पेट में दर्द की समस्‍या बेहद आम है। छोटे बच्‍चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक, यह समस्‍या किसी को भी हो सकती है। पेट में दर्द होने के भी कई कारण हो सकते हैं। इनमें से एक कारण पेट में थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन का होना है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है मगर इस तरह के इंफेक्‍शन से पेट मे दर्द होना और मलाशय (rectum) में जलन, चुभन और खुजली होने जैसी समस्‍याएं हो जाती है। 

थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन से राहत पाने के लिए कुछ आसान घरेलू उपचारों को आजमाया जा सकता है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्‍खे बताएंगे, जो आपकी इस समस्‍या से उबरने में मदद करेंगे। 

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क्‍या होता है थ्रेडवर्म ? 

थ्रेडवर्म एक तरह का धागेनुमा परजीवी होता है। यह आंतों को संक्रमित करता है। सफेद रंग का यह परजीवी मुख्‍यत: रेक्‍टम एरिया को संक्रमित करता है। इतना ही नहीं, अगर सही वक्‍त पर इसका इलाज न किया जाए, तो इससे यूरिन इंफेक्शन होने का भी खतरा रहता है। 

थ्रेडवर्म के कारण 

  • अगर आप दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, तो इससे थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन हो सकता है। 
  • किसी-किसी बच्‍चे में मिट्टी खाने की आदत होती है। जो बच्‍चा मिट्टी खाता है उसे भी इस तरह का इंफेक्‍शन होने की संभावना बढ़ जाती है। 
  • अगर सब्जियों को अच्‍छे से साफ करके पकाया न जाए, तो इस तरह का इंफेक्‍शन हो सकता है। 

थ्रेडवर्म के लक्षण 

  • पेट में दर्द होना। 
  • रेक्‍टम एरिया में जलन और खुजली होना। 
  • भूख कम लगना। 
  • यूरिन इंफेक्‍शन होना। 
  • बार-बार उल्‍टी आना। 
  • अच्‍छी तरह से नींद न आना। 

थ्रेडवर्म के घरेलू उपचार 

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1.लहसुन

फायदा- लहसुन में एंटीफंगल प्रॉपर्टीज होती हैं। इसका सेवन करके थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन का घरेलू इलाज किया जा सकता है। 

कैसे करें इस्‍तेमाल- नियमित रूप से सुबह लहसुन की 2 कलियां पानी के साथ निगल जाएं। कच्‍चा लहसून खाने के फायदे अनेक हैं लेकिन आपको यदि ऐसा करने में असहज लगे,  तो आप शहद के साथ लहसुन को बारीक काट कर भी खा सकते हैं। 

2. गरम पानी 

थ्रेडवर्म बहुत ही संक्रामक होते हैं। अगर शरीर की ढंग से साफ-सफाई न की जाए तो यह तेजी से फैलने लग जाते हैं। अगर आपको थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन है तो आपको गरम पानी से ही स्‍नान करना चाहिए। इतना ही नहीं, आपको घर के हर काम में गरम पानी का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए। 

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3.नारियल का तेल 

फायदा- नारियल का तेल एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीवायरल होता है। इसकी मदद से थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन से उबरने में आसानी होती है। 

कैसे करें इस्‍तेमाल- आप सुबह उठने के बाद और रात में सोने से पहले 1 छोटा चम्‍मच नारियल के तेल का सेवन जरूर करें। अगर आपके रेक्‍टम एरिया में बहुत अधिक जलन और खुजली हो रही है, तो आप वहां नारियल का तेल लगा भी सकती हैं। 

4.पाइनएप्पल जूस

फायदे- पाइनएप्‍पल ब्रोमेलैन नामक एंजाइम का रिच सोर्च होता है। अगर आपको थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन की शिकायत है, तो आप इसे भी उपचार स्‍वरूप इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 

कैसे करें इस्‍तेमाल- एक ग्‍लास पाइनएप्‍पल जूस का सेवन रोज करें। आप चाहें तो पाइनएप्‍पल के टुकड़ों को पानी में डाल कर डिटॉक्‍स वॉटर भी तैयार कर सकते हैं और पूरे दिन इस पानी का सेवन कर सकते हैं।  

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5.सेब का सिरका 

फायदे- सेब के सिरके में एसिटिक एसिड होता है। यह पेट से जुड़ी समस्‍याओं में राहत पहुंचाने का काम करता है। खासतौर पर यह पेट के कीड़ों को मार देता है। 

कैसे करें इस्‍तेमाल- एक ग्‍लास पानी में आप 1 बड़ा चम्‍मच सेब का सिरका और 1 छोटा चम्‍मच शहद डाल कर उसका सेवन कर सकती हैं। 

थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन को होने से रोकने के टिप्‍स- 

  • जितना हो सके अपनी डाइट में फाइबर रिच फूड आइटम्‍स को शामिल करें। इसके लिए आप गाजर, केला, पत्‍तागोभी आदि खा सकते हैं। 
  • किसी भी गंदे कार्पेट पर न बैठें। इतना ही नहीं, अपनी टॉवल को भी हमेशा साफ रखें। 
  • अपने पर्सनल हाइजीन (इस तरह मेंटेन करें पर्सनल हाइजीन)का भी ध्‍यान रखें। रोज स्‍नान करें और कुछ भी खाने से पहले हाथों को धोना न भूलें। 
  • प्रोबायोटिक फूड (Probiotic Food ) आइटम्‍स, जैसे- दही और छाछ को भी अपनी रूटीन डाइट का हिस्‍सा बनाएं। 

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नोट-थ्रेडवर्म इंफेक्‍शन होने पर घरेलू उपचार करने के साथ-साथ चिकित्‍सक से परामर्श जरूर करें। हो सकता है कि चिकित्‍सक आपको पेट में कीड़े मारने वाली दवा दे या फिर कोई और ट्रीटमेंट बताए। 

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Image Credit: Freepik