हमारे देश में सरसों के तेल का इस्तेमाल तकरीबन हर घर में किया जाता है। सरसों तेल हर किचन का अहम हिस्सा है और लगभग हर घर में सरसों के तेल में खाना पकाया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जा रहा है। वैसे मार्किट में और भी कुकिंग ऑयल हैं जैसे- ऑलिव ऑयल या जैतून का तेल, रिफाइंड ऑयल, कैनोला तेल, राईस ब्रान ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, तिल का तेल और मूंगफली का तेल।

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वैसे तो सभी तेल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन सरसों के तेल को कई रोगों से बचाव के लिए अहम माना जाता है। सरसों तेल को हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए जाना जाता है। यह तेल खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं और अच्छे एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल का बेलेंस बना रहता हैं। वैसे लोग आजकल ऑलिव ऑयल की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है ऑलिव ऑयल हमारे देश का नहीं हैं इसलिए ये हमारे शरीर के लिए इतना फायदेमंद नहीं हैं, जितना की सरसों का तेल फायदेमंद हैं। इसका कारण यह हैं की किसी भी देश का खान-पान वहां के भौगोलिक संरचना पर निर्भर करता हैं और वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को वहीं चीजे फायदा पहुंचती हैं जो वह बचपन से खाते आ रहे हों। हमारे देश के भौगोलिक संरचना के हिसाब से बना सरसों का तेल हमारे पाचनक्रिया को सही रखता है।

तीखे स्वाद के कारण सरसों का तेल किसी भी खाने का टेस्ट बढ़ा देता है। वहीं, स्वाद के हिसाब से भी सरसों का तेल ज्यादातर लोगों को पसंद है। कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें इंडियन किचन से कभी अलग नहीं किया जा सकता और इसमें से एक है सरसों का तेल। वहीं, सरसों के तेल से शरीर की मालिश करना भी बहुत लाभकारी होता हैं। इसलिए आइएं जानते हैं सरसों तेल खाने और इसको लगाने के क्या-क्या फायदे हैं।

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सरसों तेल के फायदे-

  • शायद आपको पता ना हो कि सरसों का तेल लगाने से स्किन रूखी नहीं होती और स्किन का ग्लो बना रहता है। स्किन संबंधी समस्याओं में भी सरसों का तेल बहुत फायदेमंद होता है। यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। सरसों के तेल की मालिश के बाद नहाने से शरीर और स्किन दोनों स्वस्थ रहते हैं। ठंड के दिनों में सरसों के तेल से मसाज करने पर रूखी-सूखी त्वचा भी नर्म और मुलायम हो जाती है।
  • सरसों के तेल में लिनोलिनिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती हैं, जो शरीर में जाकर ओमेगा-3 फैटी एसिड में बदल जाता है। इस कारण सरसों के तेल के इस्तेमाल से कैंसर जैसे रोगों से निपटने में मदद मिलती हैं।
  • सरसों के तेल को अगर शरीर के कुछ हिस्सों पर लगाया जाए तो इससे कई तरह की समस्या दूर होती हैं। रात को सोने से पहले नाभि पर सरसों का तेल लगाएं और सिर पर तेल से मसाज करें, इससे आपके शरीर की थकावट दूर होगी।

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  • सरसों का तेल पाचन तंत्र में बैक्टीरिया के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। साथ ही, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड के सर्वोत्तम अनुपात और सैचुरेटेड फैट की कम मात्रा की वजह से यह हेल्थ के लिए फायदेमंद है और बाकी तेलों से बेहतर है।
  • अगर आपको कफ या सर्दी हुई हो तो पैरों के तलवों पर सरसों का तेल लगाने से आराम मिलता हैं। इससे नींद भी अच्छी आती हैं।
  • सरसों के तेल का स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा होता है। सरसों के एक बार इस्तेमाल किये हुए तेल को दोबारा भी इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि यह इतना नुकसानदेह नहीं होता, जितना की दूसरे तेल होते हैं। सरसों के तेल को डीप फ्राइंग के लिए भी अच्छा ऑयल माना जाता है।

Photo courtesy- (The Indian Wire, Samachar Nama, Way Craze & Naukri Nama)