मेंस्ट्रुएशन एक सामान्य बायोलॉजिकल प्रोसेस है, जो एक महिला के रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। जब ओवरी द्वारा रिलीज किया गया अंडा फर्टिलाइज नहीं होता है तब अंडे के साथ यूटेरिन लाइनिंग , जिसे अंडे को फर्टिलाइज करने के लिए तैयार किया गया था, वह अंडे को ब्रेक करके उसके साथ शरीर के बाहर निकल आती है। इस वेस्‍ट में ब्‍लड, म्‍यूकस और लाइनिंग टिशूज होते है, जिन्‍हें सामूहिक रूप से मेंस्ट्रुअल ब्‍लड कहा जाता है।

अगर पर्याप्‍त स्‍वच्‍छता और आराम किया जाए तो मेंस्ट्रुअल पीरियड आराम से गुजर जाते हैं। 

हर महिला को महीने में चार से पांच दिन पीरियड्स आते हैं। हालांकि, यह एक ऐसा अनुभव नहीं है जिसका किसी को इंतजार रहता हो, मगर इससे निश्चित रूप से आपका सामान्य जीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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Maintaining  Hygiene  During  Periods

पीरियड्स के दौरान मेंस्ट्रुअल हाइजीन बनाए रखने के तरीके  

  • सैनिटरी नैपकिन को हर 4-5 घंटे में बदलें: एक बार जब मेंस्ट्रुअल ब्‍लड शरीर से निकल जाता है, तो यह धीरे-धीरे विघटित होने लगता है। इस दौरान लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया और गीला पैड वेजाइनल क्षेत्र और त्वचा के संपर्क में रहता है तो इससे बैक्‍टीरियल  इन्‍फेक्‍शन, खुजली, जलन, एलर्जी और दर्दनाक रैशेज हो सकते हैं। इतना ही नहीं इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन भी हो सकता है। इसलिए नियमित रूप से नैपकिन या टैम्पोन बदलने से इस तरह के संक्रमण की संभावना को कम किया जा सकता है। खासकर टैम्पोन अगर लंबे समय तक शरीर के अंदर छोड़ दिया जाता है, तो यह दुर्लभ, विषाक्त शॉक सिंड्रोम को जन्म दे सकता है।
  • बाजार में आपको कई तरह के कमर्शियल सैनिटरी प्रोडक्‍ट मिल जाएंगे। मगर आपको उसी सैनिटरी प्रोडक्‍ट का चुनाव करना चाहिए, जिसमें मेंस्ट्रुअल ब्‍लड फ्लो को एब्‍जॉर्ब करने की क्षमता अच्‍छी हो। (जानें पीरियड्स क्‍या होते हैं और क्‍यों होते हैं?)
  • कुछ लड़कियां पीरियड्स के दौरान कपड़े, टैम्पोन या किसी अन्य तरह के कपड़े के सैनिटरी पैड का इस्‍तेमाल करती हैं, मगर यह सही तरीका नहीं है। नियमित रूप से सैनिटरी पैड को बदलना एक बेहतर विकल्प है। अगर आप एक वक्‍त में एक से अधिक पैड या टैम्पोन का इस्‍तेमाल करती हैं तो आपको रैशेज और इन्‍फेक्‍शन हो सकता है। 
  • पैड बदलने के बाद हाथों को साबुन से धोना बहुत जरूरी क्‍योंकि पैड बदलते वक्‍त इस्‍तेमाल किए हुए पैड में मौजूद बैक्‍टीरिया हाथों में आ जाते हैं, जो हाथ न धोन पर शरीर में फैल सकते हैं और इससे आपको इन्‍फेक्‍शन हो सकता है। 
  • अगर आप पीरियड्स के दौरान बाहर सफर कर रही हैं तो आपको एक अतिरिक्‍त जोड़ी अंडरवियर जरूर रखनी चाहिए। अगर आपकी अंडरवियर में दाग लग जाता है तो आप इसे बदल सकती हैं। आपको बता दें कि गंदी और दाग लगी अंडरवियर को पहने रखना हाइजीनिक नहीं है। 
  • वेजाइना की बाहरी त्‍वचा में सिलवटें होती हैं, जहां ब्‍लड जमने लगता है। इस कारण से दुर्गंध आने लगती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप नियमित रूप से यहां की सफाई करें। इतना ही नहीं इस स्‍थान की सही तरह से सफाई होना भी जरूरी है। वेजाइना को एनुस तक साफ करें नहीं तो बैक्‍टीरिया पनप सकते हैं। (टीनेज में कौन से बदलावों का होता है अनुभव)
  • वेजाइना एक सेल्‍फ-क्‍लीनिंग ऑर्गन है। यह महत्‍वपूर्ण है कि इसकी प्राकृतिक संरचना को छेड़ा न जाए। इस संदर्भ में डॉक्‍टर्स जेनिटेल एरिया को साधारण गरम पानी और माइल्‍ड सोप से धोने की सलाह देते हैं। हार्श सोप और सुगंधित उत्‍पादों में मौजूद कैमिकल्‍स यहां की त्‍वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 
  • रात में सोने के दौरान मेंस्ट्रुअल ब्‍लड फ्लो कम हो जाता है, इसलिए आप पूरी रात एक पैड के साथ बिना उसे बदले गुजार सकती हैं। अगर आपको हैवी ब्‍लीडिंग हो रही है और अंडरवियर में दाग लग गया है तो आपको पैड जरूर बदल लेना चाहिए। 
  • अगर पीरियड्स के वक्‍त आप अनहेल्‍दी एब्‍जॉर्बेंट्स और अनुचित स्‍वच्‍छता रखती हैं तो आपको रिप्रोडक्टिव ट्रैक्‍ट इन्‍फेक्‍शन भी हो सकता है, जो आपकी यूटेरिन वॉल, ओवरीज और फैलोपियन ट्यूब को नुकसान पहुंचा सकता है। 
  • सैनिटरी पैड और टैम्पोन को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज ऑफ किया जाना चाहिए। इसे नए एक पैड के रैपर या टॉयलेट पेपर में लपेट कर बिन में फेंक देना चाहिए। यह गंध को रोकने और बैक्टीरिया को फैलने से रोकने में मदद करता है। 
  • अगर आप मेंस्ट्रुअल कप का इस्‍तेमाल करती हैं तो दिन में एक बार उसे गरम पानी और एंटीसेप्टिक लिक्‍वेड से जरूर साफ करें ताकि उसमें मौजूद सारे कीटाणू दूर हो जाएं। 

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निष्‍कर्ष 

शांतिपूर्ण पीरियड्स के लिए बहुत जरूरी है कि आप साफ-सफाई का ध्‍यान रखें। अगर आपको पीरियड हाइजीन के बारे में सही जानकारी नहीं तो आपको कई दिक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है। उचित और छोटे-छोटे स्‍टेप्‍स को फॉलो कर आप मेंस्ट्रुअल हाइजीन को बनाए रख सकती हैं और किसी भी तरह के खराब अनुभव और इन्‍फेक्‍शन से खुद को बचा सकती हैं। 

एक्‍सपर्ट सलाह के लिए डॉ.रीना वानी (ऑबस्टेट्रीशियन एवं गायनेकोलॉजिस्ट) (एमडी, एफआरसीओजी, एफआईसीओजी, डीएनबीई, डीजीओ, डीएफपी, एफसीपीएस) का विशेष धन्‍यवाद। 

 

Reference

 

https://flo.health/menstrual-cycle/lifestyle/hygiene-and-beauty/period-hygiene-faq