can prediabetes lead to heart problems

Prediabetes है साइलेंट अलार्म: समय रहते संभल जाएं नहीं तो आ सकता है हार्ट अटैक

प्रीडायबिटीज को सिर्फ बॉर्डरलाइन शुगर समझना भारी भूल हो सकती है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि यह साइलेंट कंडीशन कैसे दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाती है और साथ ही डॉक्‍टर मनोज बंसल से शुगर को कंट्रोल और दिल को हेल्‍दी रखने के उपाय।
Editorial
Updated:- 2026-01-01, 11:30 IST

प्रीडायबिटीज को अक्सर लोग सिर्फ 'बॉर्डरलाइन शुगर' समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। यह वह शुरुआती चेतावनी है, जो साफ संकेत देती है कि शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ है। अगर इस स्टेज पर लापरवाही बरती जाए, तो आगे चलकर यही कंडीशन डायबिटीज ही नहीं, बल्कि दिल की गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है।

हाल ही में द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर प्रीडायबिटीज के लेवल पर ही ब्लड शुगर को नॉर्मल कर लिया जाए, तो हार्ट अटैक और समय से पहले मौत का खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि प्रीडायबिटीज को नजरअंदाज करना कितनी बड़ी भूल साबित हो सकती है।

इंदौर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्‍टर मनोज बंसल भी मानते हैं कि समय रहते छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप अपने दिल को लंबे समय तक हेल्‍दी रख सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्‍यम से हम विस्तार से जानेंगे कि प्रीडायबिटीज क्या है, यह दिल के लिए क्यों खतरनाक साबित हो सकती है और किन आसान लेकिन असरदार उपायों से आप न सिर्फ प्रीडायबिटीज, बल्कि हार्ट अटैक के खतरे से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

what is prediabetes

प्रीडायबिटीज क्या है?

प्रीडायबिटीज कोई बीमारी नहीं है। यह एक ऐसी कंडीशन है, जब शरीर में ब्लड शुगर का लेवल नॉर्मल से ज्यादा होने लगता है, लेकिन इतना भी नहीं होता कि इसे डायबिटीज कहा जाए। अगर प्रीडायबिटीज में सावधानी बरती जाए तो डायबिटीज होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रीडायबिटीज कब होती है?

  • फास्टिंग शुगर: 100-125 mg/dL
  • HbA1c: 5.7%-6.4%
  • खाने के 2 घंटे बाद शुगर (OGTT): 140-199 mg/dL

प्रीडायबिटीज दिल के लिए क्यों खतरनाक है?

डॉक्‍टर मनोज बंसल के अनुसार, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और LDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना दिल को हेल्‍दी रखने का सबसे असरदार फॉर्मूला है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि हाई बीपी और LDL कोलेस्ट्रॉल दिल की नलियों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन प्रीडायबिटीज से दिल की नलियों में सूजन और दिल पर दबाव बढ़ जाता है।

Prediabetes and heart

प्रीडायबिटीज होने के साफ लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए इसे साइलेंट कंडीशन भी कहा जा सकता है। यदि प्रीडायबिटीज होने पर मरीज ब्लड शुगर लेवल 97 mg/dL लाने का प्रयास करें, तो भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।

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दवा नहीं, रूटीन है असली इलाज

प्रीडायबिटीज होने के संकेत मिलते ही अक्सर लोग दवा लेना शुरू कर देते हैं। यह काफी हद तक फायदेमंद भी है, लेकिन इस दौरान लाइफस्टाइल में सुधार करने से कंडीशन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए आपको डेली रूटीन में इन चीजों को शामिल करना होगा-

इन उपायों से ब्लड शुगर को लगभग 97 mg/dL तक लाया जा सकता है। इससे न सिर्फ डायबिटीज का खतरा कम होता है, बल्कि दिल भी हेल्‍दी रहता है।

exercise to control prediabetes

जी हां, प्रीडायबिटीज एक साइलेंट अलार्म है। इसे अनसुना न करें, क्योंकि इसे सही समय पर कंट्रोल करने से सेहत और जिंदगी दोनों को बचाया जा सकता है।

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