
प्रीडायबिटीज को अक्सर लोग सिर्फ 'बॉर्डरलाइन शुगर' समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। यह वह शुरुआती चेतावनी है, जो साफ संकेत देती है कि शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ है। अगर इस स्टेज पर लापरवाही बरती जाए, तो आगे चलकर यही कंडीशन डायबिटीज ही नहीं, बल्कि दिल की गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है।
हाल ही में द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर प्रीडायबिटीज के लेवल पर ही ब्लड शुगर को नॉर्मल कर लिया जाए, तो हार्ट अटैक और समय से पहले मौत का खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि प्रीडायबिटीज को नजरअंदाज करना कितनी बड़ी भूल साबित हो सकती है।
इंदौर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर मनोज बंसल भी मानते हैं कि समय रहते छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप अपने दिल को लंबे समय तक हेल्दी रख सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि प्रीडायबिटीज क्या है, यह दिल के लिए क्यों खतरनाक साबित हो सकती है और किन आसान लेकिन असरदार उपायों से आप न सिर्फ प्रीडायबिटीज, बल्कि हार्ट अटैक के खतरे से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

प्रीडायबिटीज कोई बीमारी नहीं है। यह एक ऐसी कंडीशन है, जब शरीर में ब्लड शुगर का लेवल नॉर्मल से ज्यादा होने लगता है, लेकिन इतना भी नहीं होता कि इसे डायबिटीज कहा जाए। अगर प्रीडायबिटीज में सावधानी बरती जाए तो डायबिटीज होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डॉक्टर मनोज बंसल के अनुसार, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और LDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना दिल को हेल्दी रखने का सबसे असरदार फॉर्मूला है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाई बीपी और LDL कोलेस्ट्रॉल दिल की नलियों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन प्रीडायबिटीज से दिल की नलियों में सूजन और दिल पर दबाव बढ़ जाता है।

प्रीडायबिटीज होने के साफ लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए इसे साइलेंट कंडीशन भी कहा जा सकता है। यदि प्रीडायबिटीज होने पर मरीज ब्लड शुगर लेवल 97 mg/dL लाने का प्रयास करें, तो भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- क्या डायबिटीज जितनी गंभीर नहीं होती है Pre-Diabetes ? एक्सपर्ट से जानें
प्रीडायबिटीज होने के संकेत मिलते ही अक्सर लोग दवा लेना शुरू कर देते हैं। यह काफी हद तक फायदेमंद भी है, लेकिन इस दौरान लाइफस्टाइल में सुधार करने से कंडीशन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए आपको डेली रूटीन में इन चीजों को शामिल करना होगा-
इन उपायों से ब्लड शुगर को लगभग 97 mg/dL तक लाया जा सकता है। इससे न सिर्फ डायबिटीज का खतरा कम होता है, बल्कि दिल भी हेल्दी रहता है।

जी हां, प्रीडायबिटीज एक साइलेंट अलार्म है। इसे अनसुना न करें, क्योंकि इसे सही समय पर कंट्रोल करने से सेहत और जिंदगी दोनों को बचाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- जानें Glucose Challenge Test क्या होता है और इसकी जरूरत कब पड़ती है
हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।