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Menstrual Hygiene Day 2020: पीरियड्स से जुड़े मिथ पर आप भी करती हैं भरोसा तो सच्‍चाई जानें

Menstrual Hygiene Day के मौके पर पीरियड्स से जुड़े कुछ मिथ और उनसे जुड़े सच के बारे में महिलाओं के लिए जानना बेहद जरूरी हैं ताकि वह अपनी और अपनी बेटियों की अच्‍छे से केयर कर सकें।
Updated:- 2020-05-28, 12:00 IST
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'प्रिया कहां जा रही हो?' मां ने आवाज लगाई।
'मैं किचन से आचार लेने जा रही हूं' प्रिया ने जवाब दिया।
'इधर आओ, मेरी बात सुनो' मां ने बुलाया।
'क्या है मां?'' प्रिया ने बोला
मां ने बोला 'देखो, प्रिया इन दिनों में आचार को छूना नहीं चाहिए। ऐसा करने से आचार खराब हो जाता है।' मां ने प्रिया को समझाते हुए कहा।
तब प्रिया को याद आया कि उसे पीरियड्स हो रहे हैं। उसे मां की पिछली बताई बातें याद आई कि इन दिनों में क्‍या-क्‍या नहीं करना चाहिए। हालांकि उसे यह बात समझ में नहीं आ रही थी कि बातों का बॉडी में होने वाली इस नॉर्मल प्रोसेस से क्‍या संबंध हो सकता है। उसने कई बातों के बारे में अपनी मां और दोस्‍तों से भी सुना हैं, जैसे..

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पीरियड्स के दिनों में पौधों में पानी डालने से वह मुरझा जाते हैं, किचन में घुसने की मनाही होती हैं, मंदिर नहीं जाना चाहिए। क्‍योंकि लड़की को अशुद्ध माना जाता है। इसके अलावा एक्‍सरसाइज करने और कुछ चीजों को खाने से भी मना किया जाता है। लेकिन मुझे आज यह बात समझ में नहीं आई कि पीरियड एक नॉर्मल प्रोसेस है जिससे एक महिला को हर महीने गुजरना होता है। लेकिन हमारे भारतीय समाज में इसे एक बीमारी की तरह ट्रीट किया जाता है। पीरियड को अशुद्ध माना जाता है। इस आर्टिकल में हम लोगों की सोच के बारे में बात नहीं कर रहे बल्कि Menstrual Hygiene Day के मौके पर पीरियड्स से जुड़े कुछ मिथ और उनसे जुड़े सच के बारे में जानेंगे ताकि महिलाओं को इस बार में अच्‍छेे से जानकारी हो और वह अपनी और अपनी बेटियों की अच्‍छे से केयर कर सकें। जी हां हर साल 28 मई को Menstrual Hygiene Day मनाया जाता है ताकि लड़कियों को पीरियड्स से जुडे प्रबंधन के बारे में सही जानकारी हो।

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मिथ: पीरियड्स के दौरान पूजा नहीं करनी चाहिए।

सच: भारत जैसे देश में आज भी यह मिथ फैला है कि पीरियड्स के समय पूजा नहीं करनी चाहिए। साथ ही उन्‍हें मंदिर जाने, धार्मिक कार्यों में भाग लेने और यहां तक की किचन में जाने की अनुमति नहीं होती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इस दौरान महिलाओं को अशुद्ध माना जाता हैं। लेकिन यह मानना बिल्‍कुल गलत है। जिस भगवान ने महिलाओं को यह प्रकृति दी है वह किसी महिला के छूने मात्र से कैसे अशुद्ध हो सकते हैं।

मिथ: पीरियड्स के दौरान महिलाएं कंसीव नहीं कर सकती हैं।

सच: ऐसा माना जाता है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं गर्भधारण नहीं कर सकती हैं। लेकिन यह एक मिथ है, क्‍योंकि इस दौरान गर्भधारण करना मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि पुरुष शुक्राणु महिला वेजाइना में लगभग 5 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। इसलिए अगर पीरियड्स के दौरान असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाते हैं प्रेग्‍नेंट होने की संभावना खत्‍म नहीं होती है।

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मिथ: पीरियड के दौरान अचार छूने से अचार खराब हो जाता है। 

सच: यह सबसे बड़ा मिथ है। अचार सिर्फ पानी से भीगे हाथ से छूने से खराब होते हैं। अचार को कैसे पता कि महिला को पीरियड्स हो रहे हैं, हां-हां-हां। 

 

मिथ: पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।

सच: अगर आपको एक्सरसाइज करने की आदत है तो आप अपने पीरियड्स में भी एक्सरसाइज कर सकती हैं। एक्‍सरसाइज ब्‍लड और ऑक्सीजन के प्रवाह को सुचारु कर पेट में दर्द और ऐंठन को दूर करे में हेल्‍प करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार हर हफ्ते 150 मिनट या कम से कम 75 मिनट एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। हां वो बात अलग हैं कि कुछ महिलाओं को पीरियड्स में बहुत ज्‍यादा दर्द होता हैं जिसके चलते वह एक्‍सरसाइज नहीं कर पाती हैं। 

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मिथ: पीरियड एक हफ्ते में खत्म हो जाना चाहिए।

सच: हर महिला की बॉडी अलग होती है और वह अलग तरीके से काम करती है। इसलिए सभी की मेंस्ट्रुअल साइकिल अलग होती है। बदलती उम्र के अनुसार भी इस साइकिल में बदलाव आते रहते हैं। किसी महिला को पीरियड्स कम दिन तो किसी को ज्‍यादा दिनों तक होते हैं।

 

मिथ : पीरियड में निकलने वाला ब्‍लड गंदा होता है।

सच : हालांकि नसों में बहने वाला ब्‍लड से यह अलग होता है लेकिन पीरियड्स के दौरान निकलने वाला ब्‍लड भी नॉर्मल ही होता है। वेजाइना से निकलने वाले इस ब्लड में वेजाइना के टिश्यू, सेल्स और एस्ट्रोजन हॉर्मोन के कारण बच्चेदानी में ब्‍लड और प्रोटीन की बनी परत के टुकड़े होते हैं। ये सारी चीजें पीरियड के पहले बच्चेदानी में जमा होते हैं। क्‍योंकि इनकी जरूरत नहीं होती हैं इसलिए पीरियड्स के ब्‍लड के रूप में बॉडी से बाहर निकल जाते है।

अगर आपके मन में भी पीरियड्स को लेकर कोई मिथ है तो कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़े रहें। 

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