चीन में तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ती ही जा रही हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि तिब्बत को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों से कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे है। हालांकि सांस की तकलीफ बढ़ाने वाले इस वायरस की पहचान वुहान शहर में सबसे पहली बार हुई थी। ये इंफेक्‍शन निमोनिया जैसे लक्षण पैदा करता है। चीन के अलावा, थाइलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, नेपाल, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका में कोरोना वायरस का एक मामला सामने आया है। चीनी अधिकारियों ने इंफेक्‍शन को बढ़ने से रोकने के लिए कुछ शहरों को देश के बाकी हिस्सों से अलग करके रखा हुआ है। 

लेकिन चीन से दुनिया के विभिन्न देशों में फैल रहे कोरोना वायरस ने भारत में भी प्रवेश कर लिया है और केरल में इसके पहले मामले की पुष्टि हुई है। जी हां चीन के कोरोना वायरस से अभी तक बचे हुए भारत में भी अब इस वायरस से संक्रमित एक मामले की पुष्टि हो गई है। भारत में इस वायरस का पहला मामला केरल से सामने आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि केरल में नोवल कोरोना वायरस से पीड़ित पहले मरीज का पता चला है। मरीज एक छात्र है जो चीन के वुहान यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था।

मरीज के नमूनों की जांच में इस वायरस के इंफेक्‍शन की पुष्टि हुई है। मरीज को अस्पताल में एक अलग कक्ष में रखा गया है। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। डॉक्टर उसकी हेल्‍थ की कड़ी निगरानी कर रहे हैं। चीन के वुहान शहर में ही इस वायरस के इंफेक्‍शन का पहला मामला सामने आया था। अब तक दुनिया भर में इसके करीब आठ हजार मामलों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, देश में यह पहला मामला है जिसमें कोरोना वायरस के इंफेक्‍शन की पुष्टि हुई है। इससे पहले सभी संदिग्ध मामलों में नमूनों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव रही थी।

स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है। तेजी से फैल रहे इस वायरस की पहचान और बचाव कैसे किया जाए। आज हर किसी के मन में यहीं सवाल आ रहा है। अगर आपके मन भी भी ऐसा ही सवाल हैं तो आज हम आपको इससे बचने के उपायों के बारे में बता रहे हैं। लेकिन सबसे पहले यह जान लेते हैं कि यह वायरस क्‍या है? 

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क्या है कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके इंफेक्‍शन से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का इंफेक्‍शन दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के अनुसार, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकना वाला कोई इंजेक्‍शन नहीं बना है। 

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जिस तरह से रैबीज वायरस के लिए कुत्तों को जिम्मेदार माना जाता है। ठीक वैसे ही कोरोना वायरस के फैलने के लिए जंगली जानवरों के सेवन को जिम्‍मेदार माना जा रहा है। इसमें अभी तक सबसे बड़ी भूमिका चमगादड़ों की मानी जा रही है। चूंकि चीन में हर तरह से पशु पक्षी खाए जाते हैं और उनकी बिक्री वहां होती है, वहीं से इस खतरनाक वायरस का जन्म माना जा रहा है। वायरस इतना खतरनाक है कि जो इसकी चपेट में आ रहा है एक हफ्ते के दौरान उसकी मौत निश्चित बताई जा रही है।

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क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?

कोरोना वायरस के लक्षण बेहद आम होते हैं। इसके शुरुआती लक्षणों में सांस लेने में थोड़ी तकलीफ, सिर में तेज दर्द, गले में खराश, खांसी या फिर बहती हुई नाक शामिल है। कोरोना वायरस से इंफेक्‍शन के मामलों में ऐसा लगता है कि इसकी शुरुआत बुखार से होती है और फिर उसके बाद सूखी खांसी का हमला होता है। हफ़्ते भर तक ऐसी ही स्थिति रही तो सांस की तकलीफ शुरू हो जाती है। लेकिन गंभीर मामलों में ये इंफेक्‍शन निमोनिया या सार्स बन जाता है, किडनी फेल होने की स्थिति बन जाती है। कोरोना के ज्‍यादातर मरीज़ बड़ी उम्र के लोग हैं, खासतौर पर वह जो पहले से ही पार्किंसन या डायबिटिज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है।

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कोरोना वायरस से बचाव के उपाय

  • स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिसमें कुछ बातों को शामिल किया गया है, जैसे 
  • हाथों की नियमित रूप से सफाई करनी चाहिए। इसके लिए साबुन से अच्‍छे से हाथों को साफ करें, खासतौर पर किसी संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने के तुरंत बाद। अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। 
  • खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें। 
  • जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे उचित दूरी बनाकर रखें। 
  • अंडे और मांस के सेवन से बचें। खासतौर पर कच्चा या अधपका मांस खाने से बचें। 
  • जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।