प्रेग्नेंसी के दौरान टेस्टिंग और काउंसलिंग कितना जरूरी है? एक्सपर्ट से जानें

एक कपल के जीवन में प्रेग्नेंसी लाइफ बदल देने वाली ग्रोथ है। यह जिंदगी भर का कमिटमेंट है और ये माता-पिता की जीवनशैली में दूरगामी और अपरिवर्तनीय प्रभाव डालती है। इसलिए यह जरूरी है कि कपल मानसिक और भावनात्मक रूप से परिपक्व हो और अपने जीवन में इस स्वागत योग्य बदलाव को ठीक से स्वीकार करने के लिए आर्थिक रूप से तैयार हों। यहां पर प्रेग्नेंसी की टेस्टिंग और काउंसलिंग फैमिली प्लानिंग में अहम भूमिका निभाते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानें कि प्रेग्नेंसी के दौरान टेस्टिंग और काउंसलिंग कितना जरूरी होता है।
प्रेग्नेंसी टेस्टिंग और काउंसलिंग का लक्ष्य क्या हैं?
प्रेग्नेंसी टेस्टिंग और काउंसलिंग निम्नलिखित तरीकों से मदद करते हैं:
- यह प्रारंभिक प्रेग्नेंसी को डायग्नोज करने में मदद करता है।
- यह एक एक्टोपिक प्रेग्नेंसी डायग्नोज करने में मदद करता है - जो प्रेग्नेंट महिला की फर्टिलिटी, हेल्थ और लाइफ के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
- यह कपल को उचित और पर्याप्त प्रीनेटल केयर पाने में सक्षम बनाता है।
- जब कपल प्रेग्नेंसी को समाप्त करना चाहता है तो यह उस स्थिति में निर्णायक स्तर पर फैसला लेने में मदद करता है।
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प्रेग्नेंसी टेस्ट क्या है?
प्रेग्नेंसी टेस्ट घर पर या फिर प्रोफेशनल लैब में हो सकता है। कुछ मामलों में महिला की पूर्व प्रेग्नेंसी हिस्ट्री और फिजिकल जांच प्रेग्नेंसी को सुनिश्चित करने में मदद करती है।
प्रेग्नेंसी टेस्टिंग और काउंसलिंग कैसे मदद करती हैं?
अगर प्रेग्नेंसी की प्लानिंग नहीं की है तो प्रारंभिक ज्ञान कपल को आगे के लिए एक्शन तय करने में मदद करेगा। अनचाही प्रेग्नेंसी में कपल को अपने जीवन में विभिन्न कारकों का विश्लेषण और आकलन करने की आवश्यकता होती है। जिन कारकों पर विचार करने की आवश्यकता है, वे फाइनेंशियल और फैमिली रिर्सोस की उपलब्धता के अलावा दोनों पति-पत्नी की भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक क्षमताएं शामिल हैं। कुछ अनचाही प्रेग्नेंसी भी दो पार्टनर्स के बीच झगड़े का एक प्रमुख कारण बन जाती हैं। ऐसे में काउंसलिंग मददगार साबित होती है।

हेल्थकेयर प्रोफेशनल जिनके मार्गदर्शन में प्रेग्नेंसी की टेस्टिंग और पुष्टि की गई है, यहां उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वह क्लिनिक में काउंसलिंग सर्विसेज दे सकता है या एक प्रोफेशनल प्रेग्नेंसी काउंसलर को संदर्भित कर सकता है। कपल को काउंसलर को एक भरोसेमंद, सेंसिटिव, गैर-न्यायिक और उपलब्ध रिर्सोस के रूप में देखना होगा, जो कपल को अंतिम निर्णय देता है। काउंसलर एक विश्वसनीय स्रोत है जो प्रेग्नेंसी के दौरान देखे जाने वाले साइकोलॉजिकल और बायोलॉजिकल विकास को समझने में मदद करता है।
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काउंसलिंग के बाद प्रेग्नेंट कपल जो निर्णय लेते हैं, उसके आधार पर काउंसलर / हेल्थकेयर प्रोफेशनल को अपनी स्थिति के अनुकूल सर्वोत्तम उपलब्ध विकल्पों को रखना चाहिए। कपल्स की जिंदगी में बदलाव लाने वाली इस ग्रोथ के अनुभव को सकारात्मक और समृद्ध बनाना ही प्रेग्नेंसी टेस्ट और काउंसलिंग का अहम उद्देश्य है।
एक्सपर्ट सलाह के लिए डॉक्टर पल्लवी इंग्ले (एमबीबीएस, डीजीओ, डीएफपी) का विशेष धन्यवाद।
Reference:
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2660091/
https://www.essentialaccess.org/sites/default/files/pregnancy-testing-and-counseling-sample-2.pdf
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