अच्छी लगी तो इसे जरूर शेयर करें। रेसिपी और कुकरी से जुड़ी अपडेट्स पाने के लिए विजिट करती रहें हरजिंदगी।

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