दिन की शुरूआत में हम सबसे पहले जो काम करते हैं, वह है अपने दांतों को ब्रश करना। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ओरल हेल्थ का ख्याल रखना कितना जरूरी है। हालांकि, कुछा लोग सोचते हैं कि महज दांतों को ब्रश करने से ही ओरल हेल्थ का सही तरह से ख्याल रखा जा सकता है। जबकि ओरल हेल्थ इससे कहीं अधिक है। बैड ओरल हेल्थ से दांतों की सड़न, डेंटल कैविटीज और मसूड़ों की बीमारी के अलावा कई गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। इतना ही नहीं, ओरल हेल्थ आपकी ओवर ऑल हेल्थ को भी प्रभावित करता है। अगर इसे हल्के में लिया जाए तो इससे आपका संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित होना शुरू हो जाता है। हालांकि, ओरल हेल्थ को लेकर लोगों के मन में कई तरह के मिथक होते हैं। तो चलिए आज हम आपको इन मिथ्स और उनकी सच्चाई से अवगत करवा रहे हैं, ताकि आप अपनी ओरल हेल्थ का सही तरह तरह से ख्याल रख सकें-

मिथक 1: हार्ड ब्रश ब्रिसल्स दांतों को बेहतर तरीके से साफ करते हैं।

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सच्चाई : यह पूरी तरह से एक मिथक है। वास्तव में हार्ड ब्रश ब्रिसल्स आपके दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप दांतों की क्लीनिंग के लिए सॉफ्ट ब्रिसल्स ब्रश को इस्तेमाल करें, जिसका हेड स्मॉल या नार्मल हो, ताकि यह आपके जबड़े के अंत तक आसानी से पहुंच जाएं और दांतों को बेहतर तरीके से साफ कर सके। 

मिथक 2: अधिक टूथपेस्ट होता है अधिक इफेक्टिव 

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सच्चाई : कई लोग मानते हैं कि अधिक टूथपेस्ट लगाने से दांत बेहतर तरीके से साफ होते हैं। हालांकि, यह भी सच नहीं है। बेहतर होगा कि आप टूथब्रश के ऊपर टूथपेस्ट की एक छोटी या पर्याप्त मात्रा लगाएं और सुनिश्चित करें कि यह ब्रिसल्स के बीच भी पहुंचता है। याद रखें कि टूथपेस्ट केवल स्वाद और ताजगी के लिए है। मुख्य रूप से क्लीनिंग ब्रश करने की तकनीक पर निर्भर करती है।

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मिथक 3 : अधिक समय तक ब्रश करना दांतों के लिए हेल्दी है।

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सच्चाई : कुछ लोग यह सोचते हैं कि जितने अधिक समय तक ब्रश किया जाता है, दांत उतनी ही अच्छी तरह से क्लीन होते हैं। हालांकि, अधिकतम पांच मिनट तक ब्रश करना पर्याप्त है। डेंटल एक्सपर्ट, विशेष रूप से मुंह के अंदर बाईं ओर बचे हुए फूड पार्टिकल्स के कारण बैक्टीरिया के विकास से बचने के लिए रात में दांतों को ब्रश करने की सलाह देते हैं। बैक्टीरिया ग्रोथ एनेमल को डैमेज करते हैं, जिसके कारण टूथ कैविटी आदि की समस्या हो सकती हैं।

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मिथक 4 : ओरल हेल्थ से सेहत को नहीं पड़ता कोई असर।

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सच्चाई : अगर आप यह सोचती हैं कि ओरल हेल्थ का आपकी ओवर ऑल हेल्थ से कोई लेना-देना नहीं है, तो आप गलत है। वास्तव में, ओरल हेल्थ आपकी ओवर ऑल का एक अच्छा संकेतक है, और बैड ओरल हाईजीन आपके शरीर के अन्य हिस्सों में बीमारी के लिए आपके जोखिम को बढ़ा सकती है। मसूड़ों की बीमारी के कारण हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है और यह मधुमेह वाले लोगों को अधिक प्रभावित कर सकता है। वहीं, बैक्टीरिया और अन्य रोगाणु रक्त प्रवाह के माध्यम से मुंह से शरीर के अन्य क्षेत्रों में फैल सकते हैं। इससे आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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मिथक 5 : बच्चों में कैविटीज इतना सीरियस नहीं है।

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सच्चाई : बच्चों में भी ओरल हेल्थ उतना ही महत्वपूर्ण है, भले ही उनके दांत बचपन में टूटते हैं। Tooth decay और कैविटी बच्चों को भी उतना ही नुकसान पहुंचा सकते हैं, जितना ही एक व्यस्क को। इसके अलावा, अगर बच्चे कम उम्र में अपने दांतों की देखभाल करना नहीं सीखते हैं, जबकि उन्हें अभी बेबी टीथ ही हैं, तो बड़े होने के बाद गुड ओरल हेल्थ हैबिट्स का पालन करना उनके लिए मुश्किल होगा। इसलिए, अपने बच्चों को डेंटल प्रोफेशनल की सलाह के अनुसार रोजाना ब्रश और फ्लॉस करने के लिए प्रोत्साहित करें।

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