एक अच्छी नींद की दरकार कई लोगों को होती है और ये कहना भी गलत नहीं होगा कि अगर आप ठीक से सोते हैं तो कई तरह की समस्याएं हल हो सकती हैं। नींद ना आने के कारण या रात में ठीक से ना सो पाने के कारण बहुत सारे लोगों को परेशानियां होती हैं और ये ना सिर्फ हमारे काम पर असर डालता है बल्कि इसके कारण कई बीमारियां हमें घेर लेती हैं। 

अच्छी नींद के लिए ये भी बहुत जरूरी है कि आप दिमाग को शांत रखने के साथ-साथ अपने शरीर की हेल्थ का भी ध्यान रखें। कई लोगों की आदत होती है अलग-अलग तरह से सोने की जैसे कुछ को उल्टे होकर सोना पसंद है, कुछ को पेट के बल सोने में आराम मिलता है, कुछ को ये लगता है कि करवट लेकर सोने में ही उन्हें आराम मिल रहा है। 

नींद में आप कैसे सोते हैं और शरीर को किस पोजीशन में रखते हैं उससे भी हेल्थ पर असर पड़ता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर आयुर्वेद के वामकुक्षी (Vamkukshi) के बारे में जानकारी शेयर की है। इसका सीधा सा मतलब है कि आप किस ओर मुंह करके सोते हैं। 

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क्या है वामकुक्षी?

वामकुक्षी का मतलब है बाईं ओर करवट लेकर सोना। यानि आपको लेफ्ट साइड की ओर करवट लेकर सोना होगा। इस कॉन्सेप्ट में आप पावर नैप भी ले सकते हैं जैसे दोपहर में 15-30 मिनट की नींद वामकुक्षी पोजीशन में लें। इसे अलावा, रात में सोते समय भी आप इसी पोजीशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे तो अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह से सोते हैं, लेकिन इस तरह से सोने का अपना महत्व है। 

sleeping like vamkukshi

क्या हैं रात को बाईं ओर करवट लेकर सोने के फायदे?

खर्राटे कम करता है-

आयुर्वेद के मुताबिक खर्राटे कम करने के लिए वामकुक्षी बहुत ही मददगार साबित हो सकता है। आपके सोने की ये पोजीशन सबसे ज्यादा आरामदायक भी लग सकती है। 

खाने के पाचन के लिए जरूरी-

वामकुक्षी शरीर के पाचन में भी मदद करता है। खाना खाने के बाद वज्रासन में बैठें और 100 कदम चलें। इसके थोड़ी देर बाद ही सोने जाएं और बाईं ओर करवट लेकर सोएं। ऐसे में खाने का डाइजेशन सही होता है। इसके पीछे का लॉजिक ये है कि आपके सारे डाइजेस्टिव जूस नीचे की ओर रहते हैं और इससे हार्ट बर्न जैसी समस्याएं कम होती हैं और खाना आसानी से पचता है। 

 
 
 
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शरीर से वेस्ट निकालने में करता है मदद- 

शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में भी लेफ्ट साइड सोना कारगर साबित हो सकता है। बाईं ओर सोने से शरीर के टॉक्सिन फिल्टर होते हैं और लिंफ फ्लूइड्स और गंदगी साफ होती है। किसी भी बड़ी बीमारी से बचने के लिए शरीर से टॉक्सिन्स निकालना जरूरी होता है। ऐसे में थोड़ी देर तो आपको बाईं ओर सोना ही चाहिए।  

slepping on left side

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लिवर और किडनी के फंक्शन को बेहतर बनाए- 

किडनी और लिवर के फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए भी स्लीपिंग पोजीशन सही रखनी जरूरी है। लिवर और किडनी शरीर के दो बहुत अहम अंग होते हैं और इनका सही तरीके से काम करना ही आपके डाइजेशन, अन्य अंगों के फंक्शन और बाउल मूवमेंट को सही कर सकता है। ये आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है।  

दिल का रखता है ख्याल- 

बाईं ओर सोने से आपके डाइजेस्टिव जूस सभी नीचे की ओर चले जाते हैं और इससे सीने में जलन की समस्या कम होती है ये तो हमने आपको बता ही दिया, लेकिन इसके अलावा भी इस तरह से सोना शरीर में मदद करता है। ये दिल को हेल्दी रख सकता है और दिल का वर्कलोड थोड़ा कम करता है। आप इस आदत से ज्यादा हेल्दी महसूस कर सकते हैं। 

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ये एसिडिटी और थकान को दूर करता है- 

यहां भी वही डाइजेशन वाला लॉजिक है कि ये आपके सीने की जलन को कम कर सकता है और थकान को भी कम कर सकता है और आपको मॉर्निंग सिकनेस से भी बचा सकता है।  

कई तरह की बीमारियों में मददगार-

ये सिर्फ डाइजेशन के लिए नहीं बल्कि फैट को बर्न करने के लिए भी अच्छा होता है। इसी के साथ Alzheimer और Parkinson जैसी दिमाग पर असर करने वाली बीमारियों की रोकथाम में मदद कर सकता है।  

आयुर्वेद में बाईं ओर सोने को हमेशा सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है और इसलिए आपको भी इसे ट्राई करना चाहिए। ये ध्यान रखें कि ये आदत हेल्थ को सुधारने में मदद कर सकती है, लेकिन किसी बीमारी का इलाज नहीं कर सकती। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।  

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