शरीर के लिए पानी कितना जरुरी है ये तो सभी बखूबी जानते हैं। लेकिन कौन से बर्तन से पानी पीना चाहिए? इस बात की जानकारी बहुत ही कम लोगों को होती हैं। आमतौर पर सभी घरों में प्लास्टिक की बोतल से ही पानी पीते हैं और उसी बर्तन में पानी भरकर भी रखते हैं। यहां तक की ऑफिस में भी पानी प्लास्टिक के बोतल से ही पीते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्लास्टिक के बोतल से पानी पीना चाहिए या किसी अन्य बर्तन से? किस बर्तन से पानी पीना हेल्‍थ के लिए सही है और कौन से नहीं? अगर नहीं जानते हैं तो आज हम इसी बात की चर्चा करेंगे कि कौन से बर्तन से पानी पीना चाहिए और कौन से बर्तन से नहीं।

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मिट्टी के बर्तन 

मिट्टी प्रकृति की देन है। यही वजह है कि मिट्टी के बर्तन में पानी प्राकृतिक रुप से ठंडा रहता है। अमूमन सभी घरों में मिट्टी के मटके मिल जाते हैं। मटका में मौजूद मिट्टी के गुण पानी की अशुद्धियों को दूर करते हैं। मटके में पाए जाने वाली मिनरल्‍स शरीर के विषैले तत्वों से मुक्त कर शरीर को फायदेमंद गुण पहुंचाते हैं। मटके के पानी से गैस, एसिडिटी, कब्ज जैसे बीमारियों से भी बचा जा सकता है। यही कारण है कि मटके का पानी शरीर के लिए सही होता है। लेकिन एक बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि मिट्टी के बर्तन साफ-सुथरे होने चाहिए और अच्छे क्वालिटी के भी।

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तांबे के बर्तन 

तांबे के बर्तन से पानी पीना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है । शरीर में मौजूद यूरिक एसिड की मात्रा तांबे के पानी से दूर हो सकते हैं। पानी के सेवन से अर्थराइटिस और जोड़ों में दर्द से भी राहत मिलता हैं। ब्‍लड प्रेशर और एनीमिया जैसी बीमारी होने पर तांबे के बर्तन में रात में पानी रखकर उसे सुबह पीने की सलाह भी दी जाती है। तांबे के बर्तन से पानी पीने पर शरीर में मौजूद बैक्टीरिया दूर करने में हेल्‍प मिलती हैं। थायरॉयड ग्‍लैंड को सुरक्षा प्रदान तो करता ही है साथ में आप के ब्रेन को भी उत्तेजित करता है। आपके त्वचा लिए भी इसके पानी फायदेमंद होते हैं। तांबे के बर्तन में पानी पीने से डाइजेशन सही रहता है। आप के शरीर के खून की कमी को भी दूर रखता है। 

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कांच के बर्तन

प्लास्टिक की तुलना में कांच को अच्छा माना जाता है। कांच की ग्लास या बोतल बनाने में केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता है, यही वजह है कि कांच के बर्तन में रखे पदार्थ सुरक्षित रहते हैं। इसमें किसी भी तरह के बीपीए या केमिकल बदलाव नहीं होता है, जो आपके शरीर के लिए अच्‍छा होता हैं। ये आपके शरीर को कैंसर जैसे बीमारी से लड़ने में भी हेल्‍प करते हैं। लेकिन कुछ कांच के बर्तन रंगे हुए मिलते हैं जो हेल्‍थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं। रंगे हुए कांच के बर्तनों में केमिकल का प्रयोग होता है जो धीरे-धीरे पानी के साथ रिएक्शन करता है जो शरीर के लिए हानिकारक होता है। 

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प्लास्टिक के  बर्तन

प्लास्टिक की बोतल भी इसी क्रम में आते हैं। पानी पीने की हमें इतनी जल्दी रहती है कि हम अक्सर भूल जाते हैं कि जिस प्लास्टिक के बोतल से पानी पी रहे हैं उससे कितना नुकसान हो रहा है। प्लास्टिक की बोतलों में पीईटी पदार्थ पाए जाते हैं, जो शरीर के हार्मोंन को असंतुलित करते हैं। प्लास्टिक की बोतलों में एक दिन से ज्यादा रखा हुआ पानी शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। समान्य प्लास्टिक के बोतलों में (बीपीए) जो एक प्रकार के इंडस्ट्रियल केमिकल होता हैं जो शरीर के लिए सही नहीं होते हैं। लंबे समय तक बोलतों में रखे पानी पीने से आंतों और लिवर को भी खतरा रहता है।

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तो अगली बार आप जब भी पानी पीएं तो इन बातों का जरुर ख्याल करें। हो सकता है जिस बर्तन से आप पानी पी रहे हैं वो आपके शरीर को नुकसान कर रहा हो और आपको मालूम भी नहीं चल रहा हो। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपकी बॉडी को हेल्‍दी बनाए रख सकती है या हेल्‍थ खराब भी कर सकती है।