अच्छा, अगर आपसे ये सवाल पूछा जाए कि सेहतमंद रहने के लिए भोजन करने के नियमों में क्या-क्या चीजें शामिल हो सकती हैं, तो फिर आपका जवाब क्या हो सकता है? शायद, इसका कोई सटीक जानकारी आपके पास नहीं हो। लेकिन, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हेल्दी रहने के लिए आयुर्वेद में भोजन करने के भी नियम होते हैं। अगर आयुर्वेद के अनुसार भोजन करने की प्रक्रिया को अपनाते हैं, तो आप काफी हद तक सेहतमंद भी रह सकते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक डॉक्टर रेखा राधामोनी हमें बताने जा रही है कि आयुर्वेद में भोजन करने के नियमों में क्या चीजें शामिल हो सकतीहैं, तो आइए जानते हैं।

गर्म भोजन का सेवन 

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इस संबंध में शायद कुछ अधिक जानकारी देने की ज़रूत नहीं है क्योंकि, लगभग हर किसी को मालूम है कि गर्म भोजन करने के एक नहीं बल्कि कई सारे फायदे हैं। सिर्फ आयुर्वेदिक नज़र से ही बल्कि अन्य दृष्टी से भी किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए गर्म भोजन का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, कई ऐसे लोग भी होते हैं जो भोजन ठंडा हो जाने के बाद सेवन करते हैं, ऐसे में अगर आप भी ठंडा भोजन करते हैं तो आपको इस आदत से बचाना चाहिए।

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दोबारा खाने के नियम 

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जी हां, अगर आप दिन से दो से तीन बार भोजन करते हैं, तो उसके भी नियम हो सकते हैं। डॉक्टर रेखा के अनुसार अगर आप दोबारा खाने के लिए जा रहे हैं, तो सही मात्रा में भोजन करना बहुत ज़रूरी है। यानि पहले भोजन अच्छे से डाइजेस्ट हो गया हो जाए, तभी आप दोबारा खाने के लिए जाए और वो भी उचित मात्रा में भोजन करें। ऐसे नहीं कि भोजन पचा नहीं और कुछ ही देर में दोबारा खाने के लिए बैठ गए। (पाचन क्रिया को सही रखने के उपाय)

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भोजन पर ध्यान केंद्रित करें 

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भोजन करने के ये नियम सिर्फ आयुर्वेद में ही नहीं बल्कि अन्य नज़रों में भी बेहद उचित माना जाता है। जी हां, आपने यह ज़रूर सुना होगा कि भोजन करने के दौरान अधिक बातचीत नहीं करना चाहिए। ये नियम सिर्फ आयुर्वेद में ही लागू नहीं होता है। इसके अलावा भोजन करते समय सेंस, बॉडी और दिमाग को सिर्फ भोजन पर केंद्रित करना चाहिए। इससे एक तरह से आप माइंडफुल ईटिंग आदत बोल सकते हैं। 

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पसंदीदा भोजन करना 

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'लास्ट बट नॉट लिस्ट' जी हां, यह नियम किसी भी व्यक्ति के लिए बेस्ट हो सकता है। ऐसा नहीं कि भूख लगी हुई है और सामने जो दिखाई दें, उसे ही खाने लगे हैं। ऐसा करने से बचे क्योंकि, इससे पेट तो भर जाता है लेकिन, अंदर से संतुष्टि नहीं मिलती है। इसलिए आप जब भी खाने के लिए निकले या बनाए तो पसंदीदा भोजन ही करें। इससे पेट में भी भरता है और बार-बार खाने का मन भी नहीं करेगा। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण चीज कि कभी भी जल्दी-जल्दी खाने से बचना चाहिए।  

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