सांसों की ताजगी न सिर्फ आपको तरो-ताजा रखती है, बल्कि आप जब लोगों से बात करती हैं तब भी एक अच्छा इंप्रेशन छोड़ती है। और इस तरो-ताजगी को बनाए रखने के लिए आप माउथवॉश का इस्तेमाल करती हैं। जी हां माउथवॉश के इस्तेीमाल से आप तरो-ताजा सांसों के साथ चमकदार दांत पा सकती हैं। लेकिन एक नई research के अनुसार अगर आप regular मुंह साफ करने के लिए mouthwash का इस्ते माल करती हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि रोजाना माउथवॉश के इस्तेपमाल से आप diabetes का शिकार हो सकती हैं। माउथवॉश इस्तेमाल करने से blood sugar लेवल बहुत जल्दी बढ़ जाता है, जो आपकी health के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

क्या कहती है रिसर्च

'नाइट्रिक ऑक्साइड जर्नल' में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक, माउथवॉश में anti-bacterial तत्व मौजूद होते हैं जो मुंह में माइक्रोब्स के production पर असर डालते हैं, जिनसे मुंह में नाइट्रिक ऑक्साइड बनने में कमी आ जाती हैं और इससे body का मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है। जो diabetes जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देता है।

'हार्वर्ड यूनिवर्सिटी' द्वारा की गई एक नई study की report में यह दावा किया गया है कि रोजाना दिन में कम से कम 2 बार mouthwash का इस्तेमाल करने वाले लोगों में दूसरे लोगों के मुकाबले diabetes का खतरा 55 फीसदी तक बढ़ जाता है।

इस स्टडी में लगभग 1,206 मोटे लोगों को शामिल किया गया है, जिनकी उम्र 40 साल से 65 साल के बीच है और जिनको किसी प्रकार की diabetes या heart से जुड़ी बीमारी नहीं है। नतीजों में सामने आया है कि इन लोगों में करीब 43 फीसदी लोग दिन में एक बार माउथवॉश का इस्तेमाल करते हैं, जबकि 22 फीसदी लोग दिन में 2 बार माउथवॉश का उपयोग करते पाए गए। इन सभी लोगों में blood sugar का खतरा बहुत ज्यादा देखा गया है।

हार्वर्ड स्कूल ऑफ public health में प्रोफेसर कौमुदी ने बताया कि माउथवॉश में अधिकतर antibacterial घटक चयनीय नहीं है। इस स्टडी का उद्देश्य इस बात की जानकारी लेने का था कि माउथवॉश से किस तरह diabetes हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि माउथवॉश के इस्तेमाल से health को फायदे कम और नुकसान ज्यादा होते हैं।

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mouth wash diabetes inside

Image Courtesy: Pxhere.com

Daily माउथवॉश करने के नुकसान

दांतों की सफाई और मुंह की दुर्गंध के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल करना कोई समझदारी नहीं है। दिन में कई बार माउथवॉश करने से दांतों में पीलापन और मुंह में ड्राइनेस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

आपको शायद पता ही होगा कि माउथवॉश में प्रयोग किये जाने वाले तत्वं मुंह के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकते हैं और इन विषाक्ता पदार्थों को आप निगल भी जाते हैं। जी हां माउथवॉश में प्रयोग की जाने वाली सामग्री में - chlorhexidine gluconate, ethyl alcohol और मिथाइल सैलिसिलेट जैसे तत्वं शामिल होते हैं। हालांकि यह केमिकल मुंह की दुर्गंध पैदा करने वाले bacteria को कम करते हैं लेकिन बेहद जहरीले हो सकते हैं।

घर में बने माउथवॉश का इस्तेमाल करें

  • अगर आपके मुंह से बदबू की शिकायत अधिक रहती है तो आप बाजार में मिलने वाले माउथवॉश की जगह home made माउथवॉश का प्रयोग करें।
  • क्या आप जानते हैं कि वोडका एक अच्छा mouth made भी है। एक कप वोडका को दालचीनी के 9 चम्मकच के साथ मिलाकर एक पेस्टच बना लीजिए, इसे दो सप्ताएह तक किसी बरतन में रखिये, ध्यामन रखिये कि उसमें हवा न जाये। उसके बाद इसे छान लीजिए और गर्म पानी में मिलाकर अपने मुंह की सफाई कीजिए, इससे मुंह साफ हो जायेगा और बदबू नहीं आयेगी। लेकिन ध्यारन रहें कि इसे आपको निगलना नहीं है।
  • पिपरमिंट टी बैग का प्रयोग करें तो यह एक अच्छा mouthwash साबित हो सकता है। इसमें मौजूद antiseptic और menthol मुंह से जुड़ी समस्याएं जैसे सूजन या pain को भी दूर करता है। इसके अलावा यह दांत और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है।
  • ऑयल पुलिंग यानी नारियल तेल के कुल्ला करना भी अच्छा  माउथवॉश माना जाता है, मुंह में नारियल तेल भर इसके कुल्ले करने से bacteria दूर रहेंगे और मुंह से बदबू नहीं आयेगी।

बदबू वाली सांसें आपको कहीं भी शर्मिंदा कर सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्ती mouthwash का अधिक प्रयोग करें। आप घर में बने mouthwash का इस्तेकमाल कर सकती हैं। लेकिन अगर मुंह से दुर्गंध ज्यारदा परेशान करती हैं और बहुत उपचार करने के बावजूद ठीक नहीं हो रही है तो dentist से सलाह ले सकती हैं।

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